भारत ने श्रीलंका को किया अलर्ट, एक और बड़े हमले की फिराक में हैं आतंकी

कोलंबो। रविवार को ईस्‍टर संडे के मौके पर श्रीलंका को आठ सीरियल ब्‍लास्‍ट्स के बाद जो जख्‍म मिले हैं, उसे भरने में शायद कई वर्ष लग जाएं। वहीं, भारत की ओर से श्रीलंका को आगाह किया गया है कि इस्‍लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) के आतंकियों की दूसरी टीम नए सिरे से देश पर हमला करने को रेडी है। भारत की इंटेलीजेंस एजेंसियों की ओर से बताया गया है कि श्रीलंका में हुए ब्‍लास्‍ट्स बिल्कुल आईएस के आतंकियों के अंदाज में अंजाम दिए गए हैं। अभी तक एनटीजे और आईएस के आतंकियों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पता लग पाया है लेफिन जांच से जुड़े लोगों इस बात को मान रहे हैं।

जांच में मदद कर रहा भारत

जांच में मदद कर रहा भारत

भारत, श्रीलंका को हमलों के बाद जांच के लिए इंटेलीजेंस और टेक्निकल सपोर्ट दे रहा है। साथ ही भारतीय एजेंसियां इस बात पर भी नजर रखे हैं कि कहीं तमिलनाडु स्थित संस्‍था का हमलों से कोई लेना-देना है या नहीं। इन हमलों में जिसमें से सात आत्‍मघाती थे, अब तक 310 लोगों की मौत हो चुकी है। इन 310 में से 10 मृतक भारतीय हैं। भारतीय विशेषज्ञों और सीनियर अधिकारियों की मानें तो हमलों में आइएस की छाप नजर आती है। पिछले वर्ष मई से ही इंडोनेशिया और फिलीपींस में चर्च पर होने वाले हमलों के लिए आईएस ने जिम्‍मेदारी ली है।

क्या है एनटीजे और कम हुई शुरुआत

क्या है एनटीजे और कम हुई शुरुआत

एनटीजे की शुरुआत साल 2014 में श्रीलंका के कट्टानकुडी से हुई थी जोकि श्रीलंका का मुसलमान आबादी वाला इलाका है। इसे जाहरान हाशिम उर्फ अबु उबैदा ने शुरू किया था। माना जा रहा है कि अबु ही वह सुसाइड बॉम्‍बर था जिसने शांगरी-ला होटल को मिलिट्री ग्रेड के विस्‍फोटकों से निशाना बनाया था। अल गुरबा मीडिया की ओर से एक वीडियो जारी किया गया था जिसमें सात आत्‍मघाती हमलावर नजर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि ये वही हमलावर हैं जा हमलों में शामिल थे। जहां हर हमलावर ने अपना चेहरा ढंका हुआ था तो अबु उबैदा ने अपना चेहरा नहीं ढंका था। वीडियो अरबी और तमिल भाषा में था। इसका कैप्‍शन था, 'ओ मुजाहिद, यह खूनी दिन (21 अप्रैल ) आपको हमारी तरफ से दिया गया एक तोहफा है।'

आईएस से प्रेरित है एनटीजे

आईएस से प्रेरित है एनटीजे

कुछ लोग मानते हैं कि कोलंबों में हुए हमले 15 मार्च को क्राइस्‍टचर्च में हुए आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया थे लेकिन वहीं कुछ लोगों का मानना है कि एनटीजे पिछले तीन माह से इन हमलों की साजिश कर रहा था। भारत में काउंटर-टेरर एक्‍सपर्ट्स का मानना है कि एनटीजे एक सेल्‍फ रेडिक्‍लाइज्‍ड सालाफी ग्रुप है जो आईएस से प्रेरित है। विशेषज्ञ मानते हैं कि श्रीलंका में कई मुसलमान ऐसे हैं जो हाल ही में कतर से लौटे हैं और इन्‍हें हमलों के सिलसिले में गिरफ्तार भी किया गया है।

चार अप्रैल को भारत ने किया अलर्ट

चार अप्रैल को भारत ने किया अलर्ट

सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत की ओर से श्रीलंका को इन हमलों के सिलसिले में चार अप्रैल को एक ऑपरेशनल ग्रेड इंटेलीजेंस दी गई थी। लेकिन श्रीलंका का सारा ध्‍यान तमिल अलगाववादियों पर था और शायद इस वजह से चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि भारत ने श्रीलंका को बताया था कि एनटीजे की एक और टीम जिसे जल-अल-किताल उर्फ रिजवान मर्गज लीड कर रहा है, वह कुछ और हमलों को अंजाम दे सकती है। हाशिम का साला नोफर मौलवी हाल ही में कतर से वापस लौटा है और उसने अब संगठन का जिम्‍मा संभाल लिया है।

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