Donald Trump: एक सलाह के बाद कभी किसी से नहीं मांगी माफी, एक जिद्दी बच्चा कैसे दूसरी बार पहुंचा व्हाइट हाउस?
Donald Trump Biography: डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव की रात फ्लोरिडा के पाम बीच में जमा अपने सैकड़ों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, कि यह अमेरिका के लिए स्वर्णिम युग है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हमने अपने आलोचकों को गलत साबित कर दिया है। यह अमेरिका के लिए स्वर्णिम युग होने जा रहा है।"
ट्रंप के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने भी इस कार्यक्रम में बात की और कहा, "यह इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी है।" और यकीनन, इसे द ग्रेटेस्ट पॉलिटिकल कमबैक ही कहा जाएगा, क्योंकि अगर ट्रंप इस इलेक्शन को हार जाते, तो शायद उनका अगला ठिकाना जेल होता।

आइये उस शैतान बच्चे के बारे में जानते हैं, जिन्होंने बचपन में अपनी शरारत से परिवार को परेशान कर दिया था।
कैसा बीता डोनाल्ड ट्रंप का बचपन?
डोनाल्ड जॉन ट्रंप का जन्म 14 जून 1946 को बिल्डर फ्रेड ट्रंप और मैरी ऐनी मैकलियोड ट्रंप के घर हुआ था। डोनाल्ड ट्रंप बचपन में बेहद शरारती थे और उन्हें 'काफी मुश्किल बच्चा' कहा गया। उनके पिता फ्रेड ट्रंप ने एक बार कहा था, "जब वह छोटा था, तो वह बहुत ही कठोर था।"
ट्रंप परिवार, विशेष रूप से फ्रेड ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपने जर्मन वंश को छिपाने के लिए कड़ी मेहनत की। सालों तक, उन्होंने दिखावा किया, कि वे स्वीडिश हैं। डोनाल्ड शायद अपने पिता से सबसे ज्यादा प्रभावित थे और आज चुनावी जीत हासिल करने के बाद जब उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित किया, तो उन्होंने अपने पिता को भावुक होकर याद दिया।
पत्रकार टिम ओ'ब्रायन, जिन्होंने ट्रंप पर आत्मकथा लिखी है, उन्होंने लिखा है, कि "फ्रेड ने गहराई से ट्रंप को प्रभावित किया है।" उन्होंने लिखा है, कि "फ्रेड ट्रंप, डोनाल्ड ट्रंप की भावनाओं और मानसिकता पर बहुत ही अलग तरीके से हावी रहते हैं।"
ट्रंप के माता-पिता ने इस बेलगाम बच्चे में कुछ अनुशासन स्थापित करने की कोशिश करते हुए उसे किशोरावस्था में ही मिलिट्री स्कूल में भर्ती करा दिया। लेकिन यह कारगर नहीं हुआ। बाद में ट्रंप ने व्हार्टन स्कूल ऑफ फाइनेंस एंड कॉमर्स से डिग्री प्राप्त की और अपने पिता के साथ रियल एस्टेट व्यवसाय में शामिल हो गए।
कैसा था डोनाल्ड ट्रंप की व्यावसायिक जिंदगी?
डोनाल्ड ट्रंप के व्यवसायिक करियर की शुरुआत बहुत ही उतार-चढ़ाव भरी रही। अश्वेत लोगों को किराए पर घर देने से इनकार करने के कारण उन पर अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने मुकदमा दायर किया था। बाद में बिना किसी दोष स्वीकार किए मुकदमा निपटा दिया गया।
शायद ट्रंप के शुरुआती वर्षों में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला दूसरा व्यक्ति रॉय कोहन था। रॉय कोहन एक बेबाक वकील थे, जिन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को शिक्षा दी, कि कभी माफी न मांगें। कभी भी गलत काम को स्वीकार न करें। हमला करें, हमला करें, हमला करें।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूरे जीवन में इस सलाह को माना है। राष्ट्रपति बनने के बाद वे ओवल ऑफिस में इधर-उधर देखते और पूछते, "मेरा रॉय कोहन कहां है?"
