George H.W. Bush (profile): फाइटर जेट उड़ाते समय एंटी एयरक्राफ्ट गन से हुआ था हमला, चार घंटे डूबे रहे समंदर में
वॉशिंगटन। अमेरिका के 41वें राष्ट्रपति रहे जॉर्ज एचडब्लूय बुश का 94वें वर्ष की आयु में निधन हो गया है। बुश सीनियर अमेरिका के 43वें राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के पिता भी थे। एक सीनेटर, द्वितीय विश्व युद्ध के समय जाबांज फाइटर पायलट, एक राजनयिक, अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य और इंटेलीजेंस एजेंसी के चीफ, ये शायद कुछ टाइटल्स ही हैं जो आपको जॉर्ज बुश की बुद्धिमता और उनकी क्षमता का परिचय कराने के लिए काफी हैं। जॉर्ज बुश ने जब व्हाइट हाउस छोड़ा तो उसकी लोकप्रियता में दोगुना इजाफा हो गया। बुश सीनियर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जिस दौर के मुख्य किरदार रहे, उसकी गवाह पूरी एक पीढ़ी रही। उनके निधन के साथ ही एक दिसंबर को अमेरिकी राजनीति के एक बड़े दौर का अभी अंत हो गया है। जानें बुश सीनियर के बारे में कुछ खास बातें।

खून में थी राजनीति
जॉर्ज हरबर्ट वॉकर बुश, बुश सीनियर का पूरा नाम था। उनका जन्म 12 जून 1924 को मैसाच्यूसेट्स के मिल्टन में हुआ था। वह न्यू इंग्लैंड के अमीर राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता प्रेस्कॉट बुश भी अमेरिकी राजनीति में सक्रिय थे। सफल बैंकर होने के अलावा प्रेस्कॉट कनैटिक्ट से सीनेटर थे। बुश को अपने घर में बहुत लाड़-प्यार मिला था। उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित फिलीप्स एकेडमी में पढ़ाई की जो एंडोवर में है। लेकिन येल यूनिवर्सिटी का ऑफर स्वीकारने में उन्होंने देर कर दी थी।

18वें बर्थडे पर युद्ध के मैदान में पहुंचे बुश
बुश सीनियर ने येल यूनिवर्सिटी का ऑफर यूएस नेवी में हुए सेलेक्शन की वजह से स्वीकारने से इनकार कर दिया था। अपने 18वें जन्मदिन पर बुश सीनियर एक फाइटर पायलट के नाते युद्ध के मैदान में थे। द्वितीय विश्वयुद्ध में वह अमेरिका के सबसे कम उम्र के फाइटर पायलट थे।

58 कॉम्बेट मिशन को दिया अंजाम
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बुश ने 58 कॉम्बेट मिशन को अंजाम दिया था। सिर्फ इतना ही पैसेफिक के ऊपर जिस समय उनका फाइटर जेट उड़ान भर रहा था, एक जापानी एंटी-एयरक्राफ्ट गन से उस पर हमला हुआ। उस समय बुश ने पैराशूट की मदद से अपनी जान बचाई और फिर एक पनडुब्बी ने उनका रेस्क्यू किया। चार घंटे तक वह समंदर में ही थे जबकि दुश्मन सेना उन्हें तलाश रही थी।

वर्ल्ड वारॅ के बाद शादी
बुश ने द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने के तुरंत बाद, जनवरी 1945 में बारबरा बुश से शादी की। इसके बाद वह छह बच्चों के पिता बने। उनके एक बेटे रॉबिन की मृत्यु उस समय ही हो गई जब वह बच्चे थे। बुश ने अपने पिता की तरह बैकिंग करियर का नहीं चुना बल्कि वह पश्चिमी टेक्सास चले गए और यहां पर उन्होंने तेल का बिजनेस शुरू किया। यहां पर भी अपनी सफलता से उन्होंने हर किसी को चौंका दिया। साल 1958 तक वह ड्रिलिंग कंपनी के प्रेसीडेंट बने और फिर ह्यूस्टन में रहने लगे।

