ड्रोन से चलेगा फेसबुक, 'कनेक्टिविटी लैब' प्रोजेक्ट पर हो रहा काम

दुनिया की नंबर एक सोशल नेटवर्किंग ने इस बारे में जानकारी दी कि उसने नए "कनेक्टिविटी लैब" प्रोजेक्ट के लिए नासा की जेट प्रोपल्सन लैब और इसके एम्स रिसर्च सेंटर से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और संचार विशेषज्ञों को रखा है। फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने अपनी सोशल साइट पर एक पोस्ट में बताया कि आज, हम फेसबुक के "कनेक्टिविटी लैब" की कुछ जानकारियां साझा कर रहे हैं। यह सभी तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए ड्रोन, उपग्रह और लेजर के निर्माण पर काम कर रही है। उन्होंने इसके बारे में कुछ खास जानकारियां दीं लेकिन यह कब तक काम करेगा इस बारे में कुछ नहीं बताया।
फेसबुक के येल मागुरे ने यूट्यूब पर पोस्ट एक वीडियो में बताया कि 20 हजार मीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों के दायरे में उपनगरीय आबादी इंटरनेट सेवा पा सकेगी। उन्होंने बताया कि ये विमान सूर्य की ऊर्जा से महीनों तक आसमान में रह सकते हैं। दरअसल फेसबुक ने यह कदम दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट सर्च इंजन गूगल द्वारा पिछले साल एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा किए जाने के बाद उठाया है। गूगल ने गत वर्ष दुनिया के दूरदराज वाले इलाकों में इंटरनेट मुहैया कराने के लिए सौर ऊर्जा से संचालित बैलून के इस्तेमाल की घोषणा की थी।












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