शराब के नशे में टल्ली होने वाली फिनलैंड की प्रधानमंत्री हार सकती हैं चुनाव, क्या जनता से नहीं मिली माफी?
सना मरीन ने पांच पार्टियों के साथ गठबंधन कर नई सरकार बनाई और सबसे खास बात ये थी, कि इन पांचों पार्टियों की प्रमुख महिला थी। प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद ही सना मरीन ने लेदर जैकेट पहनकर फोटोशूट करवाई थी।

Finland PM Sanna Marin set to lose general election: फिनलैंड की राजनीति में रविवार को होने वाले चुनावों में अति दक्षिणपंथ की ओर एक नाटकीय बदलाव देखने को मिल सकता है और माना जा रहा है, कि 'रॉक स्टार' प्रधान मंत्री सना मारिन बुरी तरह से चुनाल हार सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सना मरीन की राजनीतिक पार्टी सोशल डेमोक्रेट्स का हारना तय माना जा रहा है। 34 साल की उम्र में दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनने वाली सना मरीन, जो एक बच्चे की मां भी हैं, उन्हें इस सदी का फिनलैंड का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री माना जाता है, लेकिन माना जा रहा है, कि इस बार उनका करिश्मा काम नहीं कर पाया।
चुनाव में हार के कगार पर सना मरीन
गुरुवार को लेटेस्ट चुनावी पोल के मुताबिक, सना मरीन की केंद्र-वाम सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (SDP) तीसरी नंबर पर चल रही है, जबकि राष्ट्रवादी फिन्स पार्टी फिलहाल पहले पायदान पर है, जो एक दक्षिणपंथी पार्टी है। फिनलैंड की पोलिंग फर्म 'तलौस्तुत्किमस के तुओमो तुरजा' ने एएफपी को बताया, कि "यह एक बहुत ही रोमांचक स्थिति है, और इस समय यह कहना मुश्किल है, कि चुनाव के दिन कौन सी पार्टी सबसे बड़ी होगी।" अगर राष्ट्रलादी फिन्स पार्टी जीतती है, तो ये पहली बार होगा, कि कोई दक्षिणपंथी पार्टी अपने दम पर सरकार बनाएगी। हालांकि, साल 2011 में राष्ट्रीय फिन्स पार्टी गठबंधन सरकार में शामिल होकर सरकार चला चुकी है, जिसे 2011 में रिकॉर्ड 19 प्रतिशत वोट मिले थे।
फिनलैंड में कैसे बनती है सरकार?
परंपरागत रूप से, फिनलैंड की संसद में आठ मुख्य पार्टियों में से सबसे बड़ी पार्टी शीर्ष पद का दावा करती है और सरकार बनाने की कोशिश करती है। मौजूदा प्रधानमंत्री सना मरीन की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ने फिलहाल फिनलैंड की चार अन्य पार्टियों, द सेंटर, द ग्रीन्स, द लेफ्ट एलायंस और स्वीडिश पीपुल्स पार्टी के साथ गठबंधन सरकार का गठन किया है और इस गठबंधन को केंद्र-वाम गठबंधन कहा जाता है। इस गठबंधन की विचारधारा में वामपंथ का झुकाव ज्यादा है। लेकिन, इस बार दक्षिणपंथी पार्टी को बहुमत मिलने के आसार हैं। फिनलैंड में प्रधानमंत्री सना मरीन को लेकर मिली जुली राय है और कुछ लोगों का मानना है, कि कोविड संकट के दौरान उन्होंने काफी मजबूती से काम किया और उन्होंने फिनलैंड को नाटो की सदस्यता दिलवाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, वहीं कुछ लोगों का ये भी कहना है, कि उनके पार्टी के नेताओं ने कई घोटाले किए हैं और उसे रोकने में सना मरीन नाकाम रही हैं। 'दैनिक हेलसिंगिन सनोमैट के एक पत्रकार मार्को जंकारी ने एएफपी को बताया, कि 'सना मारिन राजनीतिक ध्रुवीकरण की तस्वीर हैं और उनके समर्थकों के बीच उनकी एक रॉकस्टार जैसी छवि है। लेकिन दूसरी ओर, उसके पास बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जो सना मरीन को बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं।
सना मरीन की सरकार पर क्या हैं आरोप
