पाकिस्तान में एक साल बाद फिर कुदरत का तांडव, भीषण बारिश में 24 लोगों की मौत, भारत ने पानी छोड़ा, तो डूबना तय..
Pakistan heavy Rain: एक साल पहले इन दिनों एक तिहाई पाकिस्तान डूबा हुआ था और भीषण बारिश ने देश की हालत खराब कर दी थी। पिछले साल करीब एक तिहाई पाकिस्तान बाढ़ की चपेट में आया था और करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था।
लेकिन, एक साल के बाद पाकिस्तान पर फिर से कुदरत ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है और भीषण बारिश की चपेट में आकर कई लोगों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान में भीषण बारिश से कई लोगों के मरने, कई जगहों पर बाढ़ आने और जनजीवन अस्तव्यस्त होने की रिपोर्ट है।

पाकिस्तान में फिर से भीषण बाढ़
पाकिस्तान में पिछले साल जब मॉनसून की जबरदस्त बारिश के बाद बाढ़ आई थी, तो उसकी चपेट में आकर आधिकारिक तौर पर 1739 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 3 करोड़ 30 लाख लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। पिछले बाढ़ ने जो तबाही मचाई थी, उससे उबरने के लिए पाकिस्तान आज भी संघर्ष कर रहा है, लेकिन इस बार भी कुदरत पाकिस्तान पर रहम दिखाने के मूड में नहीं है।
पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया, कि पूर्वी पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में मौसम संबंधी घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। पिछले सप्ताह बारिश शुरू होने के बाद से मौसम संबंधी घटनाओं में अभी तक कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें उत्तर पश्चिम में पिछले दिन मारे गए तीन लोग भी शामिल हैं।
पाकिस्तान में मानसून का मौसम आधिकारिक तौर पर इस सप्ताह शुरू हो गया है और ये सितंबर तक जारी रहेगा। बारिश के मौसम का पहला दौर शनिवार तक जारी रहने की उम्मीद है।
लाहौर, जो पाकिस्तान की सांस्कृतिक राजधानी है, वहां बुधवार को नौ घंटे में रिकॉर्ड 272 मिलीमीटर (10.7 इंच) बारिश हुई, जिससे सड़कों और शहर की नहर में पानी भर गया। पंजाब प्रांत के शीर्ष सरकारी अधिकारी मोहसिन नकवी ने कहा, पानी निकालने की कोशिशें अभी भी जारी है।
अधिकारियों ने बताया, कि आखिरी बार लाहौर में 30 साल पहले ऐसी बाढ़ आई थी। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी इस हफ्ते भारी बारिश हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थानीय अधिकारियों को बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
पिछले साल भीषण बाढ़ की वजह से पाकिस्तान को अनुमानित तौर पर करीब 30 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता के अनुसार, 8 से 10 जुलाई तक झेलम, सतलज, रावी और चिनाब नदियों में "बहुत उच्च स्तर की बाढ़" की संभावना है। इसके अलावा, पाकिस्तान को आशंका है, कि भारत में भी भीषण बारिश हो सकती है, जिससे भारत भी रावी और सतलज नदियों का पानी छोड़ेगा, जिसके बाद पाकिस्तान में भीषण बाढ़ आ सकती है।
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पंजाब के डिप्टी कमिश्नरों समेत सभी प्रांतीय विभागों को हाई अलर्ट भी जारी किया है और सभी विभागों को तुरंत व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, लाहौर में बारिश जारी है जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है।
लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (LESCO) के प्रवक्ता के मुताबिक, LESCO क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बारिश शुरू हो गई है और LESCO के शेखूपुरा सर्कल, ननकाना और नादरान सर्कल में भारी बारिश की खबरें हैं।
शहर में बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीसी रावलपिंडी ने नाला लेह और अन्य बड़े नालों के आसपास धारा 144 लगा दी है. इन नालों के आसपास किसी भी तरह का कूड़ा फेंकने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।












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