फिलिस्तीनियों को जॉर्डन भेज दो... इजराइल-हमास जंग के बीच नीदरलैंड नेता के बयान से मुस्लिम देशों में मची खलबली
नीदरलैंड के धुर दक्षिणपंथी नेता और देश के अगले प्रधानमंत्री बनने के प्रबल दावेदार गीर्ट विल्डर्स ने फिलीस्तीन-इजराइल विवाद में बयान दिया है। देश की राजनीति में सबसे बड़े दल बनकर उभरे फ्रीडम पार्टी (PVV) के नेता गीर्ट वाइल्डर्स ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जॉर्डन को फिलिस्तीन बताया।
वाइल्डर्स ने शनिवार को उन्होंने एक्स पर लिखा कि जॉर्डन ही फिलीस्तीन है, ऐसे में फिलिस्तीनियों को जॉर्डन ट्रांसफर कर देना चाहिए। गीर्ट ने इसे इजराइल-फिलीस्तीन संघर्ष का स्थायी समाधान बताया है।

उन्होंने कहा है कि फिलीस्तीन के लोगों को जॉर्डन भेज देना ही इस समस्या का समाधान है। उन्होंने कहा कि इससे फिलिस्तीनी लोगों की समस्या का समाधान हो जाएगा। गीर्ट का ये पोस्ट जॉर्डन, फिलिस्तीनी प्राधिकरण और अरब लीग को नगावार गुजरा है और उन्होंने इसकी आलोचना की है।
गीर्ट विल्डर्स का ये बयान अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के बिल्कुल विपरीत हैं जो टू-स्टेट समाधान की वकालत करते हैं। फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए गीर्ट विल्डर्स की टिप्पणी की निंदा की है। मंत्रालय के प्रवक्ता सुफियान कुदाह ने कहा कि गीर्ट की टिप्पणियां ना केवल आक्रामक हैं, बल्कि खतरनाक भी हैं।
कुदाह ने कहा कि गीर्ट फिलिस्तीन के लोगों के स्वतंत्र निर्णय और स्वतंत्र राज्य के अस्तित्व से इंकार करते हैं। उनके बयान की हर प्रकार से निंदा होनी चाहिए। प्रवक्ता कुदाह ने डच सरकार से इनके बयानों की निंदा करने की अपील भी की।
अरब न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, जॉर्डन ने भी नीदरलैंड के नेता के बयान की अलग से निंदा की है। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बहरीन, यमन और अरब लीग ने भी ऐसा ही किया है।
नीदरलैंड में यूएई दूतावास ने एक्स पर लिखा, "डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स द्वारा दिए गए गैर-जिम्मेदाराना बयानों को जॉर्डन के हाशमाइट साम्राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप माना जाता है, और खारिज कर दिया जाता है और निंदा की जाती है।"












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