टेंशन के बीच बड़ी मीटिंग: भारत-चीन की पश्चिमी LAC पर हुई बातचीत, क्या अब पीछे हटेंगे सैनिक?
India China Border Talks: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर एक बड़ी खबर आई है! चीन के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों की सेनाओं ने सीमा के पश्चिमी हिस्से (Western Section) को मैनेज करने पर 'सक्रिय और इन-डेप्थ (गहन)' बात की है।
यह बातचीत इसलिए ज़रूरी है क्योंकि 2020 के गलवान टकराव के बाद दोनों देशों के रिश्ते सबसे निचले स्तर पर चले गए थे, लेकिन अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं।

सीमा प्रबंधन पर क्या डील हुई?
चीन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह बातचीत 25 अक्टूबर को भारत की तरफ मोल्डो-चुशुल सीमा मीटिंग पॉइंट (Moldo-Chushul Border Meeting Point) पर हुई। बातचीत में दोनों पक्षों ने एक चीज पर सहमति जताई है। भारत और चीन, दोनों ने तय किया है कि वे मिलिट्री और डिप्लोमैटिक (फौजी और राजनयिक) तरीकों से लगातार बातचीत और संवाद बनाए रखेंगे ताकि सीमा पर शांति बनी रहे।
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात
सीमा पर माहौल सुधारने के लिए बड़े नेताओं का मिलना भी जरूरी है। इसी दिशा में एक पॉजिटिव डेवलपमेंट देखने को मिला:
अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO (शंघाई सहयोग संगठन) समिट के मौके पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। यह पीएम मोदी की 7 साल में चीन की पहली यात्रा थी। पीएम मोदी ने इस बातचीत को 'फलदायी' बताया था। दोनों नेताओं ने कहा था कि सीमा पर शांति बनाए रखना ज़रूरी है और वे आपसी सम्मान के आधार पर सहयोग जारी रखेंगे।
LAC पर पुरानी बातचीत का हाल
जुलाई में भी दोनों देशों के बीच LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) की स्थिति पर बात हुई थी। विदेश मंत्रालय ने उस बातचीत के बाद संतुष्टि जताई थी:
मंत्रालय ने कहा था कि सीमावर्ती इलाकों में ओवरऑल (कुल मिलाकर) शांति बनी हुई है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। चीन ने जुलाई में हुई इस बातचीत को 'कैंडिड' (ईमानदार/स्पष्टवादी) बताया था और कहा था कि बातचीत का अगला दौर इसी साल होगा।
अभी भी बड़ी टेंशन बाकी
रिश्ते सुधरने और बातचीत होने के बावजूद, ग्राउंड रियलिटी थोड़ी अलग है:
- अक्टूबर 2024 में पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध तो खत्म हो गया, लेकिन दोनों देशों के फ्रंटलाइन सैनिक अभी भी पूरी तरह से पीछे नहीं हटे हैं।
- वर्तमान में पूर्वी लद्दाख में LAC पर दोनों तरफ लगभग 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं, जो 2020 के गलवान संघर्ष के बाद बढ़ी हुई तैनाती है।












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