भारतीय ने सुनायी नैरोबी आतंकी हमले के खूनी मंजर की आंखों-देखी
नैरोबी। केन्या की राजधानी के वेस्टगेट मॉल में तीन दिन तक चली खूनी होली, में 68 लोगों की मौत हो गई और 120 से ज्यादा लोग घायल हुए। हमले के वक्त का मंजर कितना दर्दनाक रहा होगा, यह सिर्फ वहां मौजूद लोग ही जानते हैं। वे लोग शायद जीवन भर इस मंजर को नहीं भुला पायेंगे। मॉल में ही मौजूद तमाम भारतीयों में थीं पुणे की विमला राम मूर्ति राव और उनकी बहू श्रीनिधि। खास बातचीत में उन्होने आप बीती सुनायी, जिसे पढ़कर आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे।
प्रस्तुत है श्रीनिधि और विमला राव की आप बीती- हमले के ठीक पहले हम मॉल के नाकुमट इंट्रेंस में फॉर्म भर रहे थे, तभी गोलियों की आवाजें सुनाई देने लगीं। हमें लगा कि कुछ लोग पटाखे जला रहे हैं। लेकिन देखते ही देखते लोग इधर-उधर भागने लगे और खुद को बचाने के प्रयास करने लगे। हम दोनों तुरंत मॉल के स्टोर में घुस गये। सौभाग्यवश वहां पर फायर एक्जिट था। तब तक हमें पता चल चुका था कि यह आतंकी हमला है और कभी भी गोलियां हमारी ओर आ सकती हैं।
हमने वहां रखीं ट्रॉलियां अपनी ओर खींचीं और उनमें चीनी और आटे की बोरियां उसमें भर दीं। फिर हम ट्रॉली के पीछे छिप गये, ताकि गोलियों से बच सकें। वहां पर तमाम वृद्ध और बच्चे थे, जो जीवन के लिये प्रार्थना कर रहे थे। उन छोटे-छोटे बच्चों के सामने मॉल के तमाम कर्मचारी घायल अवस्था में पड़े थे। बच्चे रोते बिलखते दिखाई दे रहे थे। तभी हमने देखा कि बचाव कर्मी आये और उस ट्रॉली को खाली करके ले गये जो हमने अपनी सुरक्षा के लिये लगायी थी। उन लोगों ने ट्रॉली को खाली किया और उसमें घायल महिला को रख कर बाहर ले गये। उस महिला की पीठ से खून बह रहा था। उसे गोली लगी थी।
हम डरे हुए थे, हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें, तभी सामने कई सारे रेफ्रिजिरेटर रखे थे। हमने उन्हीं में से दो को खिसका कर अपने लिये जगह बनायी और उसके पीछे छिप गये। तभी मॉल का मैनेजर स्टोर की ओर आया और चिल्ला-चिल्ला कर कहने लगा, शांत हो जाइये, पुलिस ने अपना काम शुरू कर दिया है। लेकिन फिर भी लोग भाग रहे थे। खून की छीटें मॉल की सुंदर दीवारों को गंदा करती जा रही थीं और मॉल के अंदर चारों ओर शवों के गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका था।
जब गोलियों की आवाजें कम हुईं और आतंकी ऊपर के फ्लोर पर चले गये, तब हम फायर एक्जिट गेट से बाहर निकले और भागते हुए एक कार में बैठ गये। उसमें एक आदमी बैठा था, जो हमें देखने लगा। हमें लगा कि वह आतंकियों के साथ है। कुछ देर के लिये हमें लगा कि जिस मौत से हम पीछा छुड़ा कर आये हैं, वही अब आगे की सीट पर बैठी है। लेकिन सौभाग्यवश वह एक पुलिसकर्मी था, जो सादे कपड़ों में था। उसने तुरंत स्टीयरिंग घुमाया और सीधे मॉल के गेट से कार को बाहर ले आया। तब हमसे पूछा बताइये कहां छोड़ दूं। हमने कहा, पास में मेरे एक मित्र का घर है हमें वहीं छोड़ दीजिये। हम अपने मित्र के घर तो पहुंच गये, लेकिन वो मंजर हमारी आंखों के सामने अभी भी घूम रहा था। श्रीनिधि के पति भारत राव जो नैरोबी की स्टील कंपनी में कार्यरत हैं, तुरंत उसी घर पर पहुंचे तो देखा श्रीनिधि और उनकी मां दोनों काफी डरी हुई थीं।
हमने आतंकियों को नहीं देखा, बस गोलियों की आवाज सुनी। इसलिये हम यह नहीं कह सकते कि उन्होंने मॉल में मौजूद मुसलमानों को हमला करने से पहले बाहर निकाल दिया था। अब शायद जल्दी मैं मॉल में नहीं जाउंगी। क्योंकि बार-बार मेरी आंखों के सामने वो मंजर आयेगा। लेकिन हां केन्या की तमाम संस्कृतियों का प्रतीक कहा जाने वाला वेस्टगेट मॉल जब दोबारा खुलेगा, तो आप हमें जरूर वहां देखेंगे। यह हमला केन्या की शांति पर हमला है, यहां के लोग शांतिप्रिय हैं और यही उनकी सबसे अच्छी क्वालिटी है।

छह आतंकी मारे गये
केन्या की राजधानी नैरोबी स्थित मॉल में मौजूद शेष हमलावरों में से छह को सुरक्षाकर्मियों ने कार्रवाई में मार गिराया है। सुरक्षाबलों ने बाकी बचे हमलावरों में से छह को मार डाला है।

62 लोगों की मौत
सरकार ने इससे पहले कहा था कि मॉल में 10 से 15 हमलावर मौजूद हैं। घटना में अब तक 62 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है और 175 लोग घायल हुए हैं। विशेष सुरक्षा बल के जवान वेस्टगेट की इमारत में बने रहेंगे ताकि सभी शवों को निकाला जा सके।

अल-शबाब ने ली जिम्मेदारी
इस घटना की जिम्मेदारी सोमालिया स्थित आतंकवादी संगठन, अल-शबाब ने ली है। आम लोगों एवं मीडिया के लिए प्रवेश बाधित रहेगा और इमारत से कुछ शवों को निकाला जाना बाकी है। हम यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कार्रवाई में मारे गए छह आतंकवादी अपने पीछे कोई खतरनाक उपकरण न छोड़ गए हों।

कई देशों के लोग मारे गये
मृतकों में भारत, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड्स और अमेरिका के नागरिक भी शामिल हैं। भारत के तीन नागरिक मारे गए हैं।

निकाले जा रहे शव
अधिकारी ने मंगलवार सुबह बताया था कि विशेष सुरक्षा बल के जवान वेस्टगेट की इमारत में बने रहेंगे ताकि सभी शवों को निकाला जा सके।

सीमा पर सुरक्षा कड़ी
इस बीच, केन्या ने इथियोपिया और सोमालिया से सटी सीमा पर आतंकवादियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी है।












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