'मशरूम' आपस में बातें भी करते हैं, वैज्ञानिकों ने इस पेचीदा जीव के बारे और क्या पता लगाया? जानिए
मशरूम को लेकर वैज्ञानिकों ने एक दिलचस्प रिसर्च किया है। इसके मुताबिक वह आपस में एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और बातें करते हैं। बारिश के बाद उनकी ये गतिविधि बढ़ जाती है।

फंगस या कवक या कुकुरमुत्ते आपस में बातें भी करते हैं, आपस में संपर्क में रहते हैं, वैज्ञानिकों ने जंगल में शोध के बाद इस रहस्य पर से पर्दा उठाया है। हम पहले ही जानते हैं कि कवक जैसे कि मशरूम एक पेचीदा जीव हैं। यह भी खोज की गई है कि इनका रेडिएशन के प्रति बहुत ज्यादा लगाव होता है।

मशरूम आपस में बातें भी करते हैं-शोध
जोंबी मशरूम के बारे में तो बताया जाता है कि यह कैंसर से उबरने में भी उपयोगी है। लेकिन, अब पता चला है कि कवक या मशरूम आपस में संवाद भी कर सकते हैं और इनके इस तरीके पर अभी तक ठीक से गौर ही नहीं किया गया था। नए रिसर्च में कवक की गतिविधियों के बारे में काफी नई जानकारियां सामने आई हैं।

जर्नल फंगल इकोलॉजी इसके बारे में दी जानकारी
जर्नल फंगल इकोलॉजी में एक शोध पत्र छपा है, जिसमें एक्टोमाइकोरिजल फंगस के बारे में बताया गया है कि ये सतह के नीचे जड़ों का एक विशाल नेटवर्क तैयार करते हैं, जो बाहर की ओर भी निकल आते हैं, जिससे इन्हें आपस में बात करने में सहायता मिलती है।

आपस में संपर्क क्यों करते हैं मशरूम?
अब सवाल यह है कि कवक या मशरूम अगर आपस में संपर्क करते पाए गए हैं, तो इसका कारण क्या हो सकता है। इसके बारे में पता चला है कि अगर इन्हें किसी खतरनाक कीड़े या किसी बीमारी का खतरा होता है तो यह पूरे समूह को अलर्ट कर सकते हैं। इसका मकसद सबको एक निश्चित योजना के तहत विकसित होना है और इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि उन सबको अधिकांश पोषक तत्व प्राप्त हो जाए।

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बारिश के बाद ज्यादा ऐक्टिव मोड में बात
वैज्ञानिकों को कवक की इन गतिविधियों की भनक तो थी, लेकिन अब इसे लैबोरेटरी से बाहर निकलकर जंगलों में आजमाया गया है। इस शोध में यह बात भी जाहिर हुई है कि बारिश के तत्काल बाद इनका आपसी संपर्क अभियान ज्यादा तेजी से होना शुरू हो जाता है।

जो ज्यादा नजदीक होते हैं, उनमें अधिक बातें होती हैं
इसके लिए शोधकर्ताओं ने 6 मशरूम को इलोक्ट्रोड से जोड़ दिया। इसमें पाया गया कि समय-समय पर इनके आपसी संपर्क में अंतर आता है, जो कि बारिश के तत्काल बाद ज्यादा हो जाता है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि बारिश के बाद मशरूम आपस में ज्यादा बातें तो करते ही हैं, जो ज्यादा नजदीक होते हैं, वह और ज्यादा चर्चा करते हैं।

मशरूम क्या हैं?
कवक या मशरूम एक कोशिकीय या बहुकोशिकीय जीव हो सकते हैं। यह किसी भी स्थान पर पाए जा सकते हैं, लेकिन मूल रूप से मिट्टी में, पेड़ों से जुड़ी चीजों या मृत जीवों के शरीरों पर पाए जाते हैं। कुछ खास मशरूम के रूप में यह इंसानों के लिए प्रोटीन की प्रचूरता वाला पौष्टिक आहार भी है तो कई सारे कवक रोगों के भी कारण हैं, सेहत के लिए खतरनाक भी होते हैं और फसलों के भी दुश्मन माने जाते हैं।

यह शोध क्यों है महत्वपूर्ण?
कवक के बारे में किया गया यह शोध इसलिए जरूरी है, क्योंकि अनगिनत प्रजातियों वाले इस विचित्र जीव को और बेहतर तरीके से समझने में इससे मदद मिलेगी। यह हमारे पारिस्थितिक तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लिहाजा इनके बारे में अधिक जानकर उसका और भी लाभ उठाया जा सकता है। (स्रोत:bgr.com, तस्वीरें- सांकेतिक)












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