Easter 2024: ईस्टर का अंडों से क्या है कनेक्शन? जानिए कैसे शुरू हुई थी यह परंपरा
Easter 2024: ईस्टर का त्योहार दुनियाभर में इस वर्ष 31 मार्च को मनाया जा रहा है। ईसाई समुदाय के लोगों के लिए यह दिन बेहद खास है। क्रिश्चियन धर्म की मान्यता के अनुसार, अपने विरोधियों द्वारा सूली पर चढ़ाए जाने के बाद इसी दिन प्रभु यीशु इसी दिन पुनर्जीवित हुए थे। ऐसे में इस दिन को ईसाई धर्म के लोग उत्साह के साथ मनाते हैं। ईस्टर के मौके पर लोग एक दूसरे को अंडे गिफ्ट करते हैं। इसके पीछे एक खास वजह है।
दुनिया के सभी देशों में ईस्टर के पर्व को लेकर उत्साह है। भारत में पूर्वोत्तर के राज्य मणुपुर में उत्साह का एक अलग ही लेवल देखा जा रहा है। दरअसल ये भारत का इकलौता राज्य है, जहां अल्पसंख्यक इसाई धर्म के लोग यहां अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। मणिपुर में 2.8 मिलियन 40.1 प्रतिशत इसाई आबादी है, जो कि कुकी, जो और नागा जैसी जनजातियों से संबंधित हैं।

ईस्टर की शुरुआत होते ही लोग चर्च में जाकर प्रार्थना के साथ प्रभु यीशु के जीवन और उनसे मिली सीख पर चर्चा कर रहे हैं। ईस्टर के दिन एक दूसरे को गिफ्ट देने भी परंपरा है। जिसमें गिफ्ट के दौरान अंडे दिए जाते हैं।
क्यों हैं अंडे गिफ्ट करने की परंपरा
दरअसल, मान्यता के मुताबिक गुड फ्राइडे के दिन सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु पुनर्जीवित होकर धरती पर लौट आए थे। जिस दिन यीशु वापस आए उसे ईस्टर के रूप में मानते हैं। वहीं ईस्टर के मौके पर एक दूसरे को अंडे गिफ्ट करने की परंपरा लंबे समय से है। इसके पीछे धार्मिक कारण है। दरअसल यीशू पुनर्जीवित हुए थे। ऐसे में अंडे को नए जीवन से जोड़कर देखा जाता है। अंडे से नई जिंदगी का संकेत मिलता है।
ईस्टर पर गिफ्ट की परंपरा मिस्र से खाती है मेल
अंडे गिफ्ट करने की परंपरा की शुरुआत मिस्र से हुई। दरअसल, मिस्र के लोग वसंत ऋतु में अंडे का त्योहार मनाते थे। धीरे- धीरे ईसाईयों ने भी इस परंपरा को अपना लिया और इसे ईस्टर पर गिफ्ट के रूप में शामिल कर लिया।












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