Israel-Hamas War: इजराइल ने गाजा पट्टी में अलजजीरा के पत्रकार को मारा, हमास के साथ जोड़ा रिश्ता
Israel kills Al Jazeera journalist: इजराइली सेना ने गुरुवार को पुष्टि की है, कि उसने गाजा में हवाई हमले में अल जजीरा के पत्रकार इस्माइल अल-घोल को मार दिया है।
इजराइली सरकार ने आरोप लगाया है, कि पत्रकार अल-घोल, इजराइल पर 7 अक्टूबर को हुए हमले में शामिल हमास का एक कार्यकर्ता था। हालांकि, इस दावे को पुष्ट करने के लिए इजराइल की तरफ से कोई सबूत नहीं दिया गया है।

इजराइल के आरोपों अल जजीरा ने खंडन किया है और उन्हें "निराधार" करार दिया है। अल जजीरा ने कहा है, कि ये आरोप उसके पत्रकारों की हत्या को सही ठहराने की कोशिश है। अल जजीरा नेटवर्क ने इस बात पर जोर दिया है, कि अल-घोल नवंबर 2023 से उनके लिए काम कर रहे थए और उनका किसी भी आतंकवादी संगठन से कोई संबंध नहीं था।
अल जजीरा ने मार्च में हुई एक पिछली घटना का भी जिक्र किया है, जब अल-घोल को इजराइली सेना ने अल-शिफा अस्पताल में हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया था, जिसके बारे में अल जजीरा का तर्क है, कि इजराइल उनके हमास के साथ रिश्ते जोड़कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
आपको बता दें, कि अल घोल के कैमरामैन रामी एल रिफी की भी इजराइली स्ट्राइक में मौत हो गई और ये हमला उस वक्त किया गया, जब वे हमास प्रमुख इस्माइल हानिया के आवास के पास से रिपोर्टिंग कर रहे थे, जो उसी दिन ईरान में मारा गया था। अल जजीरा ने इजरायली सेना की कार्रवाई की निंदा की है और कानूनी उपाय पर विचार कर रहा है।
आपको बता दें, कि इजराइली सरकार पहले ही अल जजीरा को देश के अंदर काम करने पर बैन लगा चुकी है और इजराइल ने कहा था, कि अल जजीरा की रिपोर्टिंग से उसकी सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। इजराइल के इस आरोप को भी अल जजीरा ने नकार दिया था। वहीं, गाजा स्थित हमास सरकार के मीडिया कार्यालय ने बताया है, कि 7 अक्टूबर से अब तक इजराइली गोलीबारी में मारे गए फिलिस्तीनी पत्रकारों की संख्या 165 हो गई है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, हमास के कतर स्थित सार्वजनिक चेहरे इस्माइल हानिया की ईरान में हत्या कर दी गई, जो इजराइल और फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच चल रहे युद्ध में एक निर्णायक क्षण हो सकता है।
हानिया की हत्या से पहले इजराइल ने हमास की सैन्य शाखा के एक शीर्ष नेता मोहम्मद देफ की भी 13 जुलाई को गाजा हवाई हमले में मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजराइल से बदला लेने की कसम खाई है और हत्या को "कठोर सजा" कहते हुए और प्रतिशोध का वादा किया है। ईरानी सर्वोच्च नेता की सार्वजनिक धमकी बाद अमेरिका ने अपने फाइटर जेट्स, एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट में भेजने की घोषणा कर दी है, ताकि किसी भी ईरानी हमले को रोका जा सके।












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