मेहुल चोकसी के खिलाफ भारत ने डोमिनिका कोर्ट में दाखिल की 2 याचिकाएं, हरीश साल्वे करेंगे पैरवी
नई दिल्ली, जून 12: पीएनबी में 13500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर देश छोड़ कर फरार हुए कारोबारी मेहुल चोकसी के खिलाफ भारत ने डोमिनिका कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इनमें एक आवेदन सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने और दूसरा विदेश मंत्रालय ने दायर किया है। वहीं पूर्व सॉलिसिटर-जनरल हरीश साल्वे डोमिनिका हाईकोर्ट में सीबीआई और विदेश मंत्रालय दोनों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सीबीआई डीआईजी का कहना है कि मेहुल चोकसी कंपनियों की एक श्रृंखला के पीछे मास्टरमाइंड था। उसने अवैध रूप से एलओयू हासिल करने के लिए जेडी बैंक के अधिकारियों के साथ साजिश रची। उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं जो नकली फर्मों और बाजार संचालकों के माध्यम से धन जमा करने और धन शोधन से संबंधित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुबई, हॉन्गकॉन्ग आदि देशों में फर्जी तरीके से राउंड ट्रिपिंग हुई है।
डोमनिका के कोर्ट में सीबीआई ने कहा कि, मेहुल चोकसी एक अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा है।जो भारत में कानून प्रवर्तन से बचने की कोशिश कर रहा है। अगर जमानत पर रिहा कर दिया जाता है, तो चोकसी के कानून प्रवर्तन और इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस के खिलाफ काम करना जारी रखेगा। सीबीआई ने कहा कि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेहुल चोकसी ने कोर्ट से यह सब छुपाया है और इसके बजाय सुझाव दिया है कि भारत में उसके खिलाफ कोई केस नहीं है।
सीबीआई ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि, मेहुल चोकसी भारत की कार्यवाही से पूरी तरह वाकिफ है। उन्होंने भारत में वकीलों को नियुक्त किया है, और उनमें से एक ने हाल ही में डोमिनिका में हुई घटनाओं के बारे में एक प्रेस साक्षात्कार दिया जिसमें चोकसी को लेकर की गई कार्रवाई की भी जिक्र किया है। एजेंसी ने कहा कि, सीबीआई ने जांच के दौरान मेहुल चोकसी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन उसका ठिकाना अज्ञात था, और वह भारत में उपलब्ध नहीं था।












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