कोरोना की वजह से नहीं रुकें जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं और दवाईयां: WHO
नई दिल्ली। दुनिया के कई देश कोरोना वायरस की चपेट में है। चीन से शुरू हुए इस वायरस ने धीरे-धीरे कर पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया। कोरोना वायरस की वजह से चीन, अमेरिका, इटील, ईरान, स्पेन, ब्रिटेन, भारत, पाकिस्तान, नेपाल, समेत कई बड़े देश इसकी चपेट में आ गए हैं। हर देश की सरकार कोरोना को रोकने की हर संभव कोशिश कर रही है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना संकट के कारण जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं , दवाईयों और वैंक्सीन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस एधानोम घेब्रेयेसस ने कहा कि विश्व कोरोना की त्रासदी से जूझ रहा है, लेकिन जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को जरूर जारी रहना चाहिए। कोरोना संकट के बीच बच्चे पेदा हो रहे हैं, ऐसे में उनके लिए वैंक्सीन समय पर उपलब्ध होना चाहिए। बीमारियों के लिए लोगों को जीवनरक्षक दवाईयां उपलब्ध होनी चाहिए। लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। इन्हें रोका नहीं जा सकता है। हर देश को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से लड़ने के लिए डब्लूएचओ ने एक विस्तृत, प्रैक्टिकल मैनुअल प्रकाशित किया है, जिसके जरिए देशों को जानकारी मिलेगी कि कोरोना ट्रीटमेंट सेंटर कैसे तैयार किए जाए। वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना के इलाज में रोबोट भी मदद कर रहे हैं।य़ रोबोट कोरोना पीड़ित मरीजों की सेवा में, उनके लिए खाना पहुंचाने में, मशीनों को अस्पतालों को विषाणुमुक्त करने मदद कर रही है।
डब्लूएचओ ने भी लोगों को कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को एक दूसरे से दूरी बनाए रखने की अपली की है। लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है। आपको बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 7 लाख के करीब पहुंच गई है। 30 हजार से ज्यादा लोगों की इस वायरस के कारण मौत हो गई है।












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