अफगानिस्तान की पूर्व महिला सांसद और गार्ड की गोली मारकर हत्या, तालिबान राज में दहशत

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद ज्यादातर खिलाड़ियों, एक्टर्स और सांसदों ने देश छोड़ दिया था, लेकिन कई सांसद ने देश में ही रहना चुना था।

Mursal Nabizada shot

Afghanistan News: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक पूर्व महिला सांसद और उनके सिक्योरिटी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व महिला सांसद और उनके गार्ड को घर में घुसकर गोली मारी गई है और हमलावरों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

पूर्व महिला सांसद की हत्या

पूर्व महिला सांसद की हत्या

रिपोर्ट के मुताबिक, जिस पूर्व महिला सांसद की गोली मारकर हत्या की गई है, उनका नाम मुर्सल नबीजादा है और वो उन कुछ महिला सांसदों में शामित थीं, जो अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद काबुल में रह रही थीं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद ये कोई पहला मौका है, जब पिछले प्रशासन के किसी सांसद की तालिबान राज में हत्या की गई है। स्थानीय पुलिस प्रमुख मौलवी हमीदुल्ला खालिद ने कहा, कि नबीजादा और उनके गार्ड की शनिवार तड़के करीब तीन बजे उनके कमरे में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा, कि हमले में उनका भाई समेत और एक सिक्योरिटी गार्ड घायल हो गया है। हालांकि, उनका एक और सिक्योरिटी गार्ड मौके से पैसे और जेवरात लेकर फरार हो गया।

हत्यारे की अभी तक पहचान नहीं

हत्यारे की अभी तक पहचान नहीं

पूर्व अफगान सांसद मुर्सल नबीजादा अपने घर की पहली मंजिल पर मृत पाई गई हैं, जिसे वो अपने दफ्तर के तौर पर इस्तेमाल करती थीं। स्थानीय पुलिस अधिकारी खालिद ने कहा, कि जांच चल रही है। हालांकि, उन्होंने पूर्व महिला सांसद की हत्या क्यों की गई है, उसके पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया गया है। आपको बता दें कि, मुर्सल नबीजादा को साल 2019 में काबुल का सांसद चुना गया था और वो तालिबान के अधिग्रहण तक काबुल की सांसद थीं। वह संसदीय रक्षा आयोग की सदस्य थीं और एक निजी गैर-सरकारी समूह, मानव संसाधन विकास और अनुसंधान संस्थान में काम करती थीं।

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    तालिबान राज में दहशत

    तालिबान राज में दहशत

    तालिबान राज में अफगानिस्तान में दहशत फैला हुआ है और हर दूसरे दिन कहीं ना कहीं धमाके हो रहे हैं। वहीं, यूरोपीय संसद के सदस्य हन्ना न्यूमैन ने कहा, कि "मैं दुखी और क्रोधित हूं और चाहती हूं, कि दुनिया को इस बात का पता चले!" उन्होंने कहा कि, "वह अंधेरे में मारी गईं, लेकिन तालिबान ने पूरे दिन के उजाले में लैंगिक रंगभेद की अपनी प्रणाली का निर्माण किया किया।" वहीं, अफगानिस्तान की पूर्व पश्चिमी समर्थित सरकार के एक पूर्व शीर्ष अधिकारी, अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा, कि वह नबीज़ादा की मौत से दुखी हैं और उम्मीद करते हैं कि अपराधियों को दंडित किया जाएगा। आपको बता दें, कि तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान में प्रमुख पेशेवर नौकरियां करने वाली कई महिलाएं देश छोड़कर भाग गईं।

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