अगर क्वारेंटाइन से भागे तो पकड़ लेगा रिस्ट बैंड, बजने लगेगी घंटी

दक्षिण कोरिया में कोरोना का संक्रमण कम हो रहा है लेकिन वह बचाव के उपायों पर कोई ढिलाई नहीं बरत रहा। 8 मार्च को दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमितों की संख्या 40 से भी कम रही। अब यहां कोरोना ढलान पर है। लेकिन इसके बावजूद दक्षिण कोरिया क्वारेंटाइन के नियमों को और सख्ती से लागू करने की योजना बना रहा है। 7 मार्च को करीब 75 लोगों पर क्वारेंटाइन निर्देशों को तोड़ने का संदेह व्यक्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। अब यहां की सरकार क्वारेंटाइन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक इलेक्ट्रोनिक रिस्ट बैंड लाने पर विचार कर रही है। ये इलेक्ट्रेनिक रिस्ट बैंड बन कर तैयार है लेकिन निजता के अधिकार को ध्यान में रख कर इसके कानूनी पहलू पर विचार-विमर्श चल रहा है। दक्षिण कोरिया ने क्वारेंटाइन नियमों को तोड़ने पर दंड और जुर्माना के प्रवाधान को और कड़ा कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति इसका दोषी पाया जाता है तो उसे अब अधिकतम एक साल की सजा हो सकती है और अधिकतम 10 मिलियन वॉन (करीब सवा छह लाख रुपये) का जुर्माना हो सकता है। दक्षिण कोरिया क्वारेंटाइन के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर चल रहा है। इसलिए उसने दंड को तो कठोर किया ही अब तकनीक भी अपना रहा है।

क्वारेंटाइन के लिए इलेक्ट्रोनिक रिस्ट बैंड
अनिवार्य होम क्वारेंटाइन में रहने वाले लोगों को ट्रैक करने के लिए दक्षिण कोरिया में इलेक्ट्रोनिक रिस्ट बैंड की मदद ली जा सकती है। इस रिस्ट बैंड को एक मोबाइल एप्लिकेशन से कनेक्ट किया जाएगा। यह एप्लिकेशन एक स्मार्ट फोन में इंस्टॉल रहेगा। क्वारेंटाइन में रहने वाला व्यक्ति, जिसने रिस्ट बैंड पहन रखी है, अगर वह अपने स्मार्ट फोन से 10 मीटर से अधिक दूर जाएगा तो कंट्रोल रुम की घंटी बजने लगेगी। इससे पता चल जाएगा कि किस व्यक्ति ने क्वारेंटाइन के नियमों को तोड़ा है। लेकिन निजता का अधिकार और मानवाधिकार के प्रावधान, इस रिस्ट बैंड के आड़े आ हैं। इस रिस्ट बैंड को पहनने के बाद संबंधित व्यक्ति की निजी गतिविधियां भी तीसरी आंख की जद में होंगी। दक्षिण कोरिया की सरकार इस रिस्ट बैंड को लेकर कानून विशेषज्ञों की सलाह ले रही है। कई लोगों का कहना है कि देश हित में अगर मानवाधिकार भी प्रभावित होते हैं, तो ऐसा किया जाना चाहिए।

अभी क्या है व्यवस्था
अभी दक्षिण कोरिया में क्वारेंटाइन की मॉनिटरिंग संबंधित व्यक्ति के स्मार्ट फोन से होती है। जिस व्यक्ति को क्वारेंटाइन किया जाता है उसके मोबाइल फोन में स्वास्थ्य विभाग का एप इंस्टॉल होता है। संबंधित व्यक्ति अपना मोबाइल लेकर जहां जाता है उसके लोकेशन के आधर पर उसे ट्रैक कर लिया जाता है। लेकिन हाल के दिनों में देखा गया कि कई लोग अपने मोबाइल फोन घर पर छोड़ कर इधर-उधर घूमने निकल गये। मोबाइल साथ नहीं रहने की वजह से ऐसे लोग ट्रेस नहीं किये जा सके। इसलिए दक्षिण कोरिया की सरकार इलेक्ट्रोनिक रिस्ट बैंड के विकल्प पर विचार कर रही है ताकि नियम तोड़ने वालों की आसानी से पहचान हो सके। विदेश से जो दक्षिण कोरिया में आये हैं उनके लिए 1 अप्रैल से अनिवार्य सेल्फ क्वारेंटाइन लागू किया गया है। दक्षिण कोरिया में अभी 46 हजार से अधिक लोग क्वारेंटाइन में ऱखे गये हैं जिनमें करीब 38 हजार लोग विदेश से आये हुए हैं। सेल्फ क्वारेंटाइन में रखने वालों की संख्या करीब 90 हजार तक पहुंच सकती है। विदेश से आने वाले लोगों की संख्या अभी भी थम नहीं रही है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए अधिक से अधिक लोगों को क्वारेंटाइन किया जाना आवश्यक माना जा रहा है। दक्षिण कोरिया में इसके लिए जगह, संसाधन और मैनपावर की कोई कमी नहीं है।

विदेशियों के लिए नियम सख्त
दक्षिण कोरिया में अगर कोई विदेशी क्वारेंटाइन नियमों को तोड़ता है तो उसे जबरन उसके देश वापस भेज दिया जाएगा और उसके दोबारा प्रवेश को हमेशा के लिए निषिद्ध कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं विदेशियों की आमद कम करने के लिए सरकार ने 13 अप्रैल से शॉर्ट टर्म विजा को रद्द करने का फैसला किया है। संक्रमण रोकने के लिए विदेशियों की आमद पर ब्रेक लगाया जा रहा है। दरअसल दक्षिण कोरिया की सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बहुत सतर्क है। हाल ही में 51 वैसे व्यक्ति फिर कोरोना संक्रमित हो गये जो पहले ठीक हो चुके थे। इसलिए वह कोरोना फैलने के तमाम रास्तों को बिल्कुल बंद कर देना चाहती है।












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