CPEC 2.0: चीन और पाकिस्तान ने की सीपीईसी 2.0 की घोषणा, ड्रैगन ने फिर जिन्ना के देश को दिखाया विकास का लॉलीपॉप!
China-Pakistan CPEC 2.0: चीन और पाकिस्तान के बीच भले ही CPEC 1.0 अभी तक कामयाब नहीं हो पाया हो, लेकिन शनिवार को पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान और चीन ने अपनी "सदाबहार रणनीतिक" साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जिसमें अरबों डॉलर की चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के दूसरे चरण के "उच्च-गुणवत्ता वाले विकास" पर काम करना शामिल है।
जियो न्यूज के मुताबिक, यह घटनाक्रम शुक्रवार को बीजिंग में पाकिस्तान-चीन द्विपक्षीय राजनीतिक परामर्श (BPC) के चौथे दौर के दौरान हुआ। विदेश सचिव अमना बलूच ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जबकि उप विदेश मंत्री सन वेइदोंग ने चीनी पक्ष का नेतृत्व किया।

चीन और पाकिस्तान ने की सीपीईसी 2.0 की घोषणा (China-Pakistan CPEC 2.0)
बैठक में दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा की गई, जिसमें सीपीईसी 2.0 के उच्च-गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाने वाली परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, "दोनों पक्ष सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं, जो कि दोनों पक्षों के लिए जीत-जीत सहयोग की अवधारणा और लोगों पर केंद्रित, समावेशी विकास की खोज से प्रेरित है।"
बैठक में क्षेत्रीय संपर्क और आम समृद्धि को बढ़ावा देने में सीपीईसी की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया गया, जिसमें अन्य देशों के साथ साझेदारी के माध्यम से भी शामिल है।
आपको बता दें, कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के झिंजियांग प्रांत से जोड़ने वाला सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) की प्रमुख परियोजना है। बीआरआई को चीन द्वारा दुनिया भर में चीनी निवेश द्वारा वित्तपोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ विदेशों में अपने प्रभाव को बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के दौरान पाकिस्तान के विदेश सचिव ने सीपीईसी को आर्थिक सहयोग की आधारशिला और दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता का एक "चमकता हुआ प्रतीक" बताया।
चीनी उप विदेश मंत्री ने सीपीईसी 2.0 के तहत शुरू किए गए पांच नए गलियारों, 1- विकास, 2- आजीविका, 3- नवाचार, 4- खुले और 5- हरित गलियारे के पारस्परिक रूप से मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला, जिसमें पाकिस्तान का राष्ट्रीय विकास ढांचा 5E पर केंद्रित है, यानि निर्यात, ई-पाकिस्तान, ऊर्जा, पर्यावरण और समानता।
बैठक में, बलूच ने पाकिस्तान-चीन संबंधों को "विशेष" और "अद्वितीय" बताया, और कहा कि पाकिस्तान की सरकार और लोग दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता को गहराई से संजोते हैं। बयान में कहा गया है, कि इस्लामाबाद और बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित बहुपक्षीय मंचों पर अपने आपसी समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि सीपीईसी 2.0 का मतलब भी यही होगा, कि पाकिस्तान को और चीनी कर्ज मिलेंगे, क्योंकि पाकिस्तान के पास पैसे नहीं हैं, कि वो पहले सीपीईसी में भी अपने हिस्से का निवेश कर पाए और यही वजह है, पहले सीपीईसी का काम भी अटका पड़ा है। वहीं, कई एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं, कि पहले सीपीईसी से भी पाकिस्तान को कुछ हासिल नहीं हो पाया और ना ही दूसरे सीपीईसी से कुछ हासिल होगा, क्योंकि सामान बेचने के लिए सामान बनाने की जरूरत होती है और पाकिस्तान आखिर ऐसा क्या बनाता है, कि वो दुनिया को निर्यात करेगा?












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