पन्नून की हत्या की साजिश, निखिल गुप्ता मास्टरमाइंड... पहले अमेरिकी अभियोग में नहीं था भारतीय अधिकारी का नाम

Pannun plot Nikhil Gupta: सिख कट्टरपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नून की हत्या की कथित साजिश में भाग लेने के आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता के खिलाफ अमेरिका में दायर किए गए पहले अभियोग में, "भारत सरकार के कर्मचारी" की संदिग्ध संलिप्तता का उल्लेख नहीं किया गया था, जैसा कि सुपरसीडिंग अभियोग में आरोप लगाया गया है।

प्रारंभिक अभियोग एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का हिस्सा है, जिसके तहत एक अदालत, हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उसके सामने पेश करने का निर्देश दे सकती है, जिसे निखिल गुप्ता के परिवार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर किया था।

 US indictment in the Pannun plot

निखिल गुप्ता के खिलाफ लाया गया अभियोग, ग्रैंड जूरी द्वारा जारी किया गया एक औपचारिक आरोप है, जो अमेरिका के न्यायिक ढांचे का हिस्सा है। एक सुपरसीडिंग अभियोग, नए सबूतों के आधार पर मूल में संशोधन करता है, जिसे सार्वजनिक किया जा सकता है।

निखिल गुप्ता के खिलाफ अमेरिकी अभियोजकों द्वारा दायर सुपरसीडिंग अभियोग को 29 नवंबर को सार्वजनिक कर दिया गया था।

बाद में भारतीय कर्मचारी का नाम किया गया शामिल

न्यूयॉर्क जिला अदालत में दायर इस दस्तावेज़ में "नाकाम साजिश" में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी की भूमिका का आरोप लगाया गया है। सुपरसीडिंग अभियोग में कहा गया है, कि कर्मचारी ने "खुद को 'सुरक्षा प्रबंधन' और 'खुफिया भूमिका' में जिम्मेदारियों के साथ एक 'वरिष्ठ फील्ड ऑफिसर' बताया है।

अमेरिकी अभियोग में दावा किया गया है, कि उस भारतीय अधिकारी ने खुद को भारत के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सेवा करने और 'प्रशिक्षण प्राप्त करने' वाला अधिकारी बताया है, जिसमें युद्ध लड़ने और हथियार चलाने का ट्रेनिंग लेना शामिल है।"

अमेरिकी अभियोजकों का कहना है, कि इस "कर्मचारी" ने "भारत से हत्या की साजिश" को डायरेक्ट किया था।

सुपरसीडिंग अभियोग में दावा किया गया है, कि निखिल गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी में शामिल है, और उसे भारत सरकार के कर्मचारी द्वारा भर्ती किया गया था।

अमेरिकी अभियोजकों ने दावा किया है, कि निखिल गुप्ता ने बाद में इस काम को अंजाम देने के लिए, लोगों की तलाश शुरू कर दी और फिर कथित तौर पर एक व्यक्ति से संपर्क किया, जिसे वह "आपराधिक सहयोगी" मानता था, लेकिन असलियत में वह यूएस ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के साथ काम करने वाला एक सीक्रेट एजेंट था।

अमेरिकी अभियोजकों का दावा है, अमेरिकी एजेंट को निखिल गुप्ता ने बतौर 'हिटमैन' सिख अलगाववादी नेता को मारने के लिए सुपारी दी थी।

अभियोग में कहा गया है, कि जब निखिल गुप्ता ने एक टीम बनाई और भारतीय अधिकारी को यह बात बताई, तो हिटमैन को 100,000 डॉलर देने का सौदा तय किया गया।

पहले अभियोग में कहा गया था, कि निखिल गुप्ता ने "गोपनीय मुखबिर (सीआई)" को "न्यूयॉर्क में रहने वाले एक वकील" की हत्या करने का निर्देश दिया था। इसमें भारतीय सरकारी कर्मचारी का कोई उल्लेख नहीं है।

माना जाता है कि गुप्ता को जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में उनके परिवार द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि गुप्ता को आव्रजन मंजूरी मिलने के तुरंत बाद 30 जून को प्राग हवाई अड्डे से उठाया गया था। इसमें कहा गया है कि वह पर्यटन और नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश के लिए प्राग का दौरा कर रहे थे।

उनके परिवार ने कहा है, कि प्रत्यर्पण का सामना कर रहे निखिल गुप्ता, इस वक्त चेक गणराज्य की राजधानी प्राग की पैंक्रैक जेल में बंद हैं।

परिवार के मुताबिक, निखिल गुप्ता का मानना है, कि उन्हें अवैध हिरासत में रखा जा रहा है। उनके परिवार ने यह भी कहा है, कि वह उनके मामले को "उचित देखभाल और सावधानी" से संभालने में प्राग में भारतीय दूतावास के अधिकारियों की "घोर लापरवाही से दुखी" हैं।

हालांकि, पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था, कि निखिल गुप्ता को जब हिरासत में लिया गया था, उस वक्त भारतीय दूतावास को उनकी गिरफ्तारी के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन उस वक्त दूतावास को ये नहीं पता चल पाया था, कि इस गिरफ्तारी का कनेक्शन खालिस्तानी आतंकवादी पन्नून से जुड़ा है। वहीं, निखिल गुप्ता ने भी भारतीय दूतावास की मदद लेने से मना कर दिया था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+