तुर्की में आज राष्ट्रपति चुनाव: मुहर्रम इंजे दे रहे हैं एर्दोगन को कड़ी चुनौती
अंकारा। तुर्की की जनता रविवार को प्रेसिंडिशियल वोटिंग के लिए बाहर रही है और इस वोटिंग के बाद तय हो जाएगा कि तुर्की का अगला राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ही होंगे या अगले 5 साल के लिए कोई और सत्ता संभालेगा। इस चुनाव में एर्दोगन को कड़ी टक्कर उनके प्रतिद्विंदी और रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार मुहर्रम इंजे से मिल रही है। वहीं, आलोचकों का मानना है कि अगर एर्दोगन फिर से जीत कर आते हैं, तो वे तुर्की में लोकतांत्रिक मुल्यों को खत्म कर देंगे। तुर्की के लोग जुलाई 2016 में हुए सैन्य तख्तापलट की नाकाम कोशिश को फिलहाल भुले नहीं है और बड़ी संख्या में वोटर अपना राष्ट्रपति चुनने के लिए बाहर आ रहे हैं। इस बार राष्ट्रपति के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं।

क्या कहा एर्दोगन ने?
इंजे की तरह एर्दोगन भी हमलावर दिखे, उन्होंने रैली में कहा, 'क्या कल हम उन्हें (इंजे) को बाहर निकालने जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि इंजे 16 साल से एक टीचर और सांसद है, जिनके पास देश चलाने के लिए कोई स्कील नहीं है। एर्दोगन ने रैली में कहा, 'फिजिक्स का टीचर होना और देश चलाने में फर्क है। राष्ट्रपति बनने के लिए आपके पास अनुभव होना चाहिए।' एर्दोगन ने अपने समर्थकों से कहा कि वे अगर सत्ता में आए तो देश की इकनॉमी को गति देंगे।

क्या कहा इंजे ने?
चुनाव से एक दिन पहले तक इंजे ने एर्दोगन के खिलाफ माहौल बनाने के लिए मैदान में डटे रहे। इंजे ने एर्दोगन के खिलाफ ना सिर्फ कई आरोप लगाए बल्कि तुर्की की आवाम को भी चेताया कि अगर एर्दोगन फिर से सत्ता में आए तो आपका क्या हश्र होगा। इंजे ने शनिवार को इस्तानबुल में हजारों की संख्या में जमा हुए एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'अगर एर्दोगन ने जीते, तो आपके फोन को ट्रैक किया जएगा...खौफ लगातार बना रहेगा। अगर इंजे जीते, तो न्यायपालिकाएं भी आजाद होगी।' इंजे ने कहा कि अगर वे जीतते हैं तो आते ही 48 घंटों के भी ही इमरजेंसी को खत्म कर देंगे।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
बीबीसी के मुताबिक, तुर्की की जनता इस बार जोरदार ढंग से बटीं हुई दिख रही है और एर्दोगन को पहली बार कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो तुर्की के पहले राष्ट्रपति मुस्तफा केमाल अतातुर्क के बाद सबसे ताकतवर नेता एर्दोगन अगर जीतते हैं तो वे ना सिर्फ प्रधानमंत्री पद की गरिमा को गिराएंगे बल्कि पार्लियामेंट को भी कमजोर करेंगे। लेकिन अगर उन्हें 50 प्रतिशत से कम वोट मिलते हैं तो उन्हें सत्ता छोड़नी होगी और इंजे को तुर्की को सत्ता सौंपनी होगी, क्योंकि वो ही फिलहाल प्रबल दावेदार भी है। हालांकि, यह कहना मुश्किल है कि तुर्की का अगला राष्ट्रपति कौन होगा, लेकिन विपक्ष का मानना है कि एर्दोगन बहुमत से वंचित रह सकते हैं।












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