कोवैक्सिन की डोज लेने वालों को जर्मनी जाने के लिए देनी होगी कोरोना निगिटेव रिपोर्ट
कोवैक्सिन की डोज लेने वालों को जर्मनी जाने के लिए देनी होगी कोरोना निगिटेव रिपोर्ट
नई दिल्ली, 21 सितंबर: कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए जर्मनी की सरकार ने नए यात्रा नियम जारी किए हैं। जर्मनी की सरकार ने कहा है कि जिन भी लोगों को कोवैक्सिन या किसी अन्य वैक्सीन का डोज लगवाया गया है, जिन्हें मान्यता नहीं मिली है, उन्हें जर्मनी में प्रवेश करने के लिए कोविड-19 की निगेटिव रिपोर्ट देनी होगी। हालांकि, जर्मनी की सरकार ने भी कहा है कि क्वारंटाइन की कोई आवश्यकता नहीं है। कोवैक्सिन को फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी नहीं मिली है। कोवैक्सिन बनाने वाली भारतीय कंपनी भारत बॉयोटेक ने कहा है कि अक्टूबर के मध्य में कोवैक्सिन को मंजूरी मिल जाएगी। कंपनी ने कहा है कि सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सारे दस्तावेज भी सबमिट कर दिए गए हैं।

जर्मनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा है, "कोवैक्सिन या किसी अन्य वैक्सीन की डोज लेने वालों व्यक्तियों को पॉल एर्लिच इंस्टीट्यूट द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है, उन्हें अपने साथ कोरोना वायरस की निगेटिव रिपोर्ट ले जानी होगी। जो जर्मनी में प्रवेश करने पर 72 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।''
वहीं यूके सरकार ने भी भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका वैक्सीन कोविशील्ड से टीका लगाए गए भारतीयों के लिए क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिया है। भारत के जो लोग पूरी तरह से वैक्सीनेट हैं, उन्हें भी अनिवार्य आरटी-पीसीआर टेस्ट के साथ यूके में क्वारंटाइन से गुजरना होगा। ब्रिटेन की सरकार पर भारत के यात्रियों के लिए अपने कोविड-19 वैक्सीन प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का दबाव बढ़ रहा है।
इससे पहले, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा था कि वह नवंबर में चीन, भारत, ब्राजील और अधिकांश यूरोप सहित 33 देशों से हवाई यात्रा फिर से शुरू करेगा। लेकिन यात्रा की अनुमति सिर्फ उन्हें ही होगी, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। यानी जो पूरी तरह से वैक्सीनेट हों, अमेरिका सिर्फ उन्हें ही यात्रा करने की अनुमित देगा।












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