दिवालिया हुआ पाकिस्तान: रक्षा मंत्री ने माना, कंगाल हो चुका है देश, IMF भी अब बचा नहीं सकता
ख्वाजा आसिफ ने इमरान की सरकार पर देश में आतंकियों को पनाह देने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ साल पहले आतंकियों को देश में बसाया गया, जबकि सरकार के आलोचकों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

Image: PTI
पाकिस्तान आजादी के बाद से सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान इससे बचने के लिए बार-बार IMF से लोन मांग रहा है। बीच खुद रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने घोषणा की है कि देश अब "दिवालिया" हो चुका है। मंत्री ने कहा कि हम सब एक डिफॉल्ट हो चुके देश में रह रहे हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि अब IMF भी हमारी मदद नहीं कर सकता है। हमें खुद ही इसका समाधान ढूंढना होगा। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधा।
आर्थिक मंदी से जूझ रहा पाक
सियालकोट में एक प्राइवेट कॉलेज के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए, रक्षा मंत्री और पीएमएल-एन नेता ख्वाजा आसिफ ने कहा, "आप लोगों ने सुना होगा कि पाकिस्तान ने गलती है और ये खबर भी सही है कि हमारा देश में आर्थिक मंदी से जूझ रहा है, जो बिल्कुल सही है। पाकिस्तान दिवालिया हो नहीं रहा है, बल्कि वह पहले ही डिफॉल्ट हो चुका है।" आसिफ ने कहा, "हम एक दिवालिया देश के निवासी हैं। हमारी समस्या का समाधान देश के भीतर है।"
'IMF के पास सॉल्यूशन नहीं'
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि IMF के पास देश की समस्याओं का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना, नौकरशाही और नेता हर कोई इस समस्या के लिए गुनहगार है। क्योंकि पाकिस्तान को ठीक तरीके से चलाने के लिए संविधान और कानून का पालन नहीं किया गया। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान को ठीक होने के लिए हमें अब अपने पैरों पर खड़े होने की जरूरत है। ख्वाजा आसिफ ने पीटीआई के नेतृत्व वाली इमरान खान सरकार को देश में आतंकवाद फैलाने और पाकिस्तान में लौटने की अनुमति देने के लिए भी आलोचना की।
आतंकवाद की वजह इमरान खान
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि रिपोर्टों से पता चलता है कि उन्होंने यहां तक कहा कि इमरान खान ने ऐसा खेल ईजाद किया है कि अब आतंकवाद पाकिस्तान की नियति है। उन्होंने कहा कि करीब ढाई साल पहले आतंकियों को देश में बसाया गया, जबकि सरकार के आलोचकों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। इसी का परिणाम है कि देश में आतंकवाद की मौजूदा लहर चली है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद अब हमारी नियति बन चुका है।
गिरता जा रहा विदेशी मुद्रा भंडार
आपको बता दें पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार गिरावट के साथ अब 3 अरब डॉलर के नीचे पहुंच चुका है। ऐसा कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के पास आयात करने के लिए बस 3 सप्ताह का धन बचा हुआ है। ऐसे हालातों में पाकिस्तान की पूरी आस अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिलने वाली मदद पर टिकी हुई है, जिसमें लगातार देरी होती जा रही है। IMF से डील में हो रही लेट-लतीफी को लेकर पूर्व इन्वेस्टमेंट बैंकर और इक्विटी निवेश प्रमुख, यूसुफ नजर ने कहा कि वित्त मंत्री इशाक डार के पास ग्लोबल लैंडर आईएमएफ के साथ काम करने या फिर सुधारों का प्लान पेश करने की कोई स्पेशिएलिटी नहीं है।












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