Iran Vs America war: क्या थम जाएगी महाजंग? ईरान ने पाकिस्तान के हाथ भेजा अमेरिका को 'सीक्रेट' मैसेज
Iran Vs America War: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब बातचीत की मेज पर आता दिख रहा है। अमेरिका ने जंग खत्म करने के लिए ईरान को 14 शर्तों वाला एक प्रस्ताव भेजा था, जिसका जवाब ईरान ने अब पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचा दिया है। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ईरान का कहना है कि वह समुद्री सुरक्षा और दुश्मनी खत्म करने के पक्ष में है। अगर यह समझौता सफल होता है, तो लंबे समय से चल रही समुद्री नाकेबंदी खत्म हो सकती है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी।

क्या है अमेरिका का 14 सूत्रीय प्रस्ताव?
वॉशिंगटन ने ईरान के सामने कड़ी शर्तें रखी हैं। इस प्रस्ताव के मुताबिक, ईरान को अगले 12 सालों तक यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) पूरी तरह रोकना होगा और परमाणु हथियार न बनाने का वादा करना होगा। साथ ही, उसे अपने पास मौजूद भारी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपना होगा। बदले में अमेरिका ने ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने और उसकी जब्त की गई अरबों डॉलर की संपत्ति को वापस करने का भरोसा दिया है।
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पाकिस्तान की भूमिका और समुद्री सुरक्षा
ईरान ने अपना जवाब पाकिस्तान को सौंप दिया है, जो इसे अमेरिका तक पहुंचाएगा। ईरान का मुख्य जोर 'होर्मुज जलडमरूमध्य' और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर है। दरअसल, इस इलाके में तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। पाकिस्तान भी इस समझौते को जल्द से जल्द पूरा होते देखना चाहता है, क्योंकि तेल की सप्लाई रुकने और समुद्री नाकेबंदी का सीधा असर उसकी अपनी कमजोर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
ईरान का पक्ष और समुद्री नाकेबंदी
ईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी समुद्री घेराबंदी को खत्म करे। मध्यस्थों का मानना है कि बातचीत का पहला कदम दोनों देशों के बीच जमीनी दुश्मनी को कम करना होगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह व्यापार और सुरक्षा के मामले में सहयोग के लिए तैयार है, बशर्ते उसकी शर्तों को भी तवज्जो दी जाए। इस सौदे के जरिए ईरान अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाना चाहता है, जो लंबे समय से प्रतिबंधों के बोझ तले दबी हुई है।
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खर्ग द्वीप पर तेल रिसाव का सच
हाल ही में सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से दावा किया गया था कि ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र 'खर्ग द्वीप' के पास भारी मात्रा में तेल का रिसाव (Oil Leak) हो रहा है। हालांकि, ईरान की सरकारी तेल कंपनी ने इन खबरों को पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद बताया है। ईरान का कहना है कि उसके टर्मिनल्स सुरक्षित हैं और तेल एक्सपोर्ट का काम सामान्य रूप से चल रहा है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है।












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