अल्लाहू अकबर... हूतियों ने कैसे किया लाल सागर में भारत आ रहे जहाज का अपहरण, VIDEO जारी कर दिखाया
Houthis Video hijacking of India-bound ship: इजराइल पर प्रेशर बनाने के लिए ईरान समर्थित आतंकी संगठन हूती विद्रोहियों ने रविवार को तुर्की से भारत आ रहे मालवाहक जहाज को, इजराइली जहाज समझकर अपहरण कर लिया था और अब हूतियों ने वीडियो जारी कर बताया है, कि आखिर उसने लाल सागर में कैसे जहाज का अपहरण किया है।
यमन में ईरान समर्थित हूतियों ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दिखाया गया है, कि कैसे उसने रविवार को लाल सागर में भारत जाने वाले एक शिपिंग जहाज का अपहरण कर लिया। द टाइम्स ऑफ इज़राइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फुटेज में एक हेलीकॉप्टर को "गैलेक्सी लीडर" नाम के इस मालवाहक जहाज पर उतरते हुए दिखाया गया है।

वीडियो में दिख रहा है, कि अपहरण के दौरान हेलीकॉप्टर से कई बंदूकधारी जहाज पर उतर रहे हैं और जहाज पर नियंत्रण कर रहे हैं।
वीडियों में देखा जा सकता है, कि लाल सागर से गुजर रहे मालवाहक जहाज के ऊपर एक हेलीकॉप्टर लैंड करता है और फिर उसमें से कई बंदूकधारी नीचे उतरते हैं और धीरे धीरे वो फिल्मी स्टाइल में जहाज पर कंट्रोल करने के लिए आगे बढ़ने लगते हैं। हालांकि, जहाज के सबसे ऊपरी हिस्से में कोई नहीं होता है।
जहाज अपहरण का वीडियो
इसके बाद फिर ये बंदूकधारी जहाज के अंदर दाखिल होते हैं और फिर जहाज के क्रू मेंबर्स को हाथ उपर करने के लिए धमकाते हैं। वीडियो में दिख रहा है, कि जहाज के क्रू मेंबर्स बंदूकधारियों को देखकर अपने हाथ ऊपर कर लेते हैं और फिर जहाज पर बंदूकधारियों का कब्जा हो जाता है।
इस दौरान एक बंदूकधारी को अल्लाहू अकबर के साथ इस्लामिक नारे और अमेरिका को मौत, इजराइल की मौत, इस्लाम की जीत जैसे नारे लगाते हुए देखा जा सकता है।
इजराइल ने बताया आतंकी घटना
शुरूआत में यह बताया गया, कि ये मालवाहक जहाज इजराइल से संबंधित था, लेकिन बाद में इजराइल के प्रधान मंत्री के कार्यालय ने स्पष्ट किया, कि अपहृत जहाज का इजराइल से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस घटना को आतंकवादी घटना करार दिया और ईरान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
कुछ मीडिया ने यह भी बताया, कि इजरायली नागरिकों को जहाज में बिठाया गया था, लेकिन बाद में तेल अवीव ने इसका खंडन किया।
घटना की निंदा करते हुए, इजराइली प्रधानमंत्री ऑफिस ने कहा, कि इज़राइल एक अंतरराष्ट्रीय जहाज के खिलाफ ईरानी हमले की कड़ी निंदा करता है और जहाज को जोड़ा, जिसका स्वामित्व एक ब्रिटिश कंपनी के पास है और एक जापानी फर्म द्वारा संचालित है।
आपको बता दें, कि तेहरान के सहयोगी हूती विद्रोही, फिलिस्तीन के समर्थन में इजराइल पर लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर रहे हैं। ईरान के अल-अरबिया न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते हूती संगठन ने कहा था, कि उसकी सेनाएं इजरायल पर और हमले करेंगी और वे लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में इजरायली जहाजों को निशाना बना सकते हैं।
इजराइल ने ईरान को दी अजाम भुगतने की चेतावनी
इजराइली पीएम कार्यालय ने दावा किया, कि जहाज को ईरान के कहने पर में यमन से ऑपरेट होने वाले हूतियों ने अपहरण कर लिया गया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, "जहाज पर यूक्रेनी, बल्गेरियाई, फिलिपिनो और मैक्सिकन सहित विभिन्न राष्ट्रीयताओं के 25 चालक दल के सदस्य हैं। जहाज पर कोई इजरायली नहीं है।"
बयान में कहा गया है, "यह ईरानी आतंकवाद का एक और कृत्य है और वैश्विक शिपिंग लेन की सुरक्षा के संबंध में अंतरराष्ट्रीय परिणामों के साथ, स्वतंत्र दुनिया के नागरिकों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता में एक छलांग है।"
रविवार को अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की, कि हूती विद्रोहियों ने इजरायल से जुड़े एक मालवाहक जहाज का अपहरण कर लिया है। बाद में, सोमवार को, ईरान ने दावों को खारिज कर दिया और कहा, कि यह यमन के हूती विद्रोहियों का यह अपना फैसला था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने कहा, कि इजराइल ने तेहरान पर मौजूदा इजराइल-हमास युद्ध से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।












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