गाजा पट्टी के सबसे बड़े अस्पताल में घुसी इजराइली सेना, हमास ने बाइडेन प्रशासन को बताया गुनहगार

Israel-Hamas War: बुधवार सुबह-सुबह इजराइली सेना ने कहा है, कि वे गाजा शहर के सबसे बड़े अस्पताल, अल-शिफ़ा के एक "निश्चित हिस्से" में प्रवेश कर गए हैं। इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) का दावा है, कि हमास आतंकवादी समूह अस्पताल के अंदर एक कमांड सेंटर बनाए हुए है।

इजराइली डिफेंस फोर्स ने कहा है, कि "सेना का ये ऑपरेशन खुफिया जानकारी और ऑपरेशनल जरूरतों पर आधारित है।" आईडीएफ ने बयान में कहा, ऑपरेशन का उद्देश्य अस्पताल में मरीजों, चिकित्सा कर्मचारियों या नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं है।

Al-Shifa hospital

अस्पताल में दाखिल हुई इजराइली सेना

आईडीएफ ने आगे कहा, कि "ऑपरेशन से पहले मरीजों और शरण लेने वालों को अस्पताल से बाहर निकालने का प्रयास किया गया था और एक विशेष गलियारा भी खोला गया था।" सेना ने कहा, कि आईडीएफ के परिसर में प्रवेश करने से पहले अल-शिफा अस्पताल के प्रबंधन को सतर्क कर दिया गया था। आईडीएफ ने आश्वासन दिया है, कि ऑपरेशन के बाद इनक्यूबेटर, चिकित्सा उपकरण और शिशु आहार को अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने अल जजीरा को बताया, कि उसे तटीय इलाके के सबसे बड़े अस्पताल में आईडीएफ के छापे के बारे में सूचित किया गया था।

आपको बता दें, कि अल-शिफ़ा अस्पताल, अब 2023 इज़राइल-हमास युद्ध के केंद्र में से एक है, जो हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर को इज़राइल पर हुए हमलों से शुरू हुआ था, जिसमें दक्षिणी इज़राइल में 1,200 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे।

इजराइल ने गाजा पट्टी पर हवाई हमलों और मिसाइल हमलों से जवाबी कार्रवाई की है, जिसमें 11,000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

हमास ने मंगलवार को चेतावनी दी थी, कि अस्पताल पर हमले से निर्दोष फिलिस्तीनी नागरिकों का नरसंहार होगा। हालांकि, इजराइल ने हमास पर इन्हीं नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

इजराइली सेना के अधिकारियों ने कहा, कि उन्होंने चिकित्सा केंद्र में प्रवेश कर लिया है और वो पूरी कोशिश कर रहा है, कि किसी भी नागरिक, मरीज या फिर अस्पताल से संबंधित कर्मचारियों को कोई नुकसान ना हो। इजराइली सेना ने कहा है, कि हमास ने कई आम नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया है, लेकिन उसकी कोशिश ये है, कि किसी आम नागरिक को कोई नुकसान ना हो।

आईडीएफ ने कहा, "हम अस्पताल में मौजूद सभी हमास आतंकवादियों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान करते हैं।" रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही आईडीएफ सैनिक अस्पताल परिसर में दाखिल हुए, जोरदार विस्फोटों की आवाज सुनी गई।

वहीं, आतंकी समूह हमास ने अमेरिका पर हमले के लिए हरी झंडी देने का आरोप लगाया है। इसने इस आईडीएफ ऑपरेशन के दौरान होने वाली मौतों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को दोषी ठहराया है।

हमास ने दावा किया, कि "हम अल-शिफा चिकित्सा परिसर पर हमले के लिए कब्जे (इजराइल) और राष्ट्रपति बाइडेन को पूरी तरह से जिम्मेदार मानते हैं।" हमास ने कहा, कि "व्हाइट हाउस और पेंटागन द्वारा कब्जे के झूठे दावे को अपनाने से कि प्रतिरोध अल-शिफा चिकित्सा परिसर का उपयोग सैन्य उद्देश्यों के लिए कर रहा है, उसने नागरिकों के खिलाफ और नरसंहार करने के लिए हरी झंडी दे दी है।"

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