देश की विरोधी राजनीतिक गठबंधन, कंजर्वेटिव नेशनल गठबंधन के नेता पेटेरी ओरपो ने सरकार पर गैर-जिम्मेदाराना ढंग से सार्वजनिक ऋण बढ़ाने का आरोप लगाया है और उनका चुनावी कैम्पेन पूरी तरह से फिनलैंड की अर्थव्यवस्था पर केंद्रित है, जिसने प्रधानमंत्री सना मरीन को काफी असहज किया है। ओरपो ने एएफपी को बताया, कि "आउटलुक बहुत खराब है। हमारा सार्वजनिक वित्त गिर जाएगा और इससे हमारे कल्याणकारी समाज की नींव कमजोर पड़ जाएगी।" विपक्षी नेता के आरोपों में दम भी है और रिकॉर्ड के मुताबिक, फ़िनलैंड का ऋण-से-जीडीपी अनुपात 2019 में 64 प्रतिशत से बढ़कर 73 प्रतिशत हो गया है, जिसे राष्ट्रीय गठबंधन छह बिलियन यूरो (6.5 बिलियन डॉलर) खर्च में कटौती करके उसका हल निकालना चाहता है। हालांकि, प्रधानमंत्री सना मरीन ने अपने ट्रैक रिकॉर्ड का बचाव किया है और राष्ट्रीय गठबंधन पर 'गरीबों से लेकर अमीरों को देने' की इच्छा रखने का आरोप लगाया है।
प्रधानमंत्री सना मरीन की छवि पर विवाद
पिछले साल सना मरीन भारी विवादों में उस वक्त घिर गईं थी, जब उनकी पार्टी की कुछ वीडियोज वायरल हुए थे। पिछले साल अगस्त महीने में सना मरीन की शराब पार्टी करते हुए कई वीडियो लीक हो गये थे। जिसके बाद फिनलैंड की राजनीति में हंगामा मच गया था। ये मुद्दा राष्ट्रीय बहस बन चुका था, कि क्या एक प्रधानमंत्री को पार्टी करने का हक है या नहीं? हालांकि, उस वक्त 36 साल की रहीं, प्रधानमंत्री सना मरीन ने अपना जोरदार बचाव किया था और कहा था, कि "मैं भी इंसान हूं और मैं भी कभी-कभी तनाव के इन काले बादलों के बीच खुश होने के लिए, माहौल को थोड़ा हल्का करने के लिए और मस्ती के लिए तरसती हूं।" सना मरीन ने कहा था, कि, "यह निजी है, यह खुशी है, और यह जीवन है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा था, कि, इन सबके बीच "लेकिन मैंने काम का एक भी दिन नहीं छोड़ा।" आपको बता दें, कि वीडियो में उनके डांस को लेकर कई लोग उनकी आलोचना कर रहे थे और कह रहे थे, कि प्रधानमंत्री देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, लिहाजा प्रधानमंत्री का पद गरिमामय होता है और उसकी मर्यादा बरकरार रखने की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री को ही होती है। हालांकि, इस चुनाव पर उनकी छवि का क्या असर पड़ता है, वो अब रविवार को ही पता चल पाएगा।
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कम उम्र में बनी प्रधानमंत्री
ऐसी स्थिति में जहां अधिकांश आकांक्षी राजनेता अपनी महत्वाकांक्षा को छिपाने की कोशिश करते हैं, फिनलैंड की सना मरीन ताज़गी भरी सीधी-सादी स्वभाव में नजर आती हैं। बेहद कम उम्र में उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा किया और दुनिया की सबसे कम उम्र की प्रधानमंत्री बनी। फिनलैंड की कुल आबादी 55 लाख है और सना मरीन 55 लाख लोगों की नेता हैं। सना मरीन की मां साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन सना के पिता शराब के शिकार थे और उनकी मां को प्रताड़ित करते थे, लिहाजा सना की मां ने अपने शराबी पति को छोड़ने का फैसला किया। वहीं, 18 साल की उम्र में सना मरीन अपने बॉयफ्रेंड मार्कस राइकोनेन से मिलीं और साल 2020 में उन्होंने शादी कर ली, जिस वक्त उनकी बेटी 2 साल की थीं। सना मरीन अपने परिवार की पहली सदस्य थीं, जो विश्वविद्यालय पहुंची और फिर उनका राजनीतिक जीवन भी काफी जल्दी ही शुरू हो गया। 20 साल की उम्र में सना मरीन सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी में शामिल हो गईं और फ़िनलैंड के तीसरे सबसे बड़े शहर टाम्परे में नगर परिषद के चुनाव में उम्मीदवार बनीं। वह अपने दूसरे प्रयास में सफल रही और संसद के लिए चुने जाने से पहले परिषद का नेतृत्व किया।












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