नई दिल्ली में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच अभूतपूर्व समझौता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ऐतिहासिक करार
नई दिल्ली में आज भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2+2 मीटिंग हो रही है। जिसमें दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव रहित वाहनों को लेकर बातचीत की गई है।
नई दिल्ली, सितंबर 11: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नये और ऐतिहासिक संबंधों की नींव रख दी गई है। आज नई दिल्ली में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीत 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक की गई है, जिसमें दोनों देशों के बीच अभूतपूर्व संबंधों की बुनियाद रखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक में भारत के तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए हैं तो ऑस्ट्रेलिया के तरफ से रक्षा मंत्री पीटर डटन और विदेश मंत्री मॉरिस पायने शामिल हुए हैं।
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भारत-ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक समझौता
पिछले कुछ सालों में भारत और ऑस्ट्रेलिया काफी करीब आए हैं, खासकर दोनों देश रक्षा संबंधों को लेकर काफी नजदीक आ गये है। दरअसल, भारत की मौजूदा नरेन्द्र मोदी सरकार और ऑस्ट्रेलिया की स्कॉट मॉरिसन सरकार ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नये संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और इसी कड़ी में दोनों देशों के बीच पहली बार टू प्लस टू बैठक हो रही है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के आधार पर दोनों देशों के बीच हुए रक्षा संबंधों में आए अहम प्रगति का उल्लेख किया है और कहा है कि, ''दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव रहित वाहनों के मामले में नये क्षेत्र की तलाश कर रहे हैं।

भारत-ऑस्ट्रेलिया में टू प्लस टू वार्ता
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे टू प्लस टू वार्ता के दौरान भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि, ''भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच जून 2020 में वर्चुअल बैठक के दौरान हम ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा संबंधों को लेकर व्यापक रणनीति साझेदारी पर पहुंचे थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि 'पिछले कुछ सालों में दोनों देशों की पहल इस बात को दिखाता है कि हम कितने करीब पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच की ये पार्टनरशिप फ्री ट्रेड, नियम आधारित व्यवस्था और ऑर्थिक विकास में साझेदार हैं।' भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं, जिससे हम काफी खुश हैं और हमारे बीच रक्षा संबंधों को लेकर उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।''

सेनाओं के बीच बढ़ा तालमेल
टू प्लस टू वार्ता में भारत सरकार के मंत्रियों के साथ ही भारत के सीडीएस विपिन रावत भी हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, भारतीय रक्षा मंत्री ने कहा कि द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों में संयुक्त अभ्यास की वजह से दोनों देशों की सेना के बीच आपसी तालमेल काफी बढ़ा है। राजनाथ सिंह ने कोरोना महामारी के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल के भारत आने के लिए धन्यवाद दिया है और कहा है कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव रहित वाहनों के विकास की दिशा में अहम खोज कर रहे हैं।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर बातचीत
हिंद प्रशांत क्षेत्र में चीन लगातार अपनी पकड़ बढ़ा रहा है। लिहाजा दोनों देशों के बीच हिंद महासागर में चीन को रोकने के लिए भी अहम सहमति बनी है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक भू-राजनीतिक वातावरण है, जिसका तेज प्रवाह है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए समान विचारधारा वाले देशों का एक साथ आना जरूरी है। इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्री ने बैठक मे अफगानिस्तान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस वक्त हमारे बीच अफगानिस्तान का घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण विषय है, लिहाजा इस बैठक के जरिए दोनों देशों के अपनी रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि इस महीने ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच 24 सितंबर को क्वाड की बैठक के दौरान मुलाकात भी होगी।












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