भारत- पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर पर फिर सहमति, 5 साल और वीजा फ्री यात्रा

भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर साहिब कॉरिडोर (Kartarpur Sahib Corridor) को लेकर एक बार फिर सहमति की अवधि बढ़ाई गई है। राजनयिक वार्ता के बाद दोनों देश समझौते की वैधता को पांच साल की अवधि के लिए बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। एक बयान में विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि केंद्र सरकार सिख समुदाय को उनके पवित्र स्थलों तक पहुंच की सुविधा निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर एग्रीमेंट की अवधि बढ़ाने पर सहमत हुई है।

करतारपुर साहिब जाने वाले यात्रियों के लिए एक बार फिर रास्ता साफ हो गया है। भारत ने पाकिस्तान के साथ करतारपुर साहिब गलियारों के लेकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। केंद्र सरकार की जारी की गई सूचना में कहा गया कि भारत ने जीरो प्वाइंट इंटरनेशनल बाउंड्री डेरा बाबा नानक में करतारपुर साहिब कॉरिडोर के संचालन के तौर-तरीकों पर आज पाकिस्तान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ पंजाब सरकार के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

Kartarpur Sahib Corridor

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवंबर 2018 को श्री गुरु नानक देवजी की 550 वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर पूरे देश और दुनिया भर में भव्य तरीके से मनाने का एक प्रस्ताव पारित किया। इस ऐतिहासिक फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक डेरा बाबा नानक से करतारपुर साहिब कॉरिडोर के निर्माण और विकास को मंजूरी दी ताकि भारत के तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर की यात्रा करने में सुविधा हो और यह यात्रा वर्ष भर सुचारू और सुगम तरीके से चल सके।

भारत- पाकिस्तान के बीच करतारपुर साहिब गलियारे के संचालन के लिए एक औपचारिक रूपरेखा तैयार की गई है। जिसके तहत पाकिस्तान के साथ भारत ने एक एग्रीमेंट किया है।

समझौते की मुख्य बातें -

  • भारतीय मूल के सभी धर्मों और व्यक्तियों के भारतीय तीर्थयात्री गलियारे का उपयोग कर सकते हैं।
  • यात्रा वीजा मुक्त होगी।
  • तीर्थयात्रियों को केवल एक वैध पासपोर्ट ले जाने की आवश्यकता होगी।
  • भारतीय मूल के व्यक्तियों को अपने देश के पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड ले जाना जरूरी है।
  • कॉरिडोर सुबह से शाम तक खुलेगा, सुबह यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को उसी दिन वापस लौटना होगा।
  • अधिसूचित दिनों को छोड़कर कॉरिडोर पूरे साल चालू रहेगा।
  • तीर्थयात्रियों के पास अकेले या समूहों में जाने के लिए और पैदल यात्रा करने का भी विकल्प होगा।
  • भारत यात्रा की तारीख से 10 दिन पहले तीर्थयात्रियों की सूची पाकिस्तान को भेजेगा। यात्रा की तारीख से 4 दिन पहले तीर्थ यात्रियों को पुष्टिकरण भेजा जाएगा।
  • इस समझौते के तहत पाकिस्तान ने भारत को 'लंगर' और 'प्रसाद' के वितरण के लिए पर्याप्त प्रावधान करने का आश्वासन भी देता भी है।

पाकिस्तान 20 डॉलर प्रति यात्री सेवा शुल्क की जिद से पीछे हटा
पाकिस्तान लंबे समय तक तीर्थयात्रियों से 20 अमेरिकी डॉलर प्रति यात्री सेवा शुल्क के रूप में वसूलने की जिद करता रहा। लेकिन भारत ने इसका लगातार विरोध किया। लगातार तीन संयुक्त सचिव स्तर की बैठकों और कूटनीतिक स्तर पर इस पर बार-बार जोर दिया गया था कि यह भारतीय तीर्थयात्रियों की धार्मिक और आध्यात्मिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है। शुल्क माफ करने से इनकार करने पर भारत ने पाकिस्तान के साथ अपनी गहरी निराशा साझा की है। बाद में 550 वें प्रकाशपर्व के पहले तीर्थयात्रियों और करतारपुर साहिब कॉरिडोर के समय पर परिचालन के हित में भारत आज समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गया। भारत सरकार इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार से शुल्क लगाने के मुद्दे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

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