UNSC में पीएम नरेन्द्र मोदी के एजेंडे से डरा पाकिस्तान, चीन से लगाएगा बचाने की गुहार
अगस्त महीने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता भारत करेगा, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री के एजेंडे से पाकिस्तान काफी डर गया है।
इस्लामाबाद, अगस्त 02: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता अगस्त महीने में भारत कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बन गये हैं, जो यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल को अध्यक्षता करेंगे। लेकिन, भारत को वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद पाकिस्तान बुरी तरह से डर गया है और पाकिस्तान सरकार की तरफ से इस डर का इजहार भी किया गया है। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में एक महीने के लिए काफी हद तक कंट्रोल स्थापित हो गया है जो पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी चिंता की बात है।

पाकिस्तान को डर
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फ्रांस के बाद अब भारत ने अध्यक्ष का पद संभाल लिया है और भारत को रूस और फ्रांस से पूरा समर्थन मिल गया है। भारत अगले एक महीने तक सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष रहेगा। आपको बता दें कि भारत दो सालों के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य है और अग्रेजी नाम के क्रम से हर अस्थाई सदस्य देश एक-एक महीने के लिए अध्यक्षता की जिम्मेदारी संभालते हैं। लेकिन, भारत को मिली इस जिम्मेदारी के बाद पाकिस्तान काफी डरा हुआ है। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कहा है कि भारत का यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल का अध्यक्ष बनना पाकिस्तान के लिए चिंता की बात है और हम भारत पर लगातार नजर रख रहे हैं।

''पाकिस्तान को होगा नुकसान''
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कहा कि ''ये साफ है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष बनने के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ काम करेगा और हर मुद्दे पर अपनी विचारधारा को बढ़ाएगा, खासकर आतंकवाद और यूनाइटेड नेशंस में बदलाव को लेकर। वहीं पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले एक महीने में पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाने वाले हैं। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि ''अफगानिस्तान में तालिबान को मदद करने का मुद्दा पीएम मोदी यूनाइटेड नेशंस में उठाएंगे, पाकिस्तान पहले ही एफएटीएफ के ग्रे लिस्ट में है और अब नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान को आतंकी मुल्क साबित करने की कोशिश करेंगे''। वहीं पाकिस्तानी यूनाइटेड नेशंस में पाकिस्तानी राजदूत ने कहा है कि ''हम काफी सावधानी से भारत के उठाए गये हर कदम पर ध्यान रख रहे हैं और हम सुनिश्चित करेंगे कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाए''।

पाकिस्तान को किस बात का डर?
भारत के प्रधानमंत्री नरेद्न मोदी खुद यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की अध्यक्षता करेंगे और पाकिस्तान को डर है कि उसे इस बार भारत सीधे तौर पर घेर सकता है और भारत को वीटो पॉवर वाले चार देशों का खुला समर्थन हासिल हो गया है। भारत ने अपने तीन एजेंडे में पहला मुद्दा अंतर्राष्ट्रीय शांति, दूसरा मुद्दा समुद्री सुरक्षा और तीसरा मुद्दा आतंकवाद रखा है। ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया द ट्रिब्यून एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ''भारत अपने पश्चिमी दोस्तों के साथ मिलकर साउथ चायना सी का मुद्दा भी उठा सकता है और एक साथ पाकिस्तान और चीन को घेर सकता है''। इसके साथ ही पाकिस्तान ने चीन की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देखते हुए कहा है कि ''अगर भारत साउथ चायना सी का मुद्दा उठाता है तो चीन की तरफ से करारा जवाब दिया जाएगा''।

पाकिस्तान को घेरने का प्लान
पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि ''हमें नरेन्द्र मोदी से सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि भारत अगस्त महीने में 'अतर्राष्टीय सुरक्षा, शांति और आतंकवाद' के मुद्दे पर मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन कर सकता है, जिसमें खतरनाक माहौल तैयार कर हमें अलग-थलग कर सकता है।' इसके साथ ही अफगानिस्तान की खारी खराब हो चुकी स्थिति को भी भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाकर तालिबान से संबंध की वजह से पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव पास कर सकता है, जो पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ा झटका होने वाला है। वहीं, पाकिस्तानी राजनयिक ने भी भारत के अध्यक्ष बनने के बाद अपने डर का साफ इजहार किया है, खासक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति की। ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया और पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स ने कहा है कि अगस्त महीने में पाकिस्तान को काफी खराब दिन देखने पड़ सकते हैं।












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