भारत निर्मित Covid Vaccine के लिए ब्राजील ने तेज की कोशिश, निजी क्षेत्र भी हुआ एक्टिव
नई दिल्ली। India Made Covid Vaccine: भारत में बन रही एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन पाने के लिए ब्राजील ने कूटनीतिक प्रयास शुरू कर कर दिए हैं। ब्राजील की कोशिश भारत में वैक्सीन के निर्यात को लेकर लगाई गई पाबंदियों में ढील पाने की है ताकि दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे महामारी की दूसरी लहर के बीच टीकाकरण में हो रही देरी को दूर किया जा सके।

एक तरफ ब्राजील की सरकार प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर ब्राजील की प्राइवेट क्लीनिक भारतीय कम्पनी भारत बॉयोटेक द्वारा तैयार की गई कोविड वैक्सीन को पाने के लिए प्रयास में लगी हुई हैं। ब्राजील के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में वैक्सीन को लेकर जिस तरह से उलझी हुई हैं वो दिखाता है कि लैटिन अमेरिका का ये देश जो कभी विकासशील देशों के सामने सफल टीकाकरण का उदाहरण हुआ करता था कोरोना वायरस टीके की दौड़ में आज पिछड़ गया है।
ब्राजील सरकार हुई एक्टिव
ब्राजील के सरकार द्वारा पोषित बॉयोमेडिकल सेंटर फियोक्रूज इंस्टीट्टूट के प्रमुख ने बताया कि एस्ट्राजेंका वैक्सीन का आयात से फरवरी के दूसरे सप्ताह तक केवल 10 लाख डोज देश में उपलब्ध कर पाएगा। कोरोना महामारी को लेकर उदासीन रैवेये के लिए हो रही आलोचना के बाद अब ब्राजील सरकार ने प्रयास शुरू किए हैं और उसने वैक्सीन के डोज पूरे करने के लिए भागदौड़ शुरू की है। ब्राजील में कोरोना वायरस से मौतों का आंकड़ा 2 लाख तक पहुंचने वाला है जो कि अमेरिका के बाद सबसे बड़ी संख्या है।
रविवार को भारत की दवा निर्माता निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि "भारत सरकार ने फिलहाल कोरोना वैक्सीन के विदेशी निर्यात पर रोक लगाई है। सरकार चाहती हैं कि पहले देश में लोगों को वैक्सीन मिले। हम सरकार के फैसले का सम्मान करते हैं।" इसके बाद ब्राजील के स्वास्थ्य नियामक अन्विषा की चिंताएं बढ़ गई हैं जिसने नए साल की संध्या पर 20 लाख एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की डोज के लिए अनुबंध किया था।
कूटनीतिक प्रयास तेज
मामले से जुड़े दो लोगों ने बताया है कि ब्राजील की सरकार कूटनीतिक प्रयास कर रही है कि इस प्रतिबंध के चलते वैक्सीन को देश तक पहुंचने में किसी भी मुश्किल का सामना न करना पड़े। फियोक्रूज इंस्टीट्यूट ने बताया है कि ब्राजील का विदेश मंत्रालय में इस मामले में काम कर रहा है। ब्राजील सरकार को उम्मीद है कि उस वैक्सीन प्राप्त हो जाएगी और किसी भी अवरोध को कूटनीतिक प्रयासों से ठीक कर लिया जाएगा।
निजी क्षेत्र अलग से कर रहा कोशिश
सरकार के प्रयासों में कमी के चलते ब्राजील के निजी क्षेत्र अलग से कोशिश कर रहे हैं। ब्राजील की प्राइवेट क्लीनिक के एसोसिएशन ने घोषणा की है कि वह भारतीय कम्पनी भारत बॉयोटेक द्वारा निर्मित कोविड वैक्सीन की 50 लाख डोज खरीदने की योजना बना रहे हैं। ये घोषणा भारत सरकार द्वारा आपात उपयोग की अनुमति देने के अगले ही दिन की गई है। भारत बॉयोटेक ने अभी ब्राजील में अपनी कोवैक्सीन के लिए अनुमति नहीं मांगी है। स्वास्थ्य नियामक अन्विषा का कहना है कि इसे देश में तीसरे चरण के ट्रायल में जाना होगा।












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