पहली बार यूक्रेन को बर्बाद कर रूस को हो रहा है पछतावा! 'हम भी तबाह हो गए'
मॉस्को, 8 अप्रैल: रूस ने पहली बार माना है कि यूक्रेन के खिलाफ उसने जो कार्रवाई की है, उसकी वजह से उसे सैनिकों का बहुत ज्यादा नुकसान भुगतना पड़ा है और पाबंदियों के चलते उसके सामने बहुत बड़ी तबाही खड़ी हुई है। यूक्रेन के बुचा में हुए नागरिकों के कत्लेआम के चलते रूसी राष्ट्रपति पुतिन की पूरी दुनिया में थू-थू हो रही है। ऐसे में रूस की ओर से किसी ना किसी रूप में नुकसान की बात कबूल करना इस लड़ाई के चलते उसकी भी कमर टूटने बहुत बड़ा प्रमाण है। लेकिन, बड़ा सवाल है कि तबाही की बात मानने के बावजूद क्या रूस, यूक्रेन में हमले रोकने के लिए तैयार होगा? जिसे वह अबतक 'विशेष सैन्य अभियान' बता रहा है।

'यह हमारे लिए बहुत बड़ी तबाही है'
यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद अबतक के युद्ध का आकलन करने के बाद रूस ने पहली बार माना है कि इस लड़ाई में यूक्रेन को जलाने के चक्कर में उसके भी हाथ झुलस चुके हैं। शुक्रवार को रूस ने माना है कि इस युद्ध में उसे 'सैनिकों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है' और पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए गंभीर आर्थिक प्रतिबंध उसके लिए 'तबाही' साबित हो रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मौतों की बढ़ती संख्या पर अफसोस जाहिर किया और कबूल किया है कि उसके सैनिक क्रेमलिन की उम्मीदों के मुताबिक जल्द आगे बढ़ने में नाकाम रहे हैं। ब्रिटेन के चैनल स्काई न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, 'हमारे सैनिकों का बहुत ज्यादा नुकसान है।' वो बोले कि 'यह हमारे लिए बहुत बड़ी तबाही है।'

रूस मानवाधिकार काउंसिल से निलंबित
करीब 6 हफ्तों से जारी रूसी आक्रमण की वजह से लाखों यूक्रेनी बेघर हो चुके हैं और रूस की बढ़ती आक्रमकता के चलते इसके पूर्वी शहरों से भी लोगों का भागना जारी है। वैसे रूस शुरू से इस हमले को हमला नहीं, 'स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन' कह रहा है। यूक्रेन के बुचा में जिस तरह से आम नागरिकों का नरसंहार किया गया है, उसने पूरी दुनिया को हिला दिया है। संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने इसकी वजह से रूस को मानवाधिकार काउंसिल से निलंबित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने यूक्रेन में 'जारी मानवाधिकारों और मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई है।'

तीन दशकों में सबसे बड़ा आर्थिक संकट-रूसी प्रधानमंत्री
रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन ने भी स्वीकार किया है कि उनका देश पश्चिम के देशों की ओर से उसके खिलाफ लगाई गई पाबंदियों की वजह से तीन दशकों का सबसे मुश्किल आर्थिक संकट झेल रहा है। यूक्रेन से रूसी सैनिकों के वापस बुलाने के लिए रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए गुरुवार को अमेरिकी कांग्रेस ने भी उसके साथ सामान्य व्यापारिक संबंधों को समाप्त करने के लिए वोटिंग की है। इस कानून से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को रूस और उसके सहयोगी बेलारूस के खिलाफ शुल्क में भारी इजाफे का अधिकार मिल गया है। सीनेट में बहुमत के नेता चक स्कमर ने कहा है, 'यूक्रेन के खिलाफ हो रहे घृणित, घिनौने युद्ध अपराधों के लिए पूरी तरह से पुतिन को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए: उस देश से आई जो तस्वीरें हमने देखी हैं....वह पूरी तरह से दुष्टता है...' वो बोले- 'यह हमें मानवीय इतिहास की सबसे बुरे दौर की याद दिलाती हैं, जिसे कि पुतिन जैसे दुष्ट आदमी ने किया है...सैकड़ों नागरिकों की नृशंस हत्या कर दी गई है।'

क्या बुचा की घटनाओं से बैकफुट पर आएगा रूस ?
रूस का कहना है कि उसका 'विशेष सैन्य अभियान' यूक्रेन को असैनिकीकरण के लिए है, जिसको वह खारिज करता रहा है। लेकिन, यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी रूस के इस दावे को फर्जी बता रहे हैं। लेकिन, बुचा में नागरिकों की बर्बर हत्याओं ने रूस पर अंतराष्ट्रीय दबाव बढ़ा दिया है और अब यूक्रेन अपने सहयोगियों से रूस से तेल और गैस खरीदना रोकने के लिए कह रहा है। हालांकि, यूरोप में अभी तक इसपर पूरी तरह से एकता नहीं दिख रही है।












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