आसियान में नरेंद्र मोदी ने कहा सम्मेलन में भाग लेना गर्व की बात
ने पाई तॉ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12वें आसियान सम्मेलन के दौरान यहां पर आए नेताओं को संबोधित किया। मोदी के लिए यह पहला मौका है जब वह आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं। मोदी ने इस दौरान कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेना उनके लिए गर्व की बात है। मोदी अगले 10 दिनों के दौरान कई देशों की यात्रा करेंगे और इसकी शुरुअात म्यांमार मेें आसियान शिखर सम्मेलन से हुई है।

क्या कहा मोदी ने
मोदी ने बुधवार को म्यांमार में आसियान सम्मेलन के दौरान मीडिया के साथ ही वहां पर मौजूद सभी नेताओं को संबोधित किया है। पेश है इस दौरान मोदी की ओर से कही गई बातों के खास अंश।
- 12वें सम्मेलन में भाग लेना मेरे लिए गर्व की बात।
- म्यांमार भारत का एक अहम पड़ोसी है।
- हम सभी म्यांमार के साथ एतिहासिक रिश्तों को साझा करने पर गर्व है।
- इस सम्मेलन में आए सभी देशों के साथ भारत के बेहतर संबंध है।
- पूर्व में भारत की यात्रा म्यांमार से ही शुरू होती है।
- राष्ट्रपति जी मैं आपको आसियान और ईस्ट इंडिया सम्मेलन की सफलता के लिए आपको शुभकामनाएं।
- भारत की नई सरकार ने सभी देशों के साथ संबंध बेहतर करने पर ध्यान दिया है।
- 6 महीने में हमारी सरकार ने पूर्व की तरफ ध्यान दिया।
- भारत की लुक इस्ट पॉलिसी अब एक्ट इस्ट पॉलिसी हो गई है।
- भारत में आर्थिक विकास, औद्योगिकीकरण तथा कारोबार का एक नया युग शुरू हो चुका है।
- आज विश्व तथा क्षेत्र को एक मजबूत भारत-आसियान साझेदारी की जरूरत है।
- तेजी से विकसित होता भारत और आसियान एक दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार हो सकते हैं।
- आसियान से भी हमारा काफी गंभीर रवैया है।
- आसियान ने दिखाया है कि एकता, एकाग्रता और समग्रता कितनी अहम है।
- आसियान ने राजनीति और आर्थिक मोर्चे पर एक नई पहचान बनाई है।
- इसके लिए आसियान के सभी नेता बधाई के पात्र है।
म्यांमार में मेक इन इंडिया
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई कंपनियों को बड़े पैमाने पर भारत में आमंत्रित करते हुए कहा कि वहां उनके लिए बहुत सी संभावनाएं हैं क्योंकि वह महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया' अभियान को काफी महत्व दे रहे हैं।
मलेशियन पीएम से मिले मोदी
मोदी ने अपने मलेशियाई समकक्ष नजीब रजाक के साथ म्यामांर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 12वीं आसियान-भारत शिखर सम्मेलन से अलग हुई द्विपक्षीय मुलाकात में यह आमंत्रण दिया। म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और फिजी की 10 दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन मोदी और रजाक के बीच बैठक हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक के तुरंत बाद ट्वीट किया, मैं मेक इन इंडिया पर काफी जोर दे रहा हूं और मलेशियाई कंपनियों को भारत आने का निमंत्रण देना चाहता हूं। वहां बहुत से अवसर हैं। भारत पारंपरिक रूप से निवेश के लिए जापान, दक्षिण कोरिया, यूरोप और अमेरिका पर निर्भर करता है। मोदी ने नजीब को बताया कि मलेशिया और भारत ने पूर्व में एक साथ मिलकर काम किया है और दोनों देश उनके नेतृत्व में इस सहयोग को आगे बढ़ा सकते हैं।
मोदी ने रज्जाक को दिया न्यौता
मोदी और नजीब ने एक दूसरे को उनके देश की यात्रा का निमंत्रण भी दिया।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने मोदी-नजीब मुलाकात का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, सुधारकों की बैठक, सरकार तथा आर्थिक सुधारों पर विचारों को किया साझा।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच जनवरी से नवंबर 2013 के बीच कुल कारोबार 12. 3 अरब डॉलर का रहा था जबकि मलेशिया और चीन के बीच यह आंकड़ा 95 अरब डॉलर का था। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि इस द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाने के शानदार अवसर हैं।












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