रूस ने जापानी दूत को जासूसी के आरोप में पकड़ा, आंखों पर पट्टी बांधकर पूछे सवाल, बेहद नाराज हुआ जापान
रूस ने एक जापानी राजनयिक को संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश के आरोप में हिरासत में ले लिया है। रूस के इस कदम से जापान बुरी तरह नाराज हो गया है। जापान ने रूस के जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया है।
टोक्यो, 27 सितंबरः रूस ने एक जापानी राजनयिक को संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश के आरोप में हिरासत में ले लिया है। रूस के इस कदम से जापान बुरी तरह नाराज हो गया है। जापान ने रूस के जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही जापान ने राजनयिक की आंखों पर पट्टी बांधकर नीचे गिराने का जैसे दुर्व्यवहार के लिए रूस से माफी की मांग की है।

रूस ने पैसा लेकर जानकारी हासिल करने का लगाया आरोप
इससे पहले रूस की एजेंसियों ने संघीय सुरक्षा सेवा के हवाले से एक खबर में कहा था कि 'पैसे लेकर संवेदनशील जानकारी लेते हुए जापान के राजनयिक को रंगे हाथों पकड़ा गया है। वह रूस के बारे में ऐसी जानकारी हासिल कर रहा था, जिसे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में किसी अन्य देश के साथ साझा करने पर रोक है।' रूस की संघीय सुरक्षा सेवा ने आरोप लगाया कि पूर्वी व्लादिवोस्तोक शहर में पदस्थ वाणिज्य दूत मोतोकी तत्सुनोरी ने पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रभाव से जुड़ी जानकारी भी हासिल करने की कोशिश की।

दूत के साथ हुई बदसलूकीः जापान
जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि एक अधिकारी को 22 सितंबर को हिरासत में लिया गया था और उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर पूछताछ की गई थी। इस दौरान उसके दोनों हाथों और सिर पर दबाव डाला गया था, इसलिए हिरासत में लिए जाने के दौरान वह हिलने-डुलने में असमर्थ था, और फिर उससे रोबदार तरीके से पूछताछ की गई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूसी अधिकारियों द्वारा किए इन अविश्वसनीय कृत्यों का कड़ा विरोध करते हैं और विरोध करते हुए माफी की मांग करते हैं।

जापान ने रूसी राजदूत को किया तलब
जापान के विदेश मंत्रालय ने विरोध दर्ज कराने के लिए मंगलवार को रूसी राजदूत मिखाइल गालुजिन को तलब किया। विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी ने संवाददाताओं से कहा कि एक कौंसल को हिरासत में लेना और उससे पूछताछ करना "कांसुलर संबंधों पर वियना कन्वेंशन का स्पष्ट उल्लंघन है।" जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाज़ु मात्सुनो ने कहा कि जापान के उप विदेश मंत्री ताकियो मोरी ने रूसी राजदूत को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने रूस की सरकार से घटना पर औपचारिक माफी और ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए कदम उठाने की मांग की है।

जापानी दूत को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश
वहीं, रूस के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को मॉस्को में जापान के दूतावास को सूचना दी थी कि अधिकारी को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित किया गया है और गरैकानूनी जासूसी गतिविधियों में लिप्त होने के चलते उसे 48 घंटे में देश छोड़ने को कहा गया है। सुरक्षा सेवा ने एक छोटा वीडियो भी जारी किया, जिसमें कहा कथित तौर पर राजनयिक को यह स्वीकार करते हुए दिखाया गया है कि उसने रूसी कानूनों का उल्लंघन किया है।

जापान को शत्रु देश मानता है रूस
गौरतलब है कि रूस के 24 फरवरी को यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई शुरू करने के खिलाफ जापान के रूप पर प्रतिबंध लगाने के बाद से उसने कई बार जापान को 'शत्रु' देश बताया है। अमेरिका, यूरोपीय संघ के देशों और उनके पश्चिमी सहयोगियों को भी रूस यही कहता है। फरवरी में यूक्रेन पर आक्रमण से पहले टोक्यो के मास्को के साथ जटिल संबंध थे, और दोनों पक्षों ने अभी तक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की शांति संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। रूस द्वारा नियंत्रित द्वीपों और जापान द्वारा उन पर किए गए दावे के कारण इन दोनों देशों में लंबे समय से विवाद चल रहा है।












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