1980 के दशक में ट्रंप एक डेवलपर के रूप में अपने चरम पर थे। उन्होंने ट्रंप प्लाजा और ट्रम्प टॉवर एवेन्यू का निर्माण किया और अटलांटिक सिटी में कैसीनो व्यवसाय में कदम रखा। 1990 में, उन्होंने ट्रंप ताज महल का निर्माण किया - जिसे उन्होंने 'दुनिया का आठवां आश्चर्य' करार दिया।
हालांकि, ट्रंप के कैसीनो को भारी वित्तीय नुकसान होता रहा। ट्रंप को एक समय पर जेल जाने से बचाने के लिए उनके पिता ने जमानत भी दी थी, जिन्होंने लगभग 3 मिलियन डॉलर के चिप्स खरीदे। ताज महल और ट्रंप प्लाजा, दोनों ने बाद में खुद को दिवालियापन घोषित कर लिया।
इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर अथाह कर्ज आ गया।
एक बार, सड़क पर चलते हुए ट्रंप ने अपनी बेटी इवांका से कहा, कि वे उस बेघर आदमी से एक बिलियन डॉलर ज्यादा गरीब हैं। 2004 तक, ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने दिवालियापन घोषित कर दिया था और ट्रंप के रियल एस्टेट डेवलपर के रूप में दिन पीछे छूट गए थे।
हालांकि तब तक, ट्रंप एक अलग व्यवसाय में चले गए थे और अपने नाम को देश और विदेश में लाइसेंस दे रहे थे। व्यवसाय में अपनी बार-बार की असफलताओं के बावजूद, ट्रंप ने खुद को सफल घोषित कर दिया था - और यह ब्रांडिंग टिक गई। एनबीसी टीवी शो, द अप्रेंटिस ने एक व्यवसायी के रूप में उनके ब्रांड को और बढ़ावा दिया।
ट्रंप ने द आर्ट ऑफ द डील सहित कई किताबें भी प्रकाशित कीं।
टोनी श्वार्ट, जिन्होंने किताब लिखी थी, उन्होंने बाद में ट्रंप को 'जनता के लिए आकर्षक' बनाने पर खेद व्यक्त किया।
डोनाल्ड ट्रंप की पॉलिटिक्स में एंट्री
डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक उत्पत्ति की कहानी 2011 के व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट डिनर से जुड़ी है, जहां उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के चुटकुलों का खामियाजा भुगता था। तब ट्रंप ने, जिन्होंने खुले तौर पर सवाल उठाया था, कि क्या ओबामा वास्तव में एक नागरिक हैं, तब उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया।
ट्रंप ने बार-बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने के बारे में सोचा था।
और फिर उन्होंने 2015 में वास्तव में चुनाव लड़ने का फैसला किया। उनका पहला भाषण इस बारे में था, कि कैसे मेक्सिको बलात्कारियों और हत्यारों को सीमा पार भेज रहा है। ट्रंप ने पहले अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा के खिलाफ बर्थरिज्म पर भी जोर दिया। हालांकि उनकी उम्मीदवारी को पहले एक मजाक माना जाता था, लेकिन ट्रंप ने क्रिस क्रिस्टी, जेब बुश और उभरते हुए GOP सितारे मार्को रुबियो और टेड क्रूज़ जैसे दिग्गजों सहित 16 रिपब्लिकन उम्मीदवारों को धूल चटा दी।
आम चुनाव हिलेरी क्लिंटन की ओर जाता दिख रहा था, जब तक कि तत्कालीन FBI प्रमुख जेम्स कॉमी के एक पत्र ने उनके ईमेल की जांच फिर से खोल दिया, जिससे हिलेरी क्लिंटन को जबरदस्त झटका लगा और डोनाल्ड ट्रंप के लिए व्हाइट हाउस पहुंचने का रास्ता खुल गया।
डोनाल्ड ट्रंप का विवादित पहला कार्यकाल
राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल एक मुश्किल दौर से गुजरा, जब उनके प्रेस सचिव ने झूठा दावा किया, कि ट्रंप के उद्घाटन समारोह में इतिहास की सबसे बड़ी भीड़ जुटी थी। ट्रंप के कार्यालय में सबसे बड़ी उपलब्धि टैक्स कट्स एंड जॉब्स एक्ट थी - जो इतिहास में अमीरों को सबसे बड़ा तोहफा था। उन्होंने 200 संघीय न्यायाधीशों और सबसे महत्वपूर्ण रूप से तीन कंजर्वेटिव सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति भी की, जिसने बाद में अबॉर्शन को लेकर 'रो बनाम वेड' मामले को पलटने का रास्ता खोला।
डोनाल्ड ट्रंप को साल 2019 में पहली बार तब महाभियोग का सामना करना पड़ा, जब उनके ऊपर आरोप लगा, कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की को उन्होंने जो बाइडेन के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाने को कहा था और बदले में विदेशी मदद देने की पेशकश की थी।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल हालात कोविड-19 लेकर आया, जब अमेरिका में हजारों लोगों की मौत हुई। वो कोविड को कंट्रोल करने में नाकाम रहे, जबकि उनके सलाहकार बार बार कोविड को लेकर उन्हें अलर्ट कर रहे थे और कदम उठाने के लिए कह रहे थे।
2020 का राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद उन्होंने चुनावी नतीजों को मानने से इनकार कर दिया और 6 जनवरी 2021 को उनके समर्थकों ने अमेरिकी संसद पर हमला कर दिया। इस दौरान ट्रंप ने अपने समर्थकों से यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद) में "जंग की तरह लड़ने" का आग्रह किया था। उस आह्वान ने वाशिंगटन में कोहराम मचा दिया। ट्रंप ने अगले कुछ घंटे टीवी पर कार्यवाही देखने में बिताए, जबकि कैपिटल के अंदर मौजूद लोग, जिनमें रिपब्लिकन भी शामिल थे, वो मदद की भीख मांग रहे थे।
इसके कारण उनके पद छोड़ने से ठीक एक हफ्ते पहले उन पर दूसरा महाभियोग चलाया गया, जो किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए रिकॉर्ड है।
व्हाइट हाउस में फिर ट्रंप का राज
तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से व्हाइट हाउस की रेस में शामिल हुए और रिपब्लिकन पार्टी पर उनका पूर्ण नियंत्रण हासिल किया। हालांकि, कई मुकदमों में फंसे होने की वजह से पहले रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने माना था, कि ट्रंप का भविष्य खत्म हो चुका है, लेकिन वो वापसी करने में सफल रहे। डोनाल्ड ट्रंप इतिहास लिख चुके हैं। वो इतिहास बना चुके हैं और उन्होंने एक बेहद कड़ा मुकाबला जीत लिया है।












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