भारतीय मूल के समलैंगिक नेता लियो वराडकर बने इस देश के प्रधानमंत्री, महाराष्ट्र में रहता है परिवार
लियो वराडकर 7 साल की उम्र से ही अपनी मां और दोस्तों से कहते थे, कि वो देश के स्वास्थ्य मंत्री बनना चाहते हैं और वो मेडिकल क्षेत्र में काफी काम करना चाहते हैं। लियो ने मेडिकल की पढ़ाई की और गरीबों के लिए काफी काम किया।

Leo Varadkar Ireland PM: भारतीय मूल के लियो वराडकर लगातार दूसरी बार आयरलैंड के प्रधानमंत्री बन गये हैं। लियो वराडकर 2020 के चुनाव के बाद गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेंगे, जो गठबंधन में शामिल सभी पार्टियों के बीच हुए समझौते के बात बनी है। लियो वराडकर लगातार दूसरी बार आयरलैंड के प्रधानमंत्री बने हैं। लियो वराडकर भारत के महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और वो अपने परिवार से मिलने के लिए भारत आते रहते हैं। इससे पहले साल 2019 में वो अपने परिवार से मिलने के लिए महाराष्ट्र आये थे।

लगातार दूसरी बार बने प्रधानमंत्री
साल 2020 में कोविड महामारी के दौरान लियो वराडकर को कई मुद्दों की वजह से बने दवाब के बीच अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। ऊपर यूरोपीय यूनियन से निकलने की वजह से आयरलैंड की आर्थिक स्थिति डंवाडोल चल रही थी और उसी बीच कोविड महामारी ने स्थिति को और खराब कर दिया था। सरकार बनाने को लेकर हुए समझौते के तहत लियो वराडकर आधे कार्यकाल तक देश के प्रधानमंत्री रहेंगे और आधे कार्यकाल के बाद गठबंधन में शामिल दूसरी बड़ी पार्टी फाइन गेल के नेता प्रधानमंत्री बनेंगे। लियो वराडकर आयरलैंड के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बनने वाले नेता है और उन्होंने 2017 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। लियो वराडकर की उम्र इस वक्त 43 साल है और वो एक समलैंगिक हैं।

मुंबई में हुआ था लियो का जन्म
लियो वराडकर के पिता अशोक वराडकर भारतीय थे और लियो का जन्म मुंबई में हुआ था। लियो की मां आयरलैंड की रहने वालीं थी और वो पेशे से एक नर्स थीं। अपने पिता की तरह लियो वराडकर भी एक डॉक्टर हैं और उनके पिता साल 1960 में भारत से यूके में काम करने के लिए चले गये थे। दिलचस्प बात ये है, कि जब लियो सिर्फ सात साल के थे, उसी वक्त उन्होंने अपनी मां और दोस्तों से कहा था, कि वो देश के स्वास्थ्य मंत्री बनना चाहते हैं और वो स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए काफी काम करेंगे। डॉक्टर बनने के बाद लियो ने गरीब लोगों के लिए काफी काम किया, जिसकी वजह से वो आयरलैंड में प्रसिद्ध हो गये, जिसके बाद उन्हें पॉलिटिक्स में आने का न्योता मिलने लगा। लियो ने डबलिन स्थिति ट्रिनिट्री कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की है और 2007 में एक सफल डॉक्टर रहते हुए डबलिन वेस्ट से संसदीय चुनाव लड़ा था। चुनाव में लियो भारी बहुमत से जीते थे। बाद में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कबूल किया था, कि वो एक समलैंकिग हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके साथ मैथ्यू बैरेट भी एक डॉक्टर हैं।

साल 2019 में पहुंचे थे अपने घर
29 दिसंबर 2019 को बतौर प्रधानमंत्री लियो वराडकर महाराष्ट्र स्थिति अपने पैतृक गांव पहुंचे थे, जहां उनका भारतीय परंपरा के तहत स्वागत किया गया था। उनका पैतृक आवास महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में है, जहां उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अपने पैतृक गांव का दौरा किया था और इसे "एक बहुत ही खास क्षण" बताया था। जून 2017 में आयरलैंड के प्रधानमंत्री बनने के बाद वराडकर ने अपने गांव को याद किया था और उन्होंने कहा था, कि मुंबई से लगभग 500 किलोमीटर दूर मालवन तहसील के वरद गांव में उनका परिवार रहता है, जो उनका पैतृक आवास है। उनके पिता अशोक वराडकर भी पेशे से एक डॉक्टर थे, जो 1960 के दशक में यूनाइटेड किंगडम चले गए थे। अपने गांव पहुंचकर वो गांव के मंदिर में भी गये थे, जहां उन्होंने पूजा की थी।

दिल में अब भी बसता है भारत
अपने गांव पहुंचने के बाद लियो वराडकर ने कहा था, कि यहां मैं अपने मां और पिता के साथ रहता था। यहीं मेरी बहने और बहनोई रहते हैं। यहां पर मेरे अब कई पोते-पोतियां भी हैं और यहां आना मेरे लिए काफी इमोशनल पल है। इस गांव में पीढ़ियों से मेरा परिवार रहा है और ये मेरे दादाजी का घर है। उन्होंने कहा था, कि इस वक्त वो एक प्राइवेट दौरे पर भारत आए हैं, लेकिन वो फिर से अपने गांव आधिकारिक दौरे के दौरान आएंगे और गांव में रहेंगे, गांव के लोगों से बात करेंगे। उन्होंने कहा था, कि वो इससे पहले चार बार और भारत आ चुके हैं, लेकिन कभी वो अपने गांव नहीं आ पाए थे, जहां पर मेरी परवरिश हुई थी और जहां मेरे दादा-दादी रहते थे। उन्होंने कहा कि, वो मराठी बोलना जानते हैं, जो उनके पिता ने उन्हें सिखाई थी।












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