20 मिनट में 5000 रॉकेट दागे, कहर बनकर इजराइल पर टूटा हमास, क्या ये तीसरे इंतिफादा की शुरुआत है?
इजराइल और फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के बीच जंग में अब तक 700 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को हमास की तरफ से अचानक किए गए हमलों में इस्राइल के 313 लोग जान गंवा चुके हैं। वहीं, इजरायल की ओर से पलटवार में गाजा पट्टी से करीब 350 मौतों की बातें सामने आ रही हैं।
इस बीच अमेरिका,भारत, चीन सहित कई देशों ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने इस्राइल पर हमलों के मद्देनजर उसे आठ अरब डॉलर की आपात मदद मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है।

1948 के बाद इजराइल में फिलिस्तीनी घुसपैठ का ये सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है। इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि दुश्मन को इस जंग की शुरुआत करने के लिए भारी कीमत चुकानी होगी। इजराइल-फिलिस्तीन के बीच इस संघर्ष को तीसरे इंतिफादा की शुरुआत माना जा रहा है।
क्या है तीसरा इंतिफादा?
कुछ पर्यवेक्षकों ने नवीनतम संघर्ष को "तीसरे इंतिफादा" की शुरुआत के रूप में संदर्भित किया है। इंतिफादा एक अरबी शब्द है जिसका अंग्रेजी में अर्थ 'शेक ऑफ' है। हिन्दी में कहें तो 'हिलाना' या 'हिला देना'।
इंतिफादा शब्द पहली बार दिसंबर 1987 में लोकप्रिय उपयोग में आया। इजराइल पर जोरदार हमले को फिलिस्तीन के लोग इंतिफादा कहते हैं। यानी कि एक ऐसा हमला जो इजराइल को पूरी तरह से हिला कर रख दे।
फिलिस्तीनी-अमेरिकी विद्वान एडवर्ड सईद ने 1989 में 'इंतिफादा एंड इंडिपेंडेंस' शीर्षक वाले अपने निबंध में इंतिफादा को उन लोगों की प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया है, जिन्हें इजराइली लोगों ने उनके इतिहास, भूमि और राष्ट्रीयता को छीनने की कोशिश की थी।
पहला इंतिफादा 1987 से 1993 तक और दूसरा इंतिफ़ादा 2000-2005 तक चला। ये अत्यंत लोकप्रिय विद्रोह थे जिनका नेतृत्व फिलिस्तीनी युवा कर रहे थे जो अपनी ही मातृभूमि में कहीं अधिक शक्तिशाली इजरायली निवासियों के व्यवहार से परेशान थे।
पहले इंतिफादा में फिलिस्तीनी इजराइली सेना पर पत्थर और बम ही फेंकते थे। दूसरे इंतिफादा में हमास ने आधुनिक हथियारों से लैस होकर इजराइल पर हमला बोला। तीसरे इंतिफादा अगर ये है तो हम देख रहे हैं कि कैसे हमास ने कुछ ही मिनटों में हजारों मिसाइलों से इजराइल पर हमला किया।












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