UNGA में आज पीएम मोदी और इमरान खान का आमना-सामना, इमरान के दिमाग में बस कश्मीर और मोदी के.....
न्यूयॉर्क। आज यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली यानी उंगा में भारत के लिए अहम दिन है। उंगा के स्टेज पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण है। पीएम मोदी का इस वर्ष का उंगा संबोधन इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद इस महासभा का आयोजन हुआ है। शुक्रवार को शाम सात बजकर 50 मिनट पर पीएम मोदी का संबोधन शुरू होगा। साल 2014 के बाद से पीएम मोदी का यह दूसरा उंगा संबोधन है।

प्रैक्टिस में बिजी पीएम मोदी
गुरुवार को पीएम मोदी ने अपने सारे तय कार्यक्रमों को पूरा करके उंगा के संबोधन की तैयारी की। सूत्रों की मानें तो इस बार उनका संबोधन कुछ नई बातों के लिए भी जाना जा सकता है। उनकी स्पीच को बार-बार लिखा जाएगा और हो सकता है कि इसे दोबारा भी लिखा जाए। अधिकारियों की मानें तो जब तक पीएम मोदी खुद इसे लेकर कॉन्फिडेंट नहीं होते, तब तक इस पर काम जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि पीएम मोदी की स्पीच में पाकिस्तान या फिर मतभेदों का जिक्र नहीं होगा। मगर मोदी आतंकवाद और इसे पड़ोसी देश में मिलती पनाह का जिक्र करेंगे। हालांकि यह भी उनके संबोधन का केंद्र नहीं होगा।

मोदी के बाद इमरान का नंबर
मोदी के संबोधन के कुछ ही मिनटों बाद पाक पीएम इमरान खान बोलना शुरू करेंगे। इमरान का यह उंगा में सबसे पहला संबोधन है। पिछले वर्ष उन्होंने अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को संबोधन के लिए उंगा भेजा था। इस पूरे मसले पर जानकारी रखने वाले लोगों की मानें तो इमरान के संबोधन के बाद भारत अपने 'राइट टू रिप्लाई' का प्रयोग करके पाक को जवाब दे सकता है। यह बात भी तय मानी जा रही है कि इमरान का पूरा फोकस कश्मीर पर ही होगा। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी अपना भाषण खत्म करने के बाद होटल लौट जाएंगे। वह शायद इमरान का भाषण न सुनें।

इमरान के दिमाग में बस कश्मीर
पीएम मोदी फ्रांस से लेकर रूस तक से इस बात का संदेश दुनिया को दे चुके हैं कि कश्मीर, भारत का आतंरिक मसला है। जम्मू कश्मीर राज्य पर लिए गए फैसले का बाहरी सीमा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान के पीएम इमरान खान कश्मीर मसले को ही दिमाग में रखकर अमेरिका पहुंचे हैं। चाहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हो या फिर मीडिया को संबोधित करना हो, इमरान ने कश्मीर के अलावा किसी और मुद्दे का जिक्र ही नहीं किया है।

पीएम मोदी करेंगे बाकी मुद्दों पर बात
पिछले 10 वर्षों में भारत की तरफ से उंगा संबोधन में पीएम या फिर विदेश मंत्री ने सिर्फ एक बार ही पाकिस्तान का जिक्र किया है। विदेश सचिव विजय गोखले ने पिछले हफ्ते अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान को जो कुछ कहना है कि वह उंगा के स्टेज पर बोल सकता है। भारत के प्रधानमंत्री मोदी का फोकस सिर्फ एक महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था, एक महत्वपूर्ण देश के तौर पर भारत और यूएन के एक जिम्मेदार सदस्य के तौर पर अपनी बात रखना होगा।












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