जानिए कैसे आजादी के छह दशक बाद भी गुलाम हैं भारत के 1 करोड़ 83 लाख लोग
मेलबर्न। जी हां सही सुना आपने, भारत आजादी के छह दशकों बाद भी गुलाम है। आज भी इस देश के 83 लाख नागरिक एक ऐसी गुलामी के चक्कर में जिससे वह चाहकर भी दूर नहीं पा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के एक मानवाधिकार संगठन वॉक फ्री फाउंडेशन की ओर से तैयार एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक आज भी भारत में बंधुआ मजदूरी, वेश्यावृत्ति और भीख जैसी आधुनिक गुलामी ने एक करोड़ 83 लाख 50 हजार लोगों को अपने शिकंजे में लिया हुआ है। इस तरह से दुनिया में आधुनिक गुलामी से पीड़ितों की सबसे ज्यादा संख्या भारत में है। एक नजर डालिए इस रिपोर्ट के कुछ खास प्वाइंट्स पर।
क्या कहती है रिपोर्ट
- वैश्विक गुलामी सूचकांक के अनुसार दुनियाभर में महिलाओं और बच्चों समेत चार करोड़ 58 लाख लोग गुलामी की गिरफ्त में।
- दुनिया भर में ऐसे गुलामों की तादाद तकरीबन चार करोड़ 60 लाख है।
- दो वर्ष पहले, 2014 में यह तादाद तीन करोड़ 58 लाख थी।
- भारत में आधुनिक गुलामी की तादाद सबसे ज्यादा है।
- भारत में एक करोड़ 83 लाख 50 हजार लोग गुलामी में जकड़े।
- नॉर्थ कोरिया में आबादी का 4.37 प्रतिशत हिस्सा आधुनिक गुलामी का शिकार।
- वर्ष 2014 में भारत में आधुनिक गुलामी में जकड़े लोगों की तादाद एक करोड़ 43 लाख थी।
- आधुनिक गुलामी सभी 167 देशों में पाई गई है।
- इसमें शीर्ष पांच देश एशिया के हैं और भारत टॉप पर।
- चीन में आंकड़ा 33.90 हजार, पाकिस्तान में 21.30 हजार, बांग्लादेश में 15.30 हजार और उज्बेकिस्तान में 12.30 हजार है।
- इन पांच देशों में कुल मिला कर दो करोड़ 66 लाख लोग जो दुनिया के कुल आधुनिक गुलामों का 58 प्रतिशत।
कैसे तय की गई आधुनिक गुलामी की परिभाषा
- आबादी के अनुपात में गुलामों की तादाद के आधार पर 167 देशों का क्रम तय।
- आधुनिक गुलामी में शोषण के कुछ हालातों को रखा गया है।
- इनमें धमकी, हिंसा, जोर-जबरदस्ती, ताकत का दुरूपयोग या छल-कपट शामिल है।
- रिसर्च में 25 देशों में 53 भाषाओं में आयोजित 42 हजार से ज्यादा इंटरव्यू शामिल हुए।
- इनमें भारत में 15 राज्य स्तरीय सर्वे भी शामिल हैं।
सबसे कम आधुनिक गुलामी
जिन देशों में सबसे कम आधुनिक गुलामी का आकलन किया गया है उनमें लक्जेमबर्ग, नार्वे, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया, स्वीडन और बेल्जियम, अमेरिका और कनाडा, और ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।
गुलामी से निकलने के लिए भारत की कोशिशें
रिसर्च के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा लोग गुलामी की गिरफ्त में हैं, इसने इस समस्या से निबटने के लिए उपाय करने की दिशा में खासी तरक्की की है। रिसर्च में कहा गया है कि भारत ने मानव तस्करी, गुलामी, बंधुआ मजदूरी, बाल वेश्यावृत्ति और जबरन शादी को अपराध घोषित किया है। भारत सरकार बार बार अपराध करने वालों को ज्यादा कठोर सजा के प्रावधान के साथ अभी मानव तस्करी के खिलाफ कानून कड़ा कर रही है।
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