चीन में कुदरत का कहर, भारी बारिश से कई शहरों में बाढ़, बड़े डैम के टूटने का खतरा
नई दिल्ली: दिसंबर-जनवरी में कोरोना वायरस ने चीन में जमकर कहर बरपाया था। इसके बाद चीन ने सख्त लॉकडाउन के बाद हालात को नियंत्रित कर लिया, लेकिन अब चीन एक और कुदरती आफत का सामना कर रहा है, जहां पर भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। जिसमें वुहान भी शामिल है। लाखों लोगों को चीन ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। इसके साथ ही थ्री गॉर्जेस डैम (Three Gorges Dam) पर भी खतरा मंडरा रहा है।

हुबेई के कई इलाकों में भरा पानी
दरअसल चीन के हुबेई प्रांत में स्थित वुहान पानी में डूबता जा रहा है। इसके पीछे की वजह भारी बारिश है। साथ ही थ्री गॉर्जेस डैम से छोड़े गए पानी से हालात और बुरे हो गए हैं। वुहान के आसपास के इलाकों में भी ऐसे ही हालात हैं। कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि थ्री गॉर्जेस डैम खतरे में है और ज्यादा बारिश होने पर वो टूट सकता है। जिस वजह से सरकार पानी छोड़ रही है। वहीं सरकार ने इन बातों का खंडन करते हुए बांध को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। बांध के घटिया निर्माण को लेकर कुछ सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं, लेकिन सरकार ने उसे भी फर्जी बताया है। चीनी मीडिया के मुताबिक इस बाढ़ से 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोगों के मौत की खबर है।

18 सालों में बना था बांध
थ्री गॉर्जेस डैम यांगजे नदी पर बना है, जो एशिया की सबसे बड़ी नदी है। इसकी लंबाई 2309 मीटर और ऊंचाई 185 मीटर है। इसके निर्माण का काम 1994 में शुरू हुआ था, जो जाकर 2012 में तैयार हुआ। इसमें 34 हाइड्रोपावर टर्बो जनरेटर लगे हैं, जिनकी मदद से बिजली का उत्पादन होता है। चीन का कहना है कि ये डैम सिर्फ बिजली उत्पादन के लिए बनाया गया था, जबकि पर्यावरणविदों के मुताबिक नदी के रास्ते को कंट्रोल करने के लिए चीन ने डैम बनाया है। इस बांध की वजह से लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। साथ ही भूस्खलन और भूकंप का भी खतरा हमेशा बना रहता है।

WHO से बचने के लिए चीन चल रहा चाल?
कोरोना वायरस कब और कहां से आया, इसके पुख्ता सबूत तो नहीं मिले हैं, लेकिन चीन की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है। कोरोना वायरस से जुड़े राज जानने के लिए WHO की दो सदस्यीय टीम वुहान जा रही है। आरोप है कि जांच से बचने के लिए चीन ने नया प्लान बनाया है। इस वजह से थ्री गॉर्जेस डैम के गेट खोले गए, ताकी वुहान में पानी भर जाए और बाढ़ की आड़ में वो जांच से बच सके। इसके साथ ही आरोप है कि बाढ़ के साथ ही वो कोरोना से जुड़े सभी सबूत मिटाना चाहता है।
(तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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