चीन में काल बन गया कोरोना! एक हफ्ते में करीब 13,000 लोगों की गई जान, जानें कहां पहुंचा संभावित आंकड़ा ?
चीन में कोविड की वजह से कोहराम मचने की आशंका सही साबित होने लगी है। अब वहां आधिकारिक तौर पर माना गया है कि पिछले हफ्ते सिर्फ अस्पतालों में इससे संबंधित परेशानियों से 13 सौ लोगों की जान चली गई है।

चीन में कोरोना को लेकर जिस तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, वह सही साबित होती दिख रही है। अब खुद चीन की सरकार ने भी रोजाना हजारों मौतों की बातें स्वीकारनी शुरू कर दी है। हालांकि, चीन के किसी भी आंकड़ें पर अंतरराष्ट्रीय जगत सीधे तौर पर यकीन करने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि पिछले महीने तक कोरोना कंट्रोल के लिए जीरो-कोविड पॉलिसी पर चलने वाला चीन अचानक कहने लगा है कि उसकी 80 फीसदी से ज्यादा आबादी कोरोना वायरस से संक्रिमत हो चुकी है। जहां तक मौतों का आंकड़ा है तो कुछ स्वतंत्र एजेंसियां आंकड़ा लाखों में बता रही हैं।
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सिर्फ अस्पतालों में पिछले हफ्ते कोविड से करीब 13,000 की गई जान
चीन में कोरोना काल बन चुका है, यह स्थिति अब वहां के सरकारी आंकडों में भी स्पष्ट होने लगी है। एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 13 से 19 जनवरी के बीच में चीन के अस्पतालों में कोविड की वजह से करीब 13,000 लोगों की जान जा चुकी है। चीन के बारे में यह जानकारी ऐसे समय में आई है, जब वहां के एक बड़े स्वास्थ्य अधिकारी कह चुके हैं, अधिकतर आबादी को कोरोना का संक्रमण हो चुका है। एक हफ्ते पहले चीन ने कहा था कि 12 जनवरी तक वहां के अस्पतालों में कोविड से मरने वालों की संख्या लगभग 60,000 ही थी। लेकिन, सच्चाई है कि चीन के आधिकारिक आंकड़ों को दुनिया भर में ज्यादातर संदेह के साथ ही देखा जाता रहा है। चीन में कोरोना की यह भयानकता तब बढ़ी है, जब पिछले महीने की शुरुआत में उसने बहुत ही सख्त कोरोना पाबंदियों में अचानक ढील दे दी थी।

आगे रोजाना 36,000 मौतों का अनुमान
शनिवार को चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने एक बयान में कहा कि अस्पतालों में दाखिल 681 मरीजों की मौत कोरोना वायरस इंफेक्शन के चलते सांस रुकने की वजह से हुई, जबकि 11,977 को संक्रमण के साथ-साथ अन्य बीमारियां भी थीं। यहां गौर करने वाली बात ये है कि चीन के इस सरकारी आंकड़े में भी उन लोगों को नहीं गिना गया है, जिनकी जान कोविड ने उनके घरों पर ही ले लिया है। एक स्वतंत्र भविष्यवाणी करने वाली कंपनी एयरफिनिटी ने अनुमान लगाया है कि चीन में चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के दौरान रोजाना 36,000 से ज्यादा लोग चीन में सिर्फ कोविड की वजह से मारे जाएंगे।

दिसंबर से 6,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत-रिपोर्ट
इस संस्था का तो अनुमान ये है कि जबसे पिछले दिसंबर में चीन की शी जिनपिंग सरकार ने जीरो-कोविड पॉलिसी को खत्म किया है, वहां कोरोना की वजह से 6,00,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। चीन में रविवार को चंद्र नव वर्ष है और इसकी वजह से देशभर में करोड़ों लोग अपने-अपने परिवारों के पास जाना शुरू कर चुके हैं। साल में यही ऐसा मौका होता है, जब चाइनीज अपने परिवारों के बीच में रहना पसंद करते हैं। लेकिन, इस बार चीन में कोरोना के प्रकोप ने इसके चलते हालात अनियंत्रित होने के आसार बना दिए हैं।

'करीब 80 फीसदी लोग पहले ही हो चुके संक्रमित'
हालांकि, चीन सरकार के बड़े स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि इन छुट्टियों के बावजूद कोई नई लहर पैदा होने की आशंका नहीं है, क्योंकि वहां करीब 80 फीसदी लोग पहले से ही इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। चीन के सीडीसी के चीफ एपिडेमियोलॉजिस्ट वू जुन्यू ने शनिवार को Weibo पर एक पोस्ट में कहा था, 'हालांकि, वसंत उत्सव के बीच में बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले लोग महामारी को फैलाने में कुछ हद तक रोल निभा सकते हैं......महामारी की मौजूदा लहर पहले ही देश के करीब 80 फीसदी लोगों को संक्रमित कर चुकी है।'

अचानक यह 80% वाली थ्योरी कहां से आ गई ?
उन्होंने यह उम्मीद जताई कि 'अगर संक्षेप में कहें तो उदाहरण के तौर पर अगले दो-तीन महीनों तक पूरे देश में दूसरी लहर की आशंका बहुत ही कम है.....' हैरानी की बात ये है कि चीन के बड़े स्वास्थ्य अधिकारी अब कह रहे हैं कि 80 फीसदी लोग संक्रमित हो चुके हैं। तो सवाल है कि जब दिसंबर तक जीरो-कोविड पॉलिसी थी और उससे पहले संक्रमण के आंकड़े बहुत सीमित बताए जाते थे, तो अचानक यह 80% वाली थ्योरी कहां से आ गई ? बहरहाल चीन के ट्रांसपोर्ट अधिकारियों का अनुमान है कि चीन की इस सालाना छुट्टियों के दौरान, जब दुनिया में सबसे ज्यादा संख्या में लोग आवाजाही में शामिल होते हैं, चीनी नागरिक दो अरब से भी ज्यादा फेरे लगाएंगे।












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