अंतरिक्ष में 157 दिन बिताने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने मेक्सिको की खाड़ी में कैसे लगाई छलांग ? देखिए Video
नासा का एंड्योरेंस मिशन 157 दिनों की यात्रा के बाद अंतरिक्ष से सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आया है। नासा ने स्प्लैशडाउन का वीडियो शेयर किया है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री थे, जिसमें एक रूसी महिला अंतरिक्ष यात्री थी।

अंतरिक्ष में करीब पांच महीने बिताने के बाद चार अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित धरती पर उतर आए हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष संगठन नासा ने उनके स्पेसक्राफ्ट के स्प्लैशडाउन होने का वीडियो शेयर किया है। ये चारों अंतरिक्ष यात्री पिछले साल अक्टूबर में ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए थे। इनमें दो अमेरिकी एक रूसी और एक जापानी अंतरिक्ष यात्री थे। नासा के मुताबिक ये वैज्ञानिक जिस साइंस मिशन पर गए थे, वह पूरा करके लौटे हैं। इस मिशन को क्रू5 के नाम से जाना जा रहा है और इस मिशन को एंड्योरेंस का नाम दिया गया था।

समुद्र में क्रू5 ने किया छपाक!
अंतरिक्ष की शून्यता में 157 दिन गुजारने के बाद चार अंतरिक्ष यात्री धरती पर वापस लौट आए हैं। जब ये चारों अंतरिक्ष यात्री मेक्सिको की खाड़ी में समुद्र के पानी में छपाक से उतरे तो वहां का नजारा बहुत ही खास था। इन अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट की सवारी की है, जिसे उन्होंने इस मिशन के लिए एंड्योरेंस नाम दिया था। यह अंतरिक्ष यान पैराशूट से फ्लोरिडा के टाम्पा के तट के पास समुद्र में उतरा है। इसपर सवार चार अंतरिक्ष यात्रियों में से दो नासा के, एक जापानी और एक रूसी अंतरिक्ष यात्री थे।

अक्टूबर में ही अंतरिक्ष में गया था क्रू5
इन अंतरिक्ष यात्रियों को ऑर्बिटल रिसर्च लैब से पृथ्वी तक पहुंचने में करीब 19 घंटे लगे। तीन देशों के अंतरिक्ष यात्रियों का यह दल पिछले साल अक्टूबर में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था और वहां करीब 5 महीने गुजार कर लौटा है। इस मिशन को नासा की अंतरिक्ष यात्री निकोल मान ने लीड किया, जो कि अंतरिक्ष में जाने वाली पहली मूल अमेरिकी महिला हैं। ये लोग शनिवार सुबह अंतरिक्ष स्टेशन से निकले थे और 19 घंटे से कुछ कम वक्त में उनका ड्रैगन कैप्सूल समुद्र में गोते खा रहा था।

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तेज हवा और ऊंची लहरों की वजह से देर से लौटे
इस मिशन में शामिल 38 साल की रूसी अन्ना किकिना पहली रूसी हैं, जो बीते 20 वर्षों में अमेरिकी स्पेसक्राफ्ट की यात्री बनीं। वहीं नासा के 49 वर्षीय पायलट जोश कैसाडा और जापान के 59 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री चार बार पहले भी अंतरिक्ष की यात्रा कर चुके हैं। इससे पहले उनके समुद्र में उतरने वाले स्थान पर तेज हवाओं और ऊंची लहरों की वजह से उन्हें स्पेस स्टेशन पर ही कुछ अतिरक्त दिन गुजारने पड़े।

स्प्लैशडाउन के वक्त सिर्फ 24 किमी थी रफ्तार
अंतरिक्ष यान के उतरते वक्त घर्षण की वजह से कैप्सूल के बाहर का तापमान 1,930 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। कैप्सूल को उतरने के वेग को कम करने के लिए पैराशूट के दो सेट तैनात किए गए थे, जिससे स्प्लैशडाउन से ठीक पहले इसकी गति महज 24 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई थी। जापानी अंतरिक्ष यात्री कोइची वकाटा ने कहा, 'हम घर आकर खुश हैं।' जबकि, रूसी अंतरिक्ष यात्री को एक गर्म चाय की तलब लगी थी, 'असली कप वाली, प्लास्टिक बैग वाली नहीं।'
अंतरिक्ष स्टेशन पर रह गए सात अंतरिक्ष यात्री
अब अंतरिक्ष स्टेशन में कुल सात अंतरिक्ष यात्री रह गए हैं। तीन अमेरिकी, तीन रूसी और एक संयुक्त अरब अमीरात से। अंतरिक्ष यान के फ्लोरिडा के टाम्पा तट के पास समुद्र में उतरने के बारे में नासा ने ट्वीट किया है, 'क्रू5 पृथ्वी पर वापस लौट आया है, अंतरिक्ष स्टेशन पर करीब 6 महीने का साइंस मिशन पूरा करने के बाद।......'












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