60 के दशक में जुड़े राजनीति से
60 के दशक में बुश ने अपना एक अस्तित्व बना लिया था। अपने पिता की विरासत को छोड़कर उन्होंने अपनी एक विरासत खड़ी कर ली थी। खूब पैसा कमाया और फिर इसी समय उन्होंने राजनीति से जुड़ने का मन बना लिया। वह रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े और स्थानीय स्तर पर पार्टी के चेयरमैन बने। साल 1966 में उन्होंने प्रतिनिधि सभा के लिए एक सीट जीत। साल 1970 तक उन्होंने वहां पर अपनी सेवाएं दी। इसके बाद वह सीनेटर का चुनाव हार गए और यहां से हट गए।

जब संभालीं कई हाई-प्रोफाइल पोस्ट
अगले एक दशक तक उन्होंने अमेरिका की कई हा-प्रोफाइल पोस्ट्स का जिम्मा संभाला। वह रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के मुखिया रहे, यूनाइटेड नेशंस में अमेरिका के राजदूत रहे और फिर चीन के राजदूत बनकर बीजिंग पहुंचे। इसके अलावा वह अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) के डायरेक्टर भी बने। जब गैर-कानूनी गतिवधियों के सामने आने के बाद उन्होंने सीआईए के डायरेक्टर के तौर पर नैतिक जिम्मेदारी ली, तो उनकी बहुत प्रशंसा हुई। यहां से उनका कद अमेरिकी राजनीति में एक नए स्तर पर पहुंच गया था।

फिर बने अमेरिका के राष्ट्रपति
साल 1980 में बुश रोनाल्ड रीगन से रिपब्लिकन प्राइमरी का चुनाव हार गए। इस वर्ष रीगन ने राष्ट्रपति चुनाव जीता और बुश उनके उप-राष्ट्रपति बने। आठ वर्षों तक बुश अमेरिका के उप-राष्ट्रपति रहे और कहते हैं कि इतने समय में उन्होंने राष्ट्रपति की ट्रेनिंग बखूबी हासिल कर ली थी। साल 1988 में उन्होंने राष्ट्रपति के चुनाव में विशाल जीत हासिल की। यह वही समय था जब शीत युद्ध खत्म हो रहा था।

अपने बर्थडे पर पूरी की प्लेन से कूदने की विश
1989 से 1993 तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति रहे। इस दौरान दुनिया ने खाड़ी युद्ध और सोवियत संघ का विघटन देखा। साल 1993 में वह डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार बिल क्लिंटन से चुनाव हार गए थे। व्हाइट हाउस से जाने के बाद भी जॉर्ज बुश सीनियर काफी सक्रिय रहे। बुश ने अपने जन्मदिन पर प्लेन से कूदने की अपनी विश को एक, दो नहीं बल्कि चार बार पूरा किया। अपने 75, 80, 85, 90वें जन्मदिन पर उन्होंने सफलतापूर्वक स्काइ डाइविंग की और फिटनेस से सबको हैरान कर दिया।
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साल 2011 में अमेरिका का सर्वोच्च पुरस्कार
साल 2004 में उन्होंने बिल क्लिंटन को ज्वॉइन किया और एशिया में आई सुनामी के बाद पीड़ितों के लिए फंड इकट्ठा किया। इसके बाद साल 2010 में हैती में आए भूकंप के लिए भी उन्होंने फंड कलेक्शन की जिम्मेदारी को पूरा किया। साल 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुश को अमेरिका के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया। बुश ने साल साल 2017 में टेक्सास में आए तूफान के बाद जिमी कार्टर, क्लिंटन, ओबामा और बेटे जॉर्ज के साथ मिलकर फंड इकट्ठा किया था।

अमेरिकी इतिहास के पहले राष्ट्रपति
वह अमेरिकी इतिहास के पहले ऐसे राष्ट्रपति बने हैं जो सबसे ज्यादा समय तक जिंदा रहे। इसके अलावा वह, जॉन एडम्स के बाद दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति भी थे जिन्होंने साल 2001 में अपने बेटे जॉर्ज डब्लूय बुश को राष्ट्रपति बनते देखा था। जॉन एडम्स अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति थे और उन्हें अमेरिका के संस्थापकों में गिना जाता है। जॉन एडम्स के बेटे जॉन क्वींसी एडम्स सन् 1825 से 1829 तक अमेरिका के छठें राष्ट्रपति बने थे।
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