इजरायल में 2019 के बाद आज पांचवी बार हो रहा चुनाव, मोदी के 'दोस्त' नेतन्याहू बोले- फिर से आ रहा हूं
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ मतदान किया। नेतन्याहू जीत के प्रति आश्वस्त दिखे। उन्होंने कहा कि हम मुस्कान के साथ दिन का अंत करने जा रहे हैं।
इजरायल में पांच सालों में चौथी बार चुनाव हो रहा है। चुनाव की वोटिंग आज सुबह 7 बजे शुरू हुई है जो कि रात 10 बजे तक चलेगी। कल बुधवार तक इसके रिजल्ट आने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, जो भी ओपिनियन पोल आए हैं, उससे संभावना यही बन रही है, इस बार भी इजरायल में राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी और किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं होगा। हालांकि कुछ सर्वे के मुताबिक इस बार पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के फिर से सत्ता हासिल करने की संभावना बन रही है। नेतन्याहू ने आज पत्नी के साथ मतदान भी किया। उन्होंने दावा किया कि वे फिर से पीएम बनने जा रहे हैं।

फिर से पीएम बन सकते हैं बेंजामिन नेतन्याहू
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को स्पष्ट बहुमत तो मिलता नहीं दिख रहा, लेकिन सहयोगी दलों के सहारे वे सरकार बनाने में कामयाब हो सकते हैं। बेंजामिन नेतन्याहू पर यूं तो भ्रष्टाचार के आरोप हैं मगर फिर भी पीएम पद के लिए वहीं फेवरेट बताए जाते हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि बाकी पार्टियां उन्हें रोकने के लिए चुनाव लड़ रही हैं। इजरायल में आमतौर पर 120 सदस्यीय केसेट में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने का ट्रेंड रहा है। नेतन्याहू ने 2009 के बाद पहली बार प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश की है। उन्हें उम्मीद है कि उन्हें सत्ता-विरोधी लहर का फायदा मिलेगा क्योंकि वैचारिक रूप से अलग-अलग राजनीतिक दलों का कमजोर गठबंधन, जो नेतन्याहू के विरोध में बनाया गया था, लंबे समय तक टिक नहीं पाया है।

यायल लैपिड भी दे रहे कड़ी टक्कर
हालांकि इजरायल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री यायर लैपिड भी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। जून में पदभार ग्रहण करने के बाद सीमीत समय में लेबनान के साथ समुद्री समझौता जैसे उन्होंने कुछ अच्छे फैसले लिए हैं जिसका उन्हें फायदा भी मिल सकता है। पोल का ऐसा अनुमान है कि लैपिड की येश एटिड पार्टी लिकुड के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी हो सकती है। वहीं इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नैफताली बेन्नेट ने इस बार खुद को चुनाव से दूर कर लिया है, वे नहीं लड़ने वाले हैं।

तीसरे नंबर पर रही सकती है अरब विरोधी पार्टी
धार्मिक जियोनिज्म पार्टी के सह-नेता का अरब विरोधी बयानबाजी का लंबा इतिहास रहा है। उन्हें एक आतंकी समूह को उकसाने और उसका समर्थन करने के लिए सजा भी मिल चुकी है। सर्वे के मुताबिक जियोनिज्म पार्टी संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। इस पार्टी ने खुलकर नेतन्याहू का समर्थन करने का वायदा किया है। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ मतदान किया। नेतन्याहू जीत के प्रति आश्वस्त दिखे। उन्होंने कहा कि हम मुस्कान के साथ दिन का अंत करने जा रहे हैं, हालांकि ये लोगों की इच्छा पर निर्भर करता है।

अरब मतदाता चुनाव के प्रति हैं उदासीन
इजरायल में अगली सरकार की संभावना दो कारकों पर टिकी हुई है। पहला दक्षिणपंथी ध्रुवीकरण, जिसके अनुभवी नेता नेतन्याहू के पक्ष में होने की पूर्ण संभावना नहीं है। दूसरा मतदाताओं की उदासीनता खासकर अरब क्षेत्र में। अगर अरब मतदाता वोट देने के लिए घर से बाहर निकलते हैं, तो फिर मौजूदा गठबंधन सरकार वापसी कर सकती है और अगर वो वोट नहीं देते हैं, तो फिर नेतन्याहू को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है।












Click it and Unblock the Notifications