चीन ने किया सेनकाकू द्वीप पर दावा, जापान ने जवाब देने के लिए भेजे फाइटर जेट्स
टोक्यो। भारत के बाद अब जापान के साथ चीन का तनाव बढ़ रहा है। चीन ने जापान के हिस्से में पड़ने वाले सेनकाकू द्वीप पर अपना दावा पेश कर दिया है। इस के बाद दोनों देश आमने-सामने हैं। जैसे ही इस बात की खबर मिली कि फुजियान स्थित मिलिट्री बेस से चीनी फाइटर जेट्स टेक ऑफ कर रहे हैं, जापान ने अपने फाइटर जेट्स को तुरंत रवाना कर दिया। जापान टाइम्स ने सोमवार को सरकार के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।

सुबह से लेकर रात तक पेट्रोलिंग
सेनकाकू द्वीप, ईस्ट चाइना सी पर आता है और सेनकाकू द्वीप इसका ही हिस्सा है। सूत्रों की ओर से बताया गया है कि एयर सेल्फ डिफेंस की तरफ से लगातार फाइटर जेट्स, ईस्ट चाइना सी पर उड़ान भर रहे हैं। ये जेट्स सूरज उगने पर पेट्रोलिंग शुरू करते हैं और फिर सूरज ढलने तक चीन की हरकतों पर नजर रखते हैं। जापान ने पिछले वर्ष अपनी नीति में बदलाव किया था। इस नई नीति के तहत सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि जैसे ही चीनी फाइटर जेट्स उसके एयरस्पेस में नजर आएंगे, जापान के फाइटर जेट्स को भेजा जाएगा।

अलर्ट मोड पर जापान की मिलिट्री
चीन के फाइटर जेट्स जो सेनकाकू के करीबी गश्त करते हैं, वह पहले झेजियांग प्रांत से उड़ान भरते थे। लेकिन अब चीन ने अपना मिलिट्री बेस द्वीप के एकदम करीब कर लिया है। सेनकाकू पर बीजिंग भी अपनाप दावा जताता है। जापान, इस द्वीप के करीबी 380 किलोमीटर तक की सीमा को नियंत्रित करता है। इतनी दूरी को चीन का जे-11 फाइटर जेट बस 20 मिनट में ही तय कर सकता है। जबकि जापान की एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स का ओकिनावा प्रांत में स्थित बेस द्वीप से करीब 410 किलोमीटर है। इस दूरी को एफ-15 फाइटर जेट्स कवर करने में 25 मिनट तक समय लगता है।

लगातार आ रही चीनी घुसपैठ में तेजी
जापान की सरकार के सूत्रों के मुताबिक ऐसे में यह काफी अहम है कि जैसे ही चीन के फाइटर जेट्स अपने एयरबेस से निकलें तो उन्हें जापान के एयरस्पेस में दाखिल होने से रोकने के लिए तुरंत ही प्रतिक्रिया देनी होगी। जापान की एयर सेल्फ डिफेंस की तरफ से हालांकि अभी तक इस पर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। पहले बताया जा रहा था कि जापान की तरफ से दो एफ-15 जेट्स को रवाना किया गया था। लेकिन जो नई जानकारी आई है उसके मुताबिक चार फाइटर जेट्स को भेजा गया था। जापान ने साल 2018 में 638 बार और साल 2017 में 675 बार फाइटर जेट्स चीन के खिलाफ भेजे थे।

जापान को उकसा रहा है चीन
चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से शांत बैठे जापान को परेशान करना शुरू कर दिया है। जापान के नियंत्रण वाले सेनकाकू द्वीप पर चीनी जहाजों ने अप्रैल से अब तक कई बार घुसपैठ की है। अप्रैल माह से जून के बीच चीनी नौसेना के जहाजों ने 67 बार सेनकाकू के करीब घुसपैठ की थी। जापान की एनएचके न्यूज के मुताबिक ओकिनावा में आए एक बिल के बाद पिछले दिनों द्वीप का नाम तोनोशिरो सेनकाकू हो गया है ताकि इशीगाकी पर स्थित दूसरे द्वीप के साथ किसी तरह का कोई भ्रम न होने पाए। यह द्वीप जापान की राजधानी टोक्यो से 1200 मील यानी 1,931 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में है। जापान इस पर सन् 1972 से ही शासन कर रहा है। लेकिन चीन हमेशा इस पर अपना दावा जताता है।












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