नहीं सुधरा ईरान: नैतिक पुलिस की पिटाई में कोमा में गई लड़की की मौत, हिजाब के लिए किया गया था टॉर्चर
Iran News: ईरान की इस्लामिक सरकार की क्रूर नीतियों की वजह से लड़कियों का जीना मुहाल हो रहा है और पिछले साल सितंबर महीने में 23 साल की महसा अमीनी की पुलिस की पिटाई में मौत होने के एक साल बाद, एक और लड़की की नैतिक पुलिस की पिटाई में मौत हो गई है।
ईरान की सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान के मेट्रो में देश की नैतिकता पुलिस ने ठीक से हिजाब नहीं पहनने पर जिस लड़की को हिरासत में लेकर पिटाई की थी, 16 साल की उस लड़की अर्मिता गेरवांड की मौत हो गई है।

आपको बता दें, कि अर्मिता गेरवांड को 1 अक्टूबर को ठीक से हिजाब नहीं पहनने की वजह से हिरासत में लिया गया था और उसकी पिटाई की गई थी। पुलिस की पिटाई की वजह से अर्मिता गेरवांड कोमा में चली हई और फिर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। हालांकि, पुलिस ने कहा है, कि लो ब्लड प्रेशर की वजह से लड़की बेहोश हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने मारपीट की बात से इनकार कर दिया है।
लेकिन, डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट में पुलिस के दावों की पोल खुल गई थी, क्योंकि अर्मिता गेरवांड के शरीर पर जख्म के कई निशान मिले हैं। पिछले साल महसा अमीनी की मौत के बाद भी पुलिस ने मारपीट की बात से इनकार कर दिया था, मगर डॉक्टरों की जांच में पता चला था, कि 23 साल की महसा अमीनी के सिर की कई हड्डियां टूट गईं थीं।
वहीं, 16 साल की अर्मिता गेरवांड की मौत के बाद एक बार फिर से ईरान में भारी विरोध प्रदर्शन होने की आशंका है। पिछले साल महसा अमीनी की मौत के बाद भी पूरे देश में करीब 2 महीने तक भारी विरोध प्रदर्शन चला था, जिसमें कई प्रदर्शकारियों की मौत हो गई थी। हालांकि, भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भी इस्लामिक सरकार ने हिजाब पहनने संबंधित कानून में कोई भी बदलाव नहीं किया था।

अर्मिता गेरवांड की रहस्यमयी मौत
अर्मिता गेरवांड को एक अक्टूबर को ईरान की नैतिक पुलिस ने हिरासत में लिया था और उसके दोस्तों का आरोप है, कि जिस मेट्रो स्टेशन से उसे हिरासत में लिया गया, वहां पुलिस ने अर्मिता गेरवांड के सिर को स्टेशन से टकराया था। वहीं, इस संबंधित तमाम वीडियो को पुलिस ने ब्लॉक कर दिया है और फिर अर्मिता गेरवांड के बॉडी को लेकर चले गये।
वहीं, अर्मिता गेरवांड के कोमा में जाने के बाद ईरान के सरकारी चैनल पर अर्मिता गेरवांड के माता-पिता का एक बयान जारी किया जाता है, जिसमें वो कहते दिखते हैं, कि उनकी बेटी लो ब्लड प्रेशर की बीमारी से ग्रसित थी और अकसर गिर जाती थी। हालांकि, नॉर्वे स्थित एक मानवाधिकार संगठन और विदेश में अन्य कार्यकर्ताओं ने कहा है, कि ईरान की नैतिकता पुलिस ने लड़की पर "हमला" किया था।
मानवाधिकार संगठनों का कहना है, कि अर्मिता गेरवांड को मेट्रो स्टेशन पर पीटा गया है और उसके माता-पिता को डरा-धमकाकर बयान लिया गया है।
आपको बता दें, कि पिछले साल महसा अमीनी की मौत के बाद हुए भारी विरोध प्रदर्शन के बाद इस साल ईरान सरकार ने हिजाब को लेकर नया कानून पारित किया है, जिसके तहत हिजाब नहीं पहनने पर 10 सालों की सजा का प्रावधान किया गया है।












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