MV LILA NORFOLK: अपहरण किए गये जहाज की तरफ इंडियन नेवी का जहाज रवाना, सोमालिया के लुटेरों के खिलाफ होगी जंग!
MV LILA NORFOLK: भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने कहा है, कि अपहरण किए गये जहाज MV LILA NORFOLK की तरफ इंडियन नेवी ने अपने आईएनएस चेन्नई वारशिप को रवाना कर दिया है।
अधिकारियों ने कहा है, कि अपहृत जहाज की तरफ इंडियन नेवी का वारशिप रवाना हो गया है और अपहृत जहाज को लेकर जो कंडीशन है, उससे निपटने के लिए जहाज को रवाना किया गया है। यानि, भारतीय नौसेना का ऑपरेशन शुरू हो चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नौसेना अपहृत जहाज 'एमवी लीला नॉरफॉक' जहाज पर कड़ी निगरानी रख रही थी, जिसके बारे में कल शाम जानकारी मिली थी। सोमालिया के तट के पास अगवा किए गए लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज पर चालक दल के 15 भारतीय सदस्य हैं। भारतीय नौसेना के विमान, लगाताकर जहाज पर नजर रख रहे हैं और चालक दल के साथ संचार स्थापित किया गया है, इसकी जानकारी सैन्य अधिकारियों ने दी थी।
गुरुवार को सोमालिया के तट पर जहाज के अपहरण होने की जानकारी मिली थी और उसके बाद से ही इंडियन नेवी एक्टिव हो गई थी और अब जहाज को रिहा करवाने के लिए ऑपरेशन शुरू हो चुका है।
नौसेना के अनुसार, विमान ने शुक्रवार सुबह जहाज के ऊपर से उड़ान भरी, संपर्क स्थापित किया और चालक दल की सुरक्षा का पता लगाया। इसमें कहा गया है कि जहां नौसेना का विमान जहाज की गतिविधि पर नजर रखना जारी रखता है, वहीं आईएनएस चेन्नई सहायता प्रदान करने के लिए अपहृत जहाज की ओर बढ़ रहा है।
इंडियन नेवी ने क्या कहा है?
नौसेना ने शुक्रवार को कहा है, कि उसने अपने समुद्री गश्ती विमान (एमपीए) पी8आई और आईएनएस चेन्नई सहित अपने मिशन-तैनात प्लेटफार्मों को शामिल करके, अरब सागर में लाइबेरिया के ध्वज वाले जहाज को अपहरण से मुक्त करवाने के लिए रवाना कर दिया है।
नौसेना ने कहा, "घटना के बाद फौरन प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय नौसेना ने एक एमपीए लॉन्च किया और जहाज की सहायता के लिए समुद्री सुरक्षा संचालन के लिए तैनात आईएनएस चेन्नई को डायवर्ट कर दिया है।"
नौसेना के मुताबिक, चालक दल की सुरक्षा का पता लगा लिया गया है। बयान में कहा गया है, कि जहां नौसेना का विमान जहाज की गतिविधि पर नजर रखे हुई है, वहीं आईएनएस चेन्नई सहायता प्रदान करने के लिए अपहृत जहाज की ओर बढ़ रहा है।
नेवी के बयान में आगे कहा गया है, कि "क्षेत्र की अन्य एजेंसियों के साथ कॉर्डिनेट कर पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।" नौसेना ने अपने बयान में कहा, "भारतीय नौसेना अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और मित्र देशों के साथ क्षेत्र में व्यापारिक जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
ताज़ा घटना, पिछले महीने इस क्षेत्र में हुई समुद्री घटनाओं की शृंखला में से एक है। दिसंबर में, नौसेना ने भारतीय तट से लगभग 700 समुद्री मील की दूरी पर अरब सागर में माल्टा-ध्वजांकित जहाज एमवी रुएन को समुद्री डकैती की घटना में सहायता प्रदान की थी।
आपको बता दें, कि 23 दिसंबर को, लाइबेरिया के झंडे वाला एक व्यापारिक जहाज, एमवी केम प्लूटो, जिसमें 21 भारतीयों सहित 22 लोग सवार थे, पोरबंदर से लगभग 220 समुद्री मील दक्षिण-पश्चिम में ड्रोन हमले का शिकार हो गया, जब वह न्यू मैंगलोर जा रहा था।
नौसेना ने कहा कि ये हमले भारतीय ईईजेड या विशेष आर्थिक क्षेत्र के करीब समुद्री घटनाओं में बदलाव का संकेत देते हैं।












Click it and Unblock the Notifications