भारत ने साइप्रस संग किया रक्षा समझौता, पाकिस्तान के दोस्त तुर्की को दिया करारा जवाब
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हमारी मुलाकात तब हो रही है जब दोनों देशों के राजनयिक संबंधों को 60 साल हो चुके हैं। इसके साथ ही जयशंकर ने साइप्रस का साथ देते हुए इशारे ही इशारे में तुर्की को करारा जवाब दिया।

Image: ANI
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को साइप्रस का दौरा किया और साइप्रस के विदेश मंत्री इयोनिस कसौलाइड्स से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हमारी मुलाकात तब हो रही है जब दोनों देशों के राजनयिक संबंधों को 60 साल हो चुके हैं। इसके साथ ही जयशंकर ने साइप्रस का साथ देते हुए इशारे ही इशारे में तुर्की को करारा जवाब दिया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को इस बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि आज की बैठक द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। भारत-साइप्रस साझेदारी अत्यधिक महत्व में से एक है जो लोकतंत्र, विविधता, बहुलवाद के हमारे साझा मूल्य में निहित है। विदेश मंत्री जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत साइप्रस मुद्दे के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर एक द्वि-क्षेत्रीय महासंघ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।
साइप्रस और तुर्की के बीच वर्तमान मुद्दा दक्षिण में ग्रीक साइप्रस और उत्तर में तुर्किस साइप्रस के बीच चल रहा विवाद है। अमेरिकी ब्रॉडकास्टर वॉयस ऑफ अमेरिका (VOA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साइप्रस के विभाजित द्वीप को लेकर ग्रीस और तुर्की के बीच तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। निकोसिया में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने साइप्रस समकक्ष के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग पर बहुत ही उपयोगी चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने पड़ोस, भारत-प्रशांत क्षेत्र, पश्चिम एशिया और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने रक्षा और सैन्य सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर और साइप्रस द्वारा अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन पर हस्ताक्षर करने पर रूपरेखा समझौते का भी स्वागत किया। विदेश मंत्री ने गुरुवार को भारत की आजादी के 75 साल और साइप्रस के साथ राजनयिक संबंध स्थापित होने के 60 साल पूरे होने पर स्मारक डाक टिकट जारी किया। उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर, हमारे द्विपक्षीय संबंधों में ऐसा बहुत कुछ है जिस पर हमें गर्व हो सकता है और हमारे आराम का स्तर और हमारे सहयोग का विस्तार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।"
एस जयशंकर ने साइप्रस मुद्दे पर भारत की सैद्धांतिक स्थिति को भी दोहराया और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर एक द्वि-सांप्रदायिक, द्वि-क्षेत्रीय महासंघ के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं इस अवसर पर साइप्रस मुद्दे पर अपनी सैद्धांतिक स्थिति को दोहराता हूं। भारत साइप्रस मुद्दे के समाधान के रूप में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों पर आधारित एक द्वि-सांप्रदायिक, द्वि-क्षेत्रीय महासंघ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।" मंत्रियों ने अपने साइप्रस समकक्ष के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग दोनों पर बहुत ही उपयोगी चर्चा की। दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने पड़ोस, भारत-प्रशांत क्षेत्र, पश्चिम एशिया और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।












Click it and Unblock the Notifications