2 घंटे और... गाजा में घुस जाएंगे 10 हजार सैनिक, याह्या सिनवार को मारने के लिए क्यों बेताब है इजराइली सेना?
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रही जंग नौवें दिन और विनाशकारी साबित हो सकती है। इजराइल डिफेंस फोर्स ने सुरंगों में बने हमास के ठिकानों पर हमला तेज कर दिया है। इस बीच इजराइली सेना ने तीनों ओर से (एयर फोर्स, नेवी और आर्मी) गाजा पर हमला करने को तैयार है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) बड़े ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन अमेरिकन अभी इस ऑपरेशन को लेकर झिझक रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका से हरी झंडी मिलने में हो रही देरी की वजह से इजराइल का ग्राउंड ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहा है।

गाजा पट्टी के खाली होने तक अमेरिका तैयार नहीं है। इसके साथ ही अमेरिका हमले से पहले मिडिल-ईस्ट को भरोसे में लेना चाहता है। हालांकि इस बीच शनिवार को 24 घंटे पूरे हो जाने के बाद आज रविवार को इजराइली सेना ने गाजा के निवासियों को आखिरी अल्टीमेटम दे दिया है। उन्हें 3 घंटे के भीतर उत्तरी गाजा खाली करने को कहा गया है।
इजराइली सेना के अल्टीमेटम के एक घंटे पूरे हो गए हैंं। और इसे पूरा खत्म होने में अब 2 घंटे और बाकी हैं। समय सीमा खत्म हो जाने के बाद इजरायली सेना गाजा में तबाही मचाने घुस जाएगी। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, 10 हजार सैनिक जमीनी हमले के लिए गाजा बॉर्डर पर तैनात किया गया है।
बताया जा रहा है कि इजरायली सेना का मकसद हमास नेता याह्या सिनवार को मारना है। सिनवार को ही 7 अक्टूबर के हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है। ऐसा कहा जा रहा है कि हमास नेता याह्या सिनवार को मारने के लिए ही 10 हजार इजरायली सेना गाजा पट्टी में भेजे जा रहे हैं।
इज़रायली रक्षा बलों (आईडीएफ) के एक प्रवक्ता ने सिनवार को फिलिस्तीन का 'ओसामा बिन लादेन' बताते हुए उसे 'बुराई का चेहरा' बताया था।
यूके डेली मेल के हवाले से आईडीएफ ने कहा, हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हम उसे ढूंढकर मार नहीं देते। वह आदमी और उसकी पूरी टीम हमारी नजर में है।
आपको बता दें कि याह्या सिनवार गाजा में फलस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास का सबसे बड़ा नेता है। 2015 में याह्या को अमेरिका ने आतंकी घोषित किया था। याह्या सिनवार ने 2017 में इस्माइल हनिया से राजनीतिक शाखा के प्रमुख का पदभार लिया था।
सिनवार हमास के सहसंस्थापकों में से एक है। सिनवार की इजरायल को लंबे समय से तलाश है। दो इजरायली सैनिकों की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद सिनवार करीब 22 साल तक इजरायल की एक जेल में बंद रहा लेकिन वर्ष 2011 में अपहृत इजरायली सैनिक गिलाद शालित की अदला-बदली में उसे छोड़ दिया गया।
हमास के नेताओं में सिनवार को बेहद कट्टरपंथी विचारधारा का माना जाता है। वह इजराइल के साथ किसी भी शांति प्रक्रिया के खिलाफ रहता है। रॉयटर्स के मुताबिक हमले का फैसला दीफ और याह्या सिनवार ने मिलकर किया था।
इससे पहले इजरायली सेना ने कहा था कि उसने जारी युद्ध के बीच हमास के दो अन्य कमांडरों को मार गिराया है। रविवार को, सेना ने कहा कि उसने हमास के एक और कमांडर को मार गिराया, जिसने दो इजरायली सीमावर्ती गांवों निरिम और निर ओज़ पर जानलेवा हमलों का नेतृत्व किया था।












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