India-Canada Row: 'खालिस्तानी की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के सबूत दे कनाडा', लंदन में बोले जयशंकर
भारत और कनाडा के बीच रिश्ते सितंबर से तनावपूर्ण हैं। इसके पीछे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित संलिप्तता का आरोप है। इन तनावपूर्ण स्थिति के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अहम बयान दिया।
उन्होंने कहा कि भारत उस देश में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या में भारतीय सरकारी एजेंटों की संलिप्तता के संबंध में कनाडा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच से इनकार नहीं कर रहा है। हालांकि, जयशंकर ने कनाडा से अपने दावों के समर्थन में सबूत उपलब्ध कराने को कहा है।

दरअसल, ब्रिटेन की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान जयशंकर ने लंदन में एक वरिष्ठ पत्रकार लियोनेल बार्बर के साथ 'हाउ ए बिलियन पीपल सी द वर्ल्ड' पर बातचीत के दौरान ये टिप्पणियां कीं। एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि कनाडा ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए भारत के साथ कोई सबूत साझा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर आपके पास ऐसा आरोप लगाने का कोई कारण है, तो कृपया सबूत साझा करें क्योंकि हम जांच से इनकार नहीं कर रहे हैं।
2020 में भारत ने निज्जर को किया था आतंकवादी घोषित
ब्रिटिश कोलंबिया में 18 जून को खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की "संभावित" संलिप्तता के सितंबर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंध गंभीर तनाव में आ गए। भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था।
भारत ने ट्रूडो के आरोपों को "बेतुका" बताया
जयशंकर ने कनाडा में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाषण की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक निश्चित जिम्मेदारी के साथ आती है और उन स्वतंत्रताओं का दुरुपयोग और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उस दुरुपयोग को बर्दाश्त करना बहुत गलत होगा।












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