इमरान अमरीका से क्या लेकर लौटे कि पाकिस्तान दीवाना हो गया?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अपनी पहली अमरीका यात्रा से वापस लौट आए हैं.
अमरीका से पाकिस्तान लौटे इमरान ख़ान का इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर जिस तरह का स्वागत हुआ, उसे देखकर लगा जैसे पाकिस्तानी टीम विश्व-कप जीतकर लौटी हो.
हालांकि दुनिया की नज़र में भले ही यह सिर्फ़ दो देशों के नेताओं की मुलाक़ात रही हो लेकिन ख़ुद इमरान ख़ान इसे 'दुनिया-फ़तह' करने से जोड़कर देखते हैं. पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ़ पार्टी के ट्विटर हैंडल से इमरान ख़ान का हवाला देते हुए एक ट्वीट किया गया है, जिसमें अमरीका से लौटने को विश्व कप जीतकर लौटने से जोड़कर कहा गया है.
I don't feel like I've returned home from a foreign visit. I feel like I've returned having won the world cup.
— PTI (@PTIofficial) 24 July 2019
- @ImranKhanPTI #WelcomeHomePMIK
"मुझे ऐसा नहीं लग रहा है कि मैं किसी विदेशी दौरे के बाद घर लौटा हूं. मुझे लग रहा है कि मैं विश्व कप लेकर लौटा हूं..."
इमरान ने आवाम को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि मैं आपसे वादा करता हूं कि एक दिन ऐसा ज़रूर आएगा जब ग्रीन पासपोर्ट को रखने वाले दुनियाभर में इज़्ज़त के साथ देखा जाएगा.
I promise you that there will come a day that a green passport holder will be respected in the world.
— PTI (@PTIofficial) 24 July 2019
- @ImranKhanPTI #WelcomeHomePMIK
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाक़ात कर 25 जुलाई को आधी रात के बाद इमरान ख़ान पाकिस्तान के इस्लामाबाद एयरपोर्ट उतरे. लेकिन किसी भी लिहाज़ से ऐसा नहीं लग रहा था कि रात के दो बज रहे थे.
Prime Minister Khan lands home at 2 am according to Local time but Pakistan is awake even at this hour for welcoming PM Khan, as Sec Pompeo called it, like a Rockstar, to acknowledge his efforts of putting forth the true Pakistani point of view in US. #WelcomeHomePMIK pic.twitter.com/8tiGbtxnDa
— PTI (@PTIofficial) 24 July 2019
हज़ारों की संख्या में ट्विटर यूज़र इमरान ख़ान की तारीफ़ में ट्वीट कर रहे हैं.
Allah Almighty Give You Long Live Life, @ImranKhanPTI Ameen..
— Waqar Khan 💧 (@WaqarKhanOne) 25 July 2019
You are last hope for Us...Love U PMIK#NayaPakistan_Day pic.twitter.com/4BrTNo3Wcl
फ़ातिमा लिखती हैं कि उन्होंने पूरे मुल्क़ को फ़क्र महसूस कराया है.
THANK YOU IK❤ you have made the whole nation proud. #WelcomeHomePMIK pic.twitter.com/6DSUNkJhJk
— fatima :) (@FATIMASAVAGE7) 25 July 2019
इस तरह के ढेरों ट्वीट, कमेंट सोशल मीडिया पर मौजूद हैं.
ट्विटर ट्रेंड की बात करें तो पाकिस्तान में #WelcomeHomePMIK ट्रेंड कर रहा है. इसके अलावा #NayaPakistan_Day भी ट्रेंड में है.
लेकिन सुबह तक जहां ट्विटर ट्रेंड सिर्फ़ इमरान ख़ान के पक्ष में ट्रेंड कर रहा था वहीं कुछ घंटे बाद ही #BlackDay भी ट्रेंड करने लगा. इमरान ख़ान और उनकी सरकार के विरोध में इस हैशटैग से कई ट्वीट किये गए.
इमरान ख़ान की अमरीका से वापसी को वहां एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है.
लेकिन सवाल ये है कि इमरान ख़ान अमरीका से ऐसा लेकर क्या लौटे हैं जिसकी वजह से सोशल मीडिया पर इस तरह के ट्रेंड चल रहे हैं और वो ख़ुद जिसे विश्व कप जीतने से जोड़कर देख रहे हैं.
इमरान ट्रंप की वार्ता में क्या-क्या हुआ?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने व्हाउट हाउस में इमरान ख़ान से मुलाक़ात के दौरान कहा कि अमरीका पाकिस्तान के साथ मिलकर अफ़ग़ानिस्तान युद्ध के समाधान पर काम कर रहा है. वहीं इमरान ख़ान ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में वो तालिबान को वार्ता जारी रखने के लिए कह सकेंगे.
ट्रंप ने पाकिस्तान को अमरीकी मदद बहाल करने के संकेत भी दिए लेकिन सशर्त.
17 साल से जारी अफ़ग़ान युद्ध को समाप्त करने में अमरीका पाकिस्तान की भूमिका को अहम मानता है. लेकिन दोनों देशों के रिश्ते भी उतार चढ़ाव भरे रहे हैं.
अमरीका में राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता मे आने के बाद से अमरीका ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ काफ़ी कड़ा रुख़ अपनाया हुआ था और दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ गया था.
राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद के ख़िलाफ़ नाकाफ़ी क़दम उठाने और पाकिस्तान में कुछ चरमपंथी गुटों को पनाह दिए जाने का हवाला देते हुए पिछले साल अमरीका की पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक मदद भी रोक दी.
लेकिन, अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाली के लिए अमरीका और तालिबान के बीच बातचीत में पाकिस्तान ने अहम किरदार निभाया और ट्रंप ने पाकिस्तान की इस सिलसिले में तारीफ़ भी की. जिससे निश्चित तौर पर पाकिस्तान की उम्मीदें बढ़ी होंगी.

वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अमरीका यात्रा के दौरान ये भी कहा कि वो परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन भारत को भी ऐसा ही करना होगा.
बतौर प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की यह पहली यात्रा थी. इस यात्रा को ख़ास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि एक लंबे समय से अमरीका और पाकिस्तान के बीच रिश्ते रिश्ते इतने सहज नहीं रहे हैं.
फिलवक़्त पाकिस्तान आर्थिक तंगी के दौर से गुज़र रहा है. ऐसे में उसके लिए अमरीकी मदद और भी अहम हो जाती है. लेकिन इन दोनों नेताओं की मीटिंग के बाद से अभी तक जो भी बात सामने आई है उसमें अमरीका की तरफ़ से कहीं भी यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा गया है कि वो आर्थिक सहायता करेंगे. मदद का आश्वासन ज़रूर है लेकिन वो भी मुद्दों की सहमति पर निर्भर करता है.
हालांकि पाकिस्तान में ही एक धड़ा ऐसा भी है जो ये भी कह रहा है कि कहीं इमरान ख़ान कुछ ज़्यादा ही वादे तो नहीं करके आ गए?












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