Iran: हिज्बुल्लाह पर हुए सैकड़ों पेजर अटैक से आगबबूला हुआ ईरान, बताया नरसंहार, इजराइल को सजा देने की मांग
Iran on Israel: लेबनान में सैकड़ों पेजर विस्फोटों से मची तबाही ने ईरान को आगबबूला कर दिया है और उसने अपने जानी दुश्मन इजराइल के खिलाफ जमकर जहर उगला है। हिज्बुल्लाह के सैकड़ों लड़ाकों के बुरी तरह से घायल होन के बाद ईरान ने इजराइल की कड़ी निंदा की है।
ईरान ने इस हमले के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है और उसपर साजिश रचने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, नासिर कनानी ने इस घटना को क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शांति को बाधित करने के मकसद से एक "आतंकवादी अभियान" बताया है।

उन्होंने "जायोनी शासन" की आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ तत्काल अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान करते हुए इन आतंकवादी कार्रवाइयों का सामना करने की आवश्यकता पर बल दिया है। इस हमले में कम से कम 3 हजार हिज्बुल्लाह के लड़ाके गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 11 लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है। इस हमले में लेबनान में तैनात ईरानी राजदूत भी घायल हो गये हैं।
इजराइल पर भड़का ईरान
लेबनान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों सहित कई स्रोतों ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर ताइवान में बने 5000 पेजर में विस्फोटक लगाने के लिए उंगली उठाई है। वहीं, इस आतंकवादी समूह ने इस हमले के बाद इजराइल से प्रतिशोध लेने की कसम खाई है, और कहा है, कि इजरायल को हमलों के लिए 'उचित सजा' मिलेगी।
इन आरोपों के बावजूद, इजरायली सेना ने अभी तक इस घटना के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है। दिलचस्प बात यह है, कि विस्फोटों में हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह के घायल होने की अफवाहें फैलीं, लेकिन बाद में एक वरिष्ठ स्रोत ने इसका खंडन किया है।
विस्फोटों ने न केवल लेबनान और इजराइल के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा दिया है, बल्कि हिज्बुल्लाह की कमजोरियों को भी उजागर किया है। हिज्बुल्लाह गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से ही इजराइल से छिटपुट युद्ध लड़ रहा है और कई बार ऐसी आशंका बनी, जब लगा कि दोनों के बीच आमने-सामने की लड़ाई शुरू हो जाएगी।
वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस घटना से खुद को अलग कर लिया है और इन विस्फोटों में किसी भी पूर्व जानकारी या भागीदारी से इनकार किया है। यह घटना क्षेत्रीय राजनीति की जटिल और खतरनाक मूवमेंट को रेखांकित करती है, खासकर इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी को खतरनाक मोड़ पर लाने की कूबत रखती है।
समूह के नेता हसन नसरल्लाह ने पहले ही इजराइली सर्विलांस और गाइडेड हमलों से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी थी, लेकिन पेजर में विस्फोटक लगाए जा सकते हैं, उसकी उम्मीद उसने ख्बाबों में भी नहीं की होगी।
इजराइल में हाई अलर्ट
लेबनान में हुए हमले के बाद इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लेफ्टिनेंट जनरल हर्ज़ी हलेवी ने कहा, कि इजराइल "सभी क्षेत्रों में हमले और बचाव के लिए तैयार है।"
वहीं,अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना पर कड़ी नजर रख रहा है, क्योंकि वह पहले से ही संघर्ष से घिरे इस क्षेत्र में और भी ज्यादा तनाव भड़का सकता है। अगर इजराइल के खिलाफ आरोप साबित हो जाते हैं, तो क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण परिणाम हो सकते हैं। इस बीच, ताइवान की कंपनी ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिसमें कहा गया है, उसने उन पेजरों का निर्माण किया है, जिसमें विस्फोटक भरे गये थे।
रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि ताइवान में बने पेजर को हिब्जुल्लाह ने तस्करी कर मंगवाया था, लेकिन मोसाद ने पता नहीं कैसे उसमें विस्फोटक लगा दिया।












Click it and Unblock the Notifications