Iran vs America War: ईरान के मार से सहमा ये देश, किया सरेंडर! बोला- अमेरिका को नहीं देंगे अपना एयरबेस
Iran vs America War: मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल गहरा रहे हैं और इसकी तपिश अब इराक और ब्रिटेन तक पहुंच गई है। इराक ने अमेरिका को अपने सैन्य बेस देने से साफ मना कर दिया है, क्योंकि उसे डर है कि वह ईरान और अमेरिका की जंग के बीच पिस सकता है।
वहीं, ईरान ने ब्रिटेन को खुली धमकी दी है कि अगर उसकी धरती का इस्तेमाल हमले के लिए हुआ, तो परिणाम गंभीर होंगे। तनाव के इस माहौल में हर देश अपनी संप्रभुता बचाने में जुटा है।

Middle East tension: इराक का अमेरिकी सेना को 'नो'
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने साफ कर दिया है कि वह अपने देश की जमीन पर किसी भी विदेशी सेना का विस्तार नहीं चाहते। उनका मानना है कि अमेरिकी सेना को और अधिक सैन्य बेस देना इराक की आजादी और संप्रभुता का अपमान होगा। इराक अब अपनी सुरक्षा खुद करने का दावा कर रहा है। वह नहीं चाहता कि अमेरिका और ईरान की आपसी दुश्मनी का अखाड़ा इराक बने, जिससे देश की शांति भंग हो।
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iran war update in hindi: संसद के फैसले का इंतजार
इराकी सरकार ने गेंद अब अपनी संसद के पाले में डाल दी है। सरकार का कहना है कि अमेरिकी बेस के मामले पर कोई भी बड़ा फैसला केवल जन-प्रतिनिधियों की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। इराक के भीतर अमेरिकी मौजूदगी को लेकर पहले ही काफी विरोध रहा है। जानकारों का कहना है कि इराक इस समय फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है ताकि क्षेत्र में बढ़ते किसी भी बड़े संघर्ष से खुद को दूर रख सके।
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ईरान की ब्रिटेन को सीधी धमकी
ईरान ने ब्रिटेन को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वह अपनी सीमा की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ब्रिटेन ने अपने सैन्य ठिकानों को अमेरिका के हवाले किया, तो इसे ईरान पर सीधा हमला माना जाएगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह केवल चुप नहीं बैठेगा, बल्कि अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने में भी संकोच नहीं करेगा।
सहमा हुआ है अमेरिका का ये साथी
ब्रिटेन इस समय दोहरी मुश्किल में फंसा नजर आ रहा है। एक तरफ उसका पुराना साथी अमेरिका है, तो दूसरी तरफ ईरान की सीधी मिसाइल मार की धमकी। ईरान की मारक क्षमता और सख्त रुख को देखते हुए ब्रिटेन के भीतर चिंता बढ़ गई है। उसे डर है कि अमेरिका का साथ देना उसे भारी पड़ सकता है और उसके सैन्य ठिकाने ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। फिलहाल ब्रिटेन तनाव कम करने के रास्ते तलाश रहा है।
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