Emmanuel Macron Mumbai Visit 2026: मुंबई में मोदी-मैक्रों की 'पावर मीटिंग', रक्षा से AI तक किन मुद्दों पर नजर?
Emmanuel Macron Mumbai Visit 2026: भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी के इतिहास में आज का दिन (17 फरवरी, 2026) एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से सीधे भारत पहुंचे राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा रक्षा, तकनीक और नवाचार (Innovation) के मोर्चे पर 'गेम-चेंजर' साबित होने वाला है।

इस दौरान दोनों देश भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की अब तक की प्रगति की समीक्षा करेंगे और रक्षा, व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे राष्ट्रपति मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। वे अपनी पत्नी और फ्रांस की फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों के साथ मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया। यह राष्ट्रपति मैक्रों का भारत का चौथा दौरा है, जबकि मुंबई का यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है, जो भारत-फ्रांस के लगातार मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है।
लोक भवन में होगी मोदी-मैक्रों की द्विपक्षीय बैठक, पूरे दिन का कार्यक्रम
आज का पूरा कार्यक्रम
दोपहर 3:15: मुंबई के लोक भवन में द्विपक्षीय बैठक।
शाम 4:30: राज भवन के दरबार हॉल में MOUs का आदान-प्रदान और संयुक्त प्रेस वक्तव्य।
शाम 5:20: ताज महल पैलेस होटल में 'इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम' संबोधन।
शाम 7:15: गेटवे ऑफ इंडिया पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और नवाचार वर्ष का जश्न।
'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026' का शुभारंभ
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों आज शाम मुंबई में संयुक्त रूप से 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026' का उद्घाटन करेंगे। यह पहल पूरे वर्ष 2026 तक भारत और फ्रांस दोनों देशों में मनाई जाएगी। इसका उद्देश्य नवाचार, तकनीक, रिसर्च, स्टार्ट-अप्स और लोगों से लोगों के बीच सहयोग को नई दिशा देना है।
इस मौके पर दोनों नेता बिजनेस लीडर्स, स्टार्ट-अप्स, शोधकर्ताओं और इनोवेटर्स को संबोधित करेंगे। इसके बाद गेटवे ऑफ इंडिया पर एक विशेष सांस्कृतिक स्मरणोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जो भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग का प्रतीक होगा।
रक्षा सहयोग रहेगा केंद्र में, 114 राफेल डील पर रहेगी नजर
भारत-फ्रांस संबंधों में रक्षा सहयोग हमेशा से एक मजबूत आधार रहा है। हाल ही में भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 40 अरब डॉलर बताई जा रही है।
इसके अलावा, संयुक्त रूप से हेलीकॉप्टर निर्माण और HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलों के उत्पादन पर भी चर्चा होगी। 17 फरवरी को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की सह-अध्यक्षता में छठा वार्षिक रक्षा संवाद आयोजित किया जाएगा। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों कर्नाटक के वेमगल में टाटा-एयरबस की H125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे।
AI और उभरती तकनीकों पर विशेष जोर
इस दौरे का एक बड़ा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे। इससे पहले भारत और फ्रांस सुरक्षित, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित AI के विकास को लेकर एक साझा रोडमैप पर सहमति जता चुके हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति उन वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जो AI नीति और टेक्नोलॉजी के भविष्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। भारत भी AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
'होराइजन 2047' के तहत भविष्य की दिशा तय
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की यह मुलाकात 'होराइजन 2047 रोडमैप' के तहत अगले 25 वर्षों के लिए भारत-फ्रांस सहयोग की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही दोनों नेता रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र जैसे वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में फ्रांस को भारत एक अहम रणनीतिक साझेदार मानता है, खासकर मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच।
लगातार मजबूत हो रहे भारत-फ्रांस संबंध
यह दौरा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी के फ्रांस दौरे के बाद हो रहा है और दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। पीएम मोदी जुलाई 2023 में बैस्टिल डे परेड में मुख्य अतिथि थे, जबकि राष्ट्रपति मैक्रों 2024 के गणतंत्र दिवस पर भारत के मुख्य अतिथि बने थे। राष्ट्रपति मैक्रों का यह चौथा भारत दौरा भारत-फ्रांस संबंधों में निरंतर गति और गहराई का संकेत है, जिसमें खास फोकस AI, रक्षा और उभरती तकनीकों पर है।












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