Iran Attack 7 Country: सऊदी अरब-बहरीन जैसे मुस्लिम देशों को क्यों निशाना बना रहा ईरान? समझें झगड़े की जड़
Iran Attack 7 Country: मिडिल ईस्ट एक बार फिर भीषण संग्राम के मुहाने पर खड़ा है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक बड़े पैमाने का 'सुरक्षा के लिए कार्रवाई' का नाम देकर हमला शुरू किया है। इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस' करार दिया। ईरान की परमाणु सुविधाओं, मिसाइल साइटों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया। तेहरान में बड़े विस्फोट हुए हैं, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास भी धमाके हुए।
इजरायल ने इसे ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ प्रतिक्रिया बताया। ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की है। इसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मिसाइलों और ड्रोनों की बैरेज से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। मुख्य लक्ष्य संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का अल-दफरा एयर बेस था, जहां मिसाइल मलबे से एक नागरिक की मौत हो गई।

Iran Attack 7 Country: ईरान ने इन जगहों पर किया अटैक
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): अबू धाबी में 'अल-दफरा एयर बेस' को निशाना बनाया गया। यहां मिसाइल का मलबा गिरने से एक नागरिक की मौत की खबर है।
- बहरीन: यहां स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय पर हमला हुआ।
- कतर: दुनिया के सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डों में से एक, अल-उदेद एयर बेस को निशाना बनाया गया।
- कुवैत: अहमद अल-जाबेर एयर बेस और अल-सालेम एयर बेस पर हमले की कोशिश हुई, जहाँ कुवैती एयर डिफेंस ने मिसाइलें इंटरसेप्ट कीं।
- जॉर्डन: मुवफ्फाक अल-साल्टी एयर बेस पर मिसाइलें दागी गईं।
- इराक: उत्तरी इराक में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- इजरायल: ईरान ने सीधे तौर पर इजरायली शहरों की ओर भी मिसाइलों की बौछार (Barrage) की है।
Iran Attacks On Muslim Nations: मुस्लिम देशों पर ताबड़तोड़ हमला
ईरान के मुस्लिम देशों पर किए हमले की वजह सिर्फ धार्मिक नहीं है। शिया बहुल देश ईरान का सुन्नी देशों से टकराव है, लेकिन इस झगड़े की जड़ें गहरी हैं। यह धार्मिक से ज्यादा रणनीतिक और राजनीतिक है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है। इन मुस्लिम देशों (UAE, बहरीन, कतर, कुवैत) में अमेरिकी ठिकाने ईरान को अपने लिए सटीक लक्ष्य लगते हैं। अमेरिका इन्हीं से ईरान पर हमला कर रहा है। शिया और सुन्नी देशों के बीच टकराव का लंबा इतिहास रहा है।
अमेरिका के साथ भागीदारी भी झगड़ा
ईरान का मुख्य दुश्मन अमेरिका और इजरायल है। अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक साझेदारी सऊदी अरब, यूएई समेत कई मुस्लिम देशों की है। इन सभी देशों (सऊदी, यूएई, कतर, बहरीन) में बड़े अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। ईरान का तर्क है कि यदि अमेरिका इन देशों की धरती का उपयोग ईरान पर हमला करने के लिए करता है, तो वह इन देशों को वैध लक्ष्य बनाएगा